लेखपाल पर भू-माफियाओं से साठगांठ का आरोप
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव। जनपद की सफीपुर तहसील के अंतर्गत आने वाले कटरी क्षेत्र में सीमा विवाद ने अब एक उग्र रूप धारण कर लिया है। रूपपुर चन्देला एहतमाली, ददलहा और कटरी अल्लीपुर जैसे गांवों के बीच वर्षों से चल रहा जमीनी विवाद सुलझने के बजाय और उलझ गया है। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय लेखपाल सुमित अवस्थी पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उन्होंने भू-माफियाओं के साथ मिलकर राजस्व टीम द्वारा लगाए गए सीमा स्तंभों को उखड़वा दिया है। इस घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव व्याप्त है और मारपीट का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
300 बीघा ग्राम समाज भूमि पर अवैध कब्जे का खेल
मामला रूपपुर चन्देला एहतमाली की लगभग 300 बीघा ग्राम समाज की भूमि से जुड़ा है। ग्राम प्रधान राम रोशनी और स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इस बेशकीमती सरकारी भूमि पर ददलहा और कटरी अल्लीपुर के दबंग शिवराम, राजकुमार, पन्ना, मनोज, सोनू और गोविंद ने अवैध कब्जा कर रखा है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि यह कब्जा लेखपाल सुमित अवस्थी की मिलीभगत से पिछले कई वर्षों से फल-फूल रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, वे पिछले एक साल से शासन-प्रशासन के चक्कर काट रहे थे ताकि सीमांकन हो सके। करीब दस दिन पहले प्रशासन ने उनकी गुहार सुनी और दस लेखपालों की एक संयुक्त टीम भेजी गई। इस टीम ने आठ-दस दिनों तक कड़ी मेहनत कर पैमाइश की और गांवों की सीमाएं तय करते हुए वहां पक्के सीमा स्तंभ (पिलर) गाड़ दिए थे। इससे ग्रामीणों को लगा कि अब विवाद खत्म हो जाएगा, लेकिन खेल अभी शुरू होना बाकी था।
लेखपाल की एंट्री और रात के अंधेरे में ‘ऑपरेशन पिलर’
ग्रामीणों का दावा है कि 10 जनवरी को कटरी क्षेत्र के लेखपाल सुमित अवस्थी मौके पर पहुँचे और पूरी राजस्व टीम की पैमाइश को ही गलत करार दे दिया। उन्होंने अपने अलग नियम बताते हुए ग्रामवासियों की सीमा के करीब 200 मीटर अंदर मनमाने ढंग से नई निशानदेही कर दी। जब ग्रामीणों ने इसका पुरजोर विरोध किया, तो लेखपाल वहां से चले गए।
आरोप है कि उसी रात लेखपाल की शह पर भू-माफिया शिवराम और उसके साथियों ने राजस्व टीम द्वारा लगाए गए पुराने सीमा स्तंभों को जड़ से उखाड़ दिया। इतना ही नहीं, दबंगों ने उन स्तंभों को लेखपाल द्वारा बताई गई ‘गलत’ जगह पर लगाने की कोशिश की। जब ग्रामीणों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो दबंगों ने लाठी-डंडों से उन्हें दौड़ा लिया। इस दौरान मौके पर काफी अफरा-तफरी मची और मारपीट का एक वीडियो भी सामने आया है, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
विवादित लेखपाल की वापसी पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने लेखपाल सुमित अवस्थी के इतिहास पर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सुमित अवस्थी पहले भी कई वर्षों तक इसी कटरी क्षेत्र में तैनात रहे हैं। उस दौरान उन पर सरकारी रेता (बालू) और सरकारी भूमि को भू-माफियाओं के हवाले करने के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके चलते उनका कार्यक्षेत्र बदला गया था। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि आखिर एक दागी और विवादित लेखपाल को दोबारा उसी क्षेत्र की जिम्मेदारी क्यों सौंपी गई?
प्रशासन से न्याय की गुहार, दी चेतावनी
वर्तमान में गांव में भारी तनाव की स्थिति है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी (SDM) सफीपुर से मांग की है कि:
- लेखपाल सुमित अवस्थी को तुरंत निलंबित कर उनकी भूमिका की जांच की जाए।
- अवैध कब्जा करने वाले शिवराम और अन्य भू-माफियाओं पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हो।
- राजस्व टीम द्वारा पूर्व में लगाए गए सीमा स्तंभों को उनकी मूल जगह पर दोबारा स्थापित किया जाए।
ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं की और भू-माफियाओं का साथ देना बंद नहीं किया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। उधर, तहसील प्रशासन का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है और जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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