कटान के चलते प्रशासन ने बदले घाट
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव। आस्था के महापर्व मकर संक्रांति को लेकर उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में प्रशासन ने बेहद महत्वपूर्ण और कड़ा निर्णय लिया है। गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव और लगातार हो रहे भीषण कटान के कारण प्रसिद्ध ‘मिशा घाट’ और पुराने पुल के आसपास के क्षेत्र को असुरक्षित घोषित कर दिया गया है। जिला प्रशासन और नगर पालिका परिषद ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए इस बार मकर संक्रांति स्नान के मुख्य स्थल को बदलने का फैसला किया है।
सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया फैसला
गंगा घाट कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला मिश्रा घाट लंबे समय से कटान की समस्या से जूझ रहा है। वर्तमान में यहाँ गंगा की धारा किनारों को तेजी से काट रही है, जिससे घाट की जमीन दलदली और खतरनाक हो गई है। आगामी 14-15 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर यहाँ 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। इतनी भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहता।
नगर पालिका परिषद उन्नाव के अधिशासी अधिकारी और गंगा घाट प्रभारी अजय कुमार सिंह, सभासद प्रतिनिधि अनीश शुक्ला तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि मिश्रा घाट पर कटान इतना गहरा है कि गहरे पानी में जाने या मिट्टी धंसने का खतरा बना हुआ है। इसी को देखते हुए सामूहिक रूप से यहाँ स्नान प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया।
अब यहाँ होगा मकर संक्रांति स्नान
प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए नए और सुरक्षित स्नान स्थल निर्धारित किए हैं। अब श्रद्धालु रेलवे ट्रैक से लेकर नवीन पुल (नया पुल) के समीप के तटों पर स्नान कर सकेंगे। इन स्थलों पर रेतीली भूमि स्थिर है और पानी का बहाव भी नियंत्रित है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पुराने पुल और मिश्रा घाट की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की जाएगी ताकि कोई भी अनजाने में खतरे वाले क्षेत्र में न जा सके।
प्रशासन की तैयारियां और सुरक्षा व्यवस्था
गंगा घाट प्रभारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि नए स्नान स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं:
- बैरिकेडिंग और जाल: गहरे पानी को चिन्हित करने के लिए रस्सी और बल्लियों से बैरिकेडिंग की जा रही है। साथ ही पानी के भीतर जाल भी लगाए जा रहे हैं।
- प्रकाश और सफाई: मकर संक्रांति पर श्रद्धालु तड़के (भोर) से ही स्नान शुरू कर देते हैं, इसलिए पूरे तट पर हाई-मास्ट लाइटें और जनरेटर की व्यवस्था की गई है। नगर पालिका की टीमें घाटों की सफाई में जुटी हैं।
- गोताखोरों की तैनाती: किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जल पुलिस के साथ-साथ निजी गोताखोरों और मल्लाहों की एक बड़ी टीम तैनात रहेगी। स्टीमर और नावों के जरिए लगातार पेट्रोलिंग की जाएगी।
- बुनियादी सुविधाएं: महिलाओं के लिए अस्थायी ‘चेंजिंग रूम’, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और पीने के पानी के टैंकरों की व्यवस्था की जा रही है।
भीड़ और यातायात प्रबंधन
मकर संक्रांति पर उन्नाव ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग आते हैं। भीड़ को देखते हुए यातायात पुलिस ने रूट डायवर्जन का प्लान भी तैयार किया है। भारी वाहनों का प्रवेश शहर की सीमा में प्रतिबंधित रहेगा ताकि पैदल आने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।
अजय कुमार सिंह ने जनता से अपील करते हुए कहा, “श्रद्धालुओं की जान की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। मिश्रा घाट पर कटान के कारण स्थिति गंभीर है, इसलिए लोग प्रशासन का सहयोग करें और केवल निर्धारित सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें। अफवाहों पर ध्यान न दें और पुलिस व गोताखोरों के निर्देशों का पालन करें।”
मकर संक्रांति का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान और दान का विशेष महत्व है। माना जाता है कि इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उत्तरायण होते हैं। इस अवसर पर उन्नाव के गंगा तटों पर लाखों की संख्या में लोग पुण्य की डुबकी लगाते हैं। प्रशासन के इस समयोचित फैसले से एक बड़े हादसे की आशंका को टाल दिया गया है, जिससे श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से पर्व मना सकेंगे।
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