24 ट्रकों पर गिरा खनन विभाग का डंडा
उन्नाव | प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times)
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद में अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। जिलाधिकारी के कड़े निर्देशों के अनुपालन में, खनन विभाग ने जनपद की सीमाओं और प्रमुख मार्गों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पिछले तीन दिनों से लगातार चल रहे इस विशेष अभियान के तहत विभाग ने अवैध परिवहन में संलिप्त कुल 24 भारी वाहनों (ट्रकों) को दबोचा है, जिनसे लाखों रुपये का राजस्व वसूला गया है।
खनन निरीक्षक प्रांजल सिंह के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई
अवैध खनन, ओवरलोडिंग और बिना रॉयल्टी के मिट्टी व मौरंग का परिवहन करने वालों पर अंकुश लगाने के लिए खनन विभाग की टीम सड़कों पर उतरी। खनन निरीक्षक प्रांजल सिंह के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई ने खनन माफियाओं और नियमों को ताक पर रखकर ट्रक दौड़ाने वाले मालिकों में हड़कंप मचा दिया है।
अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान जिले के उन संवेदनशील रास्तों पर चलाया गया, जहां से अक्सर रात के अंधेरे या सुबह तड़के ओवरलोड ट्रक गुजरते हैं। टीम ने आकस्मिक घेराबंदी कर वाहनों के प्रपत्रों की जांच की, जिसमें कई ट्रक बिना वैध रॉयल्टी (e-MM11) और क्षमता से अधिक भार लादे हुए पाए गए।
3 दिनों का विशेष अभियान: 24 ट्रक सीज और चालान
खनन विभाग की यह कार्रवाई किसी एक दिन तक सीमित नहीं रही, बल्कि लगातार तीसरे दिन भी जारी रही।
- प्रथम चरण: अभियान के शुरुआती दो दिनों में संदिग्ध वाहनों को चिन्हित कर रोका गया।
- सख्त कार्रवाई: तीसरे दिन की समाप्ति तक कुल 24 ट्रकों का चालान किया गया।
- जुर्माना और राजस्व: पकड़े गए ट्रकों पर ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन के तहत लाखों रुपये का जुर्माना लगाया गया है। विभाग का अनुमान है कि इस कार्रवाई से सरकारी खजाने में भारी राजस्व की वृद्धि होगी।
अवैध खनन और ओवरलोडिंग से सड़कों को नुकसान
खनन निरीक्षक प्रांजल सिंह ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि ओवरलोडिंग न केवल राजस्व की चोरी है, बल्कि यह सार्वजनिक संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुँचाती है। क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले इन ट्रकों के कारण जिले की नवनिर्मित सड़कें समय से पहले ही क्षतिग्रस्त हो रही हैं। साथ ही, ओवरलोड ट्रक सड़क हादसों का भी एक प्रमुख कारण बनते हैं।
उन्होंने कहा, “शासन की स्पष्ट मंशा है कि किसी भी सूरत में अवैध खनन और बिना रॉयल्टी के परिवहन नहीं होने दिया जाएगा। पकड़े गए सभी 24 वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की गई है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।”
माफियाओं के ‘नेटवर्क’ पर प्रहार
खनन विभाग की इस सक्रियता से उन लोगों के नेटवर्क को गहरा झटका लगा है जो चोरी-छिपे खनन कार्यों को अंजाम देते हैं। सूत्र बताते हैं कि खनन माफिया अक्सर सोशल मीडिया ग्रुप्स और ‘लोकेशन’ देने वाले गुर्गों के जरिए अधिकारियों की आवाजाही पर नजर रखते हैं, लेकिन इस बार खनन विभाग की टीम ने अपनी रणनीति बदलते हुए अलग-अलग समय पर छापेमारी की, जिससे ट्रक चालक संभलने का मौका नहीं पा सके।
जनता और प्रशासन का रुख
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। ग्रामीणों का कहना है कि ओवरलोड ट्रकों के कारण उड़ने वाली धूल और खराब होती सड़कों से उन्हें काफी परेशानी होती थी। अब उम्मीद है कि इस तरह के कड़े कदमों से अवैध गतिविधियों पर लगाम लगेगी।
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई भी ट्रक मालिक या चालक नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसका वाहन न केवल सीज किया जाएगा, बल्कि संबंधित के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है।
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