10 दिन से लापता रसोइए का नाली में मिला शव
उन्नाव | प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times)
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। अजगैन कोतवाली क्षेत्र के कस्बा अजगैन में पिछले 10 दिनों से लापता एक व्यक्ति का शव सोमवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में एक नाली से बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना फैलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। परिजनों ने सीधे तौर पर हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा मामला?
अजगैन कस्बे के मोहल्ला कुशुमहार निवासी 45 वर्षीय राजेश लोधी पुत्र स्वर्गीय राम किशन पेशे से हलवाई (खाना बनाने) का काम करते थे। परिजनों के मुताबिक, राजेश बीते 10 दिनों से रहस्यमय तरीके से लापता थे। काफी खोजबीन के बाद भी जब उनका कुछ पता नहीं चला, तो परिवार में कोहराम मचा हुआ था। सोमवार शाम को ग्रामीणों ने नाली में एक शव पड़ा देखा, जिसकी पहचान राजेश लोधी के रूप में हुई।
शव की हालत देख सहम गए लोग
जब राजेश का शव नाली से बाहर निकाला गया, तो उसकी स्थिति काफी खराब थी। 10 दिन पुराना होने के कारण शव क्षत-विक्षत होने लगा था। मौके पर पहुंची अजगैन पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मौत के वास्तविक समय और कारणों का पता लगाया जा सके।
परिजनों का आरोप: “गायब नहीं हुए थे, मार दिए गए”
राजेश की मौत की खबर मिलते ही पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि राजेश की स्वाभाविक मौत नहीं हुई है, बल्कि उनकी हत्या करके शव को नाली में फेंका गया है।
परिजनों का कहना है कि:
- राजेश का किसी से कोई बड़ा विवाद नहीं था, लेकिन 10 दिन तक उनका लापता रहना और फिर नाली में शव मिलना गहरी साजिश की ओर इशारा करता है।
- उन्होंने मांग की है कि पुलिस उन लोगों से पूछताछ करे जिनके साथ राजेश को आखिरी बार देखा गया था।
- परिवार ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच के बिंदु
अजगैन कोतवाली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
पुलिस जांच के मुख्य बिंदु:
- कॉल डिटेल्स: पुलिस राजेश के मोबाइल की कॉल डिटेल्स खंगाल रही है ताकि पता चल सके कि लापता होने से पहले उन्होंने किससे बात की थी।
- लापता होने की रिपोर्ट: क्या 10 दिन पहले पुलिस को राजेश के गायब होने की सूचना दी गई थी? यदि हाँ, तो पुलिस ने तब क्या कार्रवाई की थी?
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट: शरीर पर चोट के निशान हैं या नहीं, यह रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा।
इलाके में तनाव और शोक का माहौल
कुशुमहार मोहल्ले में राजेश एक मिलनसार व्यक्ति के रूप में जाने जाते थे। उनके इस तरह से संदिग्ध मौत पर मोहल्लेवासी भी स्तब्ध हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अपराधियों में कानून का खौफ खत्म होता जा रहा है।
संपादक की कलम से
उन्नाव में अपराध का ग्राफ एक बार फिर चर्चा में है। 10 दिन तक एक व्यक्ति लापता रहता है और फिर उसका शव घर के पास ही नाली में मिलता है, यह स्थानीय पुलिस की गश्त और सूचना तंत्र पर भी सवालिया निशान खड़े करता है। क्या राजेश की हत्या हुई या यह कोई दुर्घटना थी? यह सवाल अब पुलिस की तफ्तीश के घेरे में है।
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