भूमि विवाद में खूनी खेल
उन्नाव। प्रलभ शरण चौधरी / ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ महज जमीन के एक छोटे से टुकड़े के विवाद ने एक युवक की जान ले ली। मौरावां थाना क्षेत्र के पारा गांव में सहन की भूमि पर कब्जे को लेकर हुए विवाद में दबंग पड़ोसी पिता-पुत्र ने 40 वर्षीय युवक पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए शुक्रवार को दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन परिजनों का आरोप है कि अगर पुलिस पहले जाग जाती तो शायद आज युवक जीवित होता।
क्या है पूरा मामला?
घटना मौरावां थाना क्षेत्र के पारा गांव की है। यहाँ के निवासी 40 वर्षीय इंद्रबहादुर उर्फ बहादुर (पुत्र स्वर्गीय भगवानदीन) का अपने पड़ोसी सोहनलाल के साथ घर के सामने स्थित ‘सहन’ की भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। बहादुर अविवाहित था और अपने भाई के साथ रहकर जीवन यापन कर रहा था। उसके माता-पिता का पहले ही स्वर्गवास हो चुका था।
बताया जा रहा है कि पड़ोसी सोहनलाल और उसके बेटे उस सहन की भूमि पर बल्ली लगाकर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे। इसी बात को लेकर बीते शनिवार को भी दोनों पक्षों में जमकर कहासुनी और मारपीट हुई थी।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
परिजनों के अनुसार, शनिवार को हुई मारपीट के बाद मृतक की बहन पुष्पा ने थाने में लिखित तहरीर देकर अपनी जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई थी। लेकिन आरोप है कि पुलिस ने उस समय मामले को गंभीरता से नहीं लिया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। परिजनों का साफ कहना है कि पुलिस की इसी ढिलाई के कारण आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए और उन्होंने मंगलवार को इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दे दिया।
मंगलवार शाम को हुआ ‘खूनी तांडव’
शनिवार के विवाद के बाद से ही सोहनलाल और उसका बेटा तेज बहादुर मौके की तलाश में थे। मंगलवार शाम को जब बहादुर अपने घर से करीब 200 मीटर की दूरी पर था, तभी पिता-पुत्र ने उसे घेर लिया। इससे पहले कि बहादुर कुछ समझ पाता, आरोपियों ने कुल्हाड़ी से उसके सिर पर कई वार कर दिए।
चीख-पुकार सुनकर जब बहादुर का बड़ा भाई रामनरेश उसे बचाने के लिए दौड़ा, तो आरोपियों ने उसे भी नहीं बख्शा और उसके साथ भी मारपीट की। बहादुर लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा और आरोपी मौके से फरार हो गए। ग्रामीण और पुलिस आनन-फानन में घायल बहादुर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
हत्याकांड के बाद गांव में तनाव और शोक का माहौल व्याप्त हो गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) जयप्रकाश सिंह ने मामले का संज्ञान लेते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। मौरावां थाना पुलिस ने मृतक के भाई रामनरेश की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू की।
शुक्रवार को पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी जब मुखबिर की सूचना पर ग्राम बाबाखेड़ा सड़क की पुलिया के पास से हत्या के दोनों वांछित अभियुक्तों—सोहनलाल और उसके बेटे तेज बहादुर—को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई खून से सनी कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है।
गाँव में पसरा सन्नाटा
बहादुर की मौत के बाद से पारा गांव में मातम पसरा है। ग्रामीण इस बात से आक्रोशित हैं कि एक मामूली जमीन के टुकड़े के लिए किसी की जान ले ली गई। वहीं, पुलिस अब इस मामले की कानूनी पैरवी में जुटी है ताकि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है और साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। हालांकि, यह घटना एक बार फिर ग्रामीण अंचलों में भूमि विवादों के निस्तारण में होने वाली देरी और पुलिस की प्रारंभिक लापरवाही की ओर इशारा करती है।
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