पुरानी रंजिश ने ली 15 वर्षीय किशोर की जान
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से प्रतिशोध और अपराध की एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं और कानून व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। असोहा थाना क्षेत्र के राधानगरी मजरा दरसवां में बीते गुरुवार को लापता हुए 15 वर्षीय किशोर सूरज की हत्या का राजफाश करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस हत्या की पटकथा डेढ़ साल पुरानी एक रंजिश और जेल से छूटकर आए किशोर के कथित ‘तानों’ से लिखी गई थी।
लापता होने के अगले दिन खेत में मिला था शव
घटना की शुरुआत बुधवार शाम से हुई, जब राधानगरी निवासी रामकुमार का 15 वर्षीय पुत्र सूरज शाम करीब पांच बजे बाजार जाने की बात कहकर घर से निकला था। जब देर रात तक सूरज घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। गुरुवार सुबह करीब नौ बजे गांव के बाहर एक खेत में ग्रामीणों ने एक किशोर का शव पड़ा देखा, जिसकी शिनाख्त सूरज के रूप में हुई।
सूचना मिलते ही असोहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के पिता रामकुमार की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस की सर्विलांस टीम और स्थानीय इनपुट के आधार पर संदिग्धों की घेराबंदी शुरू हुई।
पुलिस की मुस्तैदी: चौराहे से दबोचे गए हत्यारे
प्रभारी निरीक्षक फूल सिंह के नेतृत्व में गठित टीम, जिसमें उपनिरीक्षक सुनील कुमार सिंह, अशोक कुमार और अन्य सिपाही शामिल थे, ने शुक्रवार को बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस ने लालाखेड़ा चौराहे से पुरवा जाने वाली सड़क पर घेराबंदी कर तीन वांछित आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कल्लू (65 वर्ष), अरविंद कुमार (27 वर्ष) और मोनू (38 वर्ष) के रूप में हुई है। पूछताछ में इन आरोपियों ने जो खुलासा किया, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया।
डेढ़ साल पुराना जख्म और ‘ताने’ बनी हत्या की वजह
आरोपियों ने पूछताछ में कुबूल किया कि इस हत्या के पीछे डेढ़ साल पुरानी एक रंजिश थी। आरोपी मोनू ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले उसके 9 वर्षीय बेटे आशीष की पानी में डूबने से मौत हो गई थी। उस समय इस मामले में मृतक सूरज के खिलाफ केस दर्ज हुआ था और उसे बाल सुधार गृह भेजा गया था।
लगभग ढाई महीने पहले सूरज जमानत पर छूटकर वापस गांव आया था। आरोपियों का आरोप है कि गांव आने के बाद सूरज अक्सर उन्हें देखकर ताने मारता था और पुरानी घटना को लेकर उकसाता था। अपने बेटे को खोने का गम और सूरज के तानों ने मोनू और उसके साथियों के भीतर बदले की आग भड़का दी। उन्होंने सूरज को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली।
कैसे दिया वारदात को अंजाम?
बीते बुधवार को जब सूरज बाजार की तरफ जा रहा था, तब आरोपियों ने मोटरसाइकिल से उसका पीछा किया। उन्होंने सूरज को बातों में उलझाया और उसे दरसवां जाने वाले मुख्य मार्ग से हटाकर गोसाईंखेड़ा के सुनसान कच्चे रास्ते पर ले गए। वहां मौका पाकर तीनों ने सूरज को दबोच लिया और गला दबाकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से उन्होंने शव को पास के ही एक खेत में फेंक दिया और फरार हो गए।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है। पकड़े गए आरोपियों में से दो राधानगरी के ही रहने वाले हैं, जबकि तीसरा आरोपी मोनू सोहरामऊ थाना क्षेत्र का निवासी है।
कानूनी कार्रवाई और पुलिस टीम
इस सफल अनावरण में प्रभारी निरीक्षक फूल सिंह, उपनिरीक्षक सुनील कुमार सिंह, अशोक कुमार, कांस्टेबल रोहित कुमार, राहुल कुमार और अमरदीप की अहम भूमिका रही। पुलिस ने सभी आरोपियों को संबंधित धाराओं में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि कैसे छोटी-छोटी रंजिशें और संवादहीनता जघन्य अपराधों को जन्म देती हैं। पुलिस अब इस मामले में मजबूत चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
About The Author
Discover more from Truth India Times
Subscribe to get the latest posts sent to your email.