खाकी की नम आंखों ने दी 'शहीद' साथी को विदाई
उन्नाव | प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times)
: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में आज का सूरज एक बेहद दुखद खबर लेकर आया। डायल 112 में तैनात मुख्य आरक्षी मुकेश कुमार, जिन्होंने अपनी पूरी सेवा जनता की सुरक्षा में लगा दी, शनिवार की काली रात उनके जीवन का अंतिम सफर साबित हुई। ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहे इस जांबाज पुलिसकर्मी को एक सड़क हादसे ने अपनी चपेट में ले लिया। रविवार को जब पुलिस लाइन के शहीद स्मारक पर उनके पार्थिव शरीर को लाया गया, तो कड़क वर्दी में खड़े सख्त अधिकारियों की आंखें भी छलक पड़ीं। राजकीय सम्मान और शोक सलामी के साथ मुकेश कुमार को उनके पैतृक निवास महोबा के लिए अंतिम विदाई दी गई।
आधी रात को काल बनकर आई दुर्घटना
मुख्य आरक्षी मुकेश कुमार (पुत्र बलदेव), जिनका पी.एन.ओ. संख्या 112612968 था, वर्तमान में उन्नाव की डायल 112 सेवा में अपनी सेवाएं दे रहे थे। शनिवार देर रात जब वह अपनी शिफ्ट समाप्त कर वापस लौट रहे थे, तभी रास्ते में वह एक भीषण सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। घायल अवस्था में उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। उपचार के दौरान मुकेश कुमार ने दम तोड़ दिया। उनकी मृत्यु की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में सन्नाटा पसर गया और उनके साथी स्तब्ध रह गए।
शहीद स्मारक पर ‘शोक सलामी’: गूंज उठी मातमी धुन
रविवार को उन्नाव पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक स्थल पर वातावरण अत्यंत गमगीन था। मुकेश कुमार के पार्थिव शरीर को जब तिरंगे में लपेटकर लाया गया, तो वहां मौजूद हर पुलिसकर्मी का गला भर आया। पुलिस गार्द द्वारा उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ ‘शोक सलामी’ दी गई। मातमी धुन के बीच पुलिसकर्मियों ने अपने साथी को अंतिम विदाई दी।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक उन्नाव जय प्रकाश सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) अखिलेश सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) प्रेमचंद और क्षेत्राधिकारी नगर दीपक यादव सहित जनपद के तमाम आला अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया।
“हमने एक अनुशासित सिपाही खो दिया” – एसपी जय प्रकाश सिंह
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “मुख्य आरक्षी मुकेश कुमार केवल एक पुलिसकर्मी नहीं थे, बल्कि वह हमारे परिवार का एक अटूट हिस्सा थे। वह एक कर्तव्यनिष्ठ, अनुशासित और बेहद जिम्मेदार सिपाही थे। उनकी असमय मृत्यु उन्नाव पुलिस परिवार के लिए ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती।”
एसपी ने शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिलाया कि इस दुख की घड़ी में संपूर्ण पुलिस महकमा उनके साथ मजबूती से खड़ा है। विभाग द्वारा उन्हें हर संभव आर्थिक और पारिवारिक सहायता सुनिश्चित की जाएगी।
महोबा के लाल का अंतिम सफर
मुकेश कुमार मूल रूप से जनपद महोबा के थाना चरखारी स्थित रोशनपुरा गांव के रहने वाले थे। राजकीय सम्मान और विदाई कार्यक्रम के उपरांत, उनके पार्थिव शरीर को एक विशेष राजकीय वाहन और सलामी गार्द के साथ उनके पैतृक गांव महोबा के लिए रवाना किया गया। जब उनका शव वाहन पुलिस लाइन के गेट से बाहर निकला, तो वहां मौजूद सैकड़ों पुलिसकर्मियों ने हाथ उठाकर अपने जांबाज साथी को अंतिम सलाम दिया।
ड्यूटी की थकान और सड़कों का खतरा
यह घटना एक बार फिर पुलिसकर्मियों की चुनौतीपूर्ण कार्यशैली और सड़क सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करती है। अक्सर पुलिसकर्मी दिन-रात की शिफ्ट के बाद थके हुए हाल में घर लौटते हैं, जहाँ सड़कों पर दौड़ते अनियंत्रित वाहन उनके लिए खतरा बन जाते हैं। मुकेश कुमार का जाना उनके परिवार के लिए वज्रपात जैसा है, जहाँ उनके बच्चे और परिजन उनके घर लौटने का इंतजार कर रहे थे।
निष्कर्ष: यादों में रहेंगे मुकेश कुमार
मुकेश कुमार का नाम अब उन शहीदों की फेहरिस्त में शामिल हो गया है जिन्होंने खाकी की मर्यादा निभाते हुए अपनी जान गंवाई। उन्नाव पुलिस के लिए वह एक मिसाल रहेंगे। महोबा के रोशनपुरा गांव में जब उनका पार्थिव शरीर पहुंचेगा, तो वह केवल एक पिता या पुत्र नहीं, बल्कि एक ऐसे नायक के रूप में पहुंचेंगे जिसने अंतिम सांस तक समाज की सेवा की।
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