उन्नाव में 'खूनी मांझे' पर पुलिस का कड़ा प्रहार
(प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स)
उन्नाव : मकर संक्रांति के पर्व पर पतंगबाजी के उत्साह के बीच इंसानी जानों से खिलवाड़ करने वाले दुकानदारों पर उन्नाव पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शहर में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे के कारण होने वाले संभावित हादसों को रोकने के लिए सदर कोतवाली पुलिस ने एक व्यापक अभियान छेड़ दिया है। बुधवार और गुरुवार को शहर के विभिन्न बाजारों में हुई अचानक छापेमारी से अवैध मांझा बेचने वाले व्यापारियों में हड़कंप मच गया।
सदर कोतवाली प्रभारी की अगुवाई में बड़ी कार्रवाई
मकर संक्रांति के त्योहार पर आसमान में पतंगों की जंग तो देखने को मिलती है, लेकिन इस जंग में इस्तेमाल होने वाला ‘चाइनीज मांझा’ अक्सर राहगीरों के लिए मौत का फंदा बन जाता है। इसी खतरे को भांपते हुए सदर कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्रा ने भारी पुलिस बल के साथ शहर के मुख्य बाजारों और पतंग-मांझा की दुकानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया। पुलिस टीम ने दुकान के गोदामों और छिपे हुए स्थानों की जांच की, जहाँ से भारी मात्रा में प्रतिबंधित चाइनीज मांझा बरामद किया गया।
क्यों खतरनाक है चाइनीज मांझा?
कार्रवाई के दौरान कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्रा ने दुकानदारों और आम जनता को जागरूक करते हुए बताया कि चाइनीज मांझा जिसे ‘नायलॉन मिक्स’ या ‘प्लास्टिक मांझा’ भी कहा जाता है, बेहद खतरनाक होता है।
- इंसानी जान को खतरा: यह मांझा इतना धारदार होता है कि बाइक सवारों का गला रेत सकता है। पूर्व में उन्नाव और आसपास के जिलों में ऐसे कई जानलेवा हादसे हो चुके हैं।
- पक्षियों के लिए काल: उड़ते हुए पक्षी अक्सर इस मांझे में फंसकर अपनी जान गंवा देते हैं या गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं।
- बिजली के तार: इसमें धातु के कण होने के कारण बिजली के तारों के संपर्क में आने पर करंट उतरने का भी खतरा रहता है।
📊 उन्नाव पुलिस अभियान – एक नजर में
| अभियान का विवरण | मुख्य जानकारी |
| क्षेत्र | सदर कोतवाली इलाका, मुख्य बाजार |
| नेतृत्व | कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्रा |
| जब्ती | प्रतिबंधित चाइनीज मांझा (प्लास्टिक/नायलॉन) |
| उद्देश्य | मकर संक्रांति पर सुरक्षित पतंगबाजी सुनिश्चित करना |
| चेतावनी | दोबारा पाए जाने पर दुकान सील और जेल की कार्रवाई |
दुकानदारों को सख्त हिदायत और जनता से अपील
पुलिस ने छापेमारी के दौरान केवल माल जब्त ही नहीं किया, बल्कि दुकानदारों को अंतिम चेतावनी भी दी। कोतवाली प्रभारी ने स्पष्ट किया कि जिले में चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। उन्होंने निर्देश दिए कि दुकानदार केवल पारंपरिक और सुरक्षित सूती मांझा (सद्दी) ही बेचें।
इसके साथ ही पुलिस ने शहरवासियों और युवाओं से अपील की है कि वे पतंग उड़ाते समय खुले स्थानों का चयन करें और अपनी खुशी के लिए दूसरों की जान जोखिम में न डालें। पुलिस का यह अभियान मकर संक्रांति के दिन तक लगातार जारी रहेगा।
जनता ने किया पुलिस की मुस्तैदी का स्वागत
स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का कहना है कि हर साल त्योहार के समय चाइनीज मांझा सड़कों पर चलने वालों के लिए डर का कारण बनता है। पुलिस की इस सक्रियता से न केवल हादसों में कमी आएगी, बल्कि अवैध कारोबार करने वालों पर भी लगाम लगेगी।
प्रशासन ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि यदि उन्हें कहीं भी प्रतिबंधित मांझा बिकने की सूचना मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
रिपोर्ट: प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स (Truth India Times)
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