उन्नाव में बेमौसम बारिश
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव। जनपद में शुक्रवार को प्रकृति के बदले मिजाज ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। सुबह से ही आसमान में डेरा जमाए काले बादलों और रुक-रुक कर हुई बारिश ने जहाँ आम जनता को गर्मी से राहत देते हुए ठिठुरन बढ़ा दी है, वहीं खेतों में पसीने की कमाई (फसल) सहेज रहे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी कर दी हैं। जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों अंचलों में इस मौसमी बदलाव का व्यापक असर देखा जा रहा है।
तापमान में गिरावट और जनजीवन पर असर
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हुए इस बदलाव के कारण जिले का न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अचानक बढ़ी ठंडक के कारण लोग एक बार फिर गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। वहीं, बारिश के चलते शहर की निचली बस्तियों और सड़कों पर जलभराव होने से राहगीरों को आवागमन में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिससे बाजारों में भी रौनक कम रही।
खेतों में कटी पड़ी सरसों पर मंडराया संकट
सबसे ज्यादा चिंता उन किसानों को है जिनकी सरसों की फसल कटकर खेतों में सूखने के लिए पड़ी थी। बारिश के पानी से भीगने के कारण सरसों की गुणवत्ता खराब होने और दाने काले पड़ने की आशंका है। हालांकि, जिला कृषि अधिकारी शशांक चौधरी का कहना है कि वर्तमान में हुई हल्की बारिश गेहूं की खड़ी फसल के लिए संजीवनी साबित हो सकती है, लेकिन कटी हुई फसलों के लिए यह नुकसानदेह है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि जैसे ही मौसम साफ हो, कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की व्यवस्था करें।
मौसम विभाग की चेतावनी
विशेषज्ञों के अनुसार अगले एक-दो दिनों तक जिले में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और हल्की बारिश की संभावना बरकरार है। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम के पूर्वानुमान पर लगातार नजर बनाए रखें और अपनी मेहनत की फसल को बचाने के लिए आवश्यक सावधानी बरतें।
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