डंपर फंसने से थमी रफ्तार
अजगैन (उन्नाव) | प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times)
उन्नाव के अजगैन थाना क्षेत्र अंतर्गत नवाबगंज-लखनपुर-मोहान मार्ग पर शनिवार को अव्यवस्था का सैलाब देखने को मिला। खराब सड़क और डंपरों के बीच रास्ते में फंस जाने के कारण इस व्यस्त मार्ग पर करीब 5 घंटे तक भीषण जाम लगा रहा। जाम की स्थिति इतनी विकराल थी कि एंबुलेंस में फंसे मरीज और स्कूल से लौट रहे मासूम बच्चे घंटों तक सड़क पर ही फंसे रहे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना के घंटों बाद तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई, जिससे जनता को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
बीच सड़क डंपर बने मुसीबत, थमी सैकड़ों वाहनों की रफ्तार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नवाबगंज से मोहान की ओर जाने वाला यह मार्ग क्षेत्र की जीवनरेखा माना जाता है, लेकिन शनिवार सुबह यहां उस समय अराजकता फैल गई जब रेत और मिट्टी से लदे भारी डंपर सड़क की खराब स्थिति के कारण बीच रास्ते में ही फंस गए। सड़क संकरी होने और किनारों पर जलभराव या मिट्टी धंसी होने के कारण डंपरों को निकालने के प्रयास में वे और अधिक फंसते चले गए।
देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। दोपहिया वाहनों से लेकर भारी ट्रकों तक, सैकड़ों की संख्या में वाहन चालक इस महाजाम में फंस गए। जाम का असर इतना व्यापक था कि लखनपुर और आसपास के लिंक मार्ग भी पूरी तरह अवरुद्ध हो गए।
एंबुलेंस और स्कूली बसों की चीख-पुकार
इस जाम का सबसे खौफनाक पहलू मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा रहा। जाम में दो एंबुलेंस फंसी नजर आईं, जिनके सायरन घंटों तक गूंजते रहे, लेकिन जाम के कारण उन्हें निकलने का इंच भर रास्ता नहीं मिला। मरीजों के तीमारदार सड़क पर उतरकर लोगों से रास्ता देने की गुहार लगाते दिखे, लेकिन वाहनों के मकड़जाल ने सबको बेबस कर दिया।
वहीं, दोपहर के समय स्कूल की छुट्टी होने के बाद घर लौट रहे बच्चे भी इस जाम का शिकार हुए। भीषण गर्मी और उमस के बीच स्कूली बसों और वैन में फंसे बच्चे भूख-प्यास से बिलखते नजर आए। अभिभावकों ने बताया कि जो दूरी 15 मिनट में तय होती थी, उसे पार करने में बच्चों को 3-4 घंटे से अधिक का समय सड़क पर ही बिताना पड़ा।
पुलिस और प्रशासन की सुस्ती पर भड़का आक्रोश
मौके पर मौजूद स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए। आरोप है कि जाम लगने के तत्काल बाद स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई थी, लेकिन घंटों तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या यातायात कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। जब जाम की लंबाई कई किलोमीटर तक पहुंच गई और लोगों का धैर्य जवाब देने लगा, तब जाकर पुलिस सक्रिय हुई।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि नवाबगंज-मोहान रोड पर भारी वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन सड़कों की मरम्मत और अवैध पार्किंग पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। डंपर चालकों की मनमानी और सड़क किनारे अतिक्रमण भी जाम के प्रमुख कारणों में से एक है।
घंटों की मशक्कत के बाद बहाल हुआ आवागमन
जाम की भयावहता को देखते हुए ग्रामीणों ने खुद भी कमान संभाली। कई घंटों के इंतजार के बाद जब पुलिस बल मौके पर पहुंचा, तो फंसे हुए डंपरों को निकालने के लिए क्रेन और अन्य मशीनों की व्यवस्था की गई। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद धीरे-धीरे एक-एक वाहन को निकलवाना शुरू किया। शाम ढलने तक यातायात को पूरी तरह सुचारू किया जा सका, लेकिन तब तक यात्रियों की पूरी दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो चुकी थी।
प्रशासन के लिए चेतावनी
यह घटना प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी है। नवाबगंज-लखनपुर-मोहान रोड पर आए दिन लगने वाले छोटे-छोटे जाम अब बड़े संकट का रूप ले रहे हैं। यदि समय रहते डंपरों की आवाजाही के लिए समय सीमा निर्धारित नहीं की गई और जर्जर सड़कों की मरम्मत नहीं हुई, तो आने वाले समय में कोई बड़ी अप्रिय घटना घट सकती है।
अजगैन थाना पुलिस का कहना है कि सड़क की स्थिति खराब होने के कारण डंपर असंतुलित होकर फंस गए थे। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और यातायात सामान्य रूप से चल रहा है। भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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