गाड़ी निकालने को लेकर चले लात-घूंसे, तमाशबीन बनी रही पुलिस
उन्नाव | प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से सड़क पर गुंडागर्दी और अराजकता की एक सनसनीखेज तस्वीर सामने आई है। शहर के सबसे व्यस्त इलाके ‘बड़े चौराहे’ पर गाड़ी निकालने के मामूली विवाद ने ऐसा तूल पकड़ा कि बीच सड़क पर दो पक्षों के बीच जमकर ‘मलयुद्ध’ छिड़ गया। करीब आधे घंटे तक चले इस ड्रामे ने न केवल यातायात व्यवस्था को ठप कर दिया, बल्कि खाकी की मुस्तैदी पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बीच सड़क पर संग्राम, घंटों लगा रहा जाम
घटना सदर कोतवाली क्षेत्र के हृदय स्थल कहे जाने वाले बड़े चौराहे की है। चश्मदीदों के मुताबिक, यह विवाद तब शुरू हुआ जब दो चार पहिया वाहनों के चालक रास्ता निकालने की होड़ में एक-दूसरे के सामने आ गए। पहले जुबानी जंग शुरू हुई, जो देखते ही देखते गाली-गलौज और फिर हिंसक झड़प में तब्दील हो गई।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दोनों पक्षों के लोग अपनी गाड़ियां छोड़कर नीचे उतर आए और एक-दूसरे पर लात-घूंसों की बरसात कर दी। किसी ने कॉलर पकड़ा तो कोई सड़क पर पटक कर मारता नजर आया। इस मारपीट के कारण चौराहे के चारों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। एम्बुलेंस से लेकर स्कूल बसें तक इस अराजकता के बीच फंसी रहीं।
पुलिस की ‘मूकदर्शिता’ पर उठे सवाल
इस पूरी घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू पुलिस की भूमिका रही। वायरल वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि जिस जगह मारपीट हो रही थी, वहां से कुछ ही कदमों की दूरी पर पुलिसकर्मी तैनात थे। आरोप है कि वर्दीधारी जवान काफी देर तक मूकदर्शक बने तमाशा देखते रहे। जब विवाद चरम पर पहुंच गया और भीड़ बढ़ने लगी, तब जाकर उन्होंने हस्तक्षेप करने की जहमत उठाई।
स्थानीय राहगीरों का कहना है कि अगर पुलिस समय रहते सक्रिय हो जाती, तो यह विवाद इतना हिंसक रूप नहीं लेता। पुलिस की इस सुस्ती को लेकर अब सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं और लोग पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जता रहे हैं।
अव्यवस्थित ट्रैफिक: विवादों की जड़
शहर के लोगों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं उन्नाव की चरमराई ट्रैफिक व्यवस्था का नतीजा हैं। बड़े चौराहे पर अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। जाम में फंसे लोगों का धैर्य जवाब दे जाता है, जिससे छोटी-सी कहासुनी भी बड़े विवाद का कारण बन जाती है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि ट्रैफिक पुलिस को केवल चालान काटने तक सीमित रहने के बजाय जाम के स्थायी समाधान पर ध्यान देना चाहिए।
वायरल वीडियो ने बढ़ाई मुश्किल, पुलिस अब एक्शन मोड में
घटना के दौरान वहां मौजूद किसी राहगीर ने इस पूरी मारपीट का वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और उसे इंटरनेट पर अपलोड कर दिया। वीडियो वायरल होते ही जिला प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।
इस मामले पर आधिकारिक रुख स्पष्ट करते हुए पुलिस के आला अधिकारियों ने बताया है कि वायरल वीडियो को संज्ञान में लिया गया है। वीडियो के आधार पर दोनों पक्षों के वाहनों के नंबर ट्रेस किए जा रहे हैं और उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर शांति भंग करने और यातायात बाधित करने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष: कब सुधरेगा सिस्टम?
यह घटना महज़ एक सड़क दुर्घटना या विवाद नहीं है, बल्कि यह समाज में घटते धैर्य और कानून के प्रति खत्म होते डर का प्रतीक है। जब व्यस्ततम चौराहे पर पुलिस की मौजूदगी में लोग कानून हाथ में लेने से नहीं डरते, तो सवाल सिस्टम की साख पर खड़ा होता है। अब देखना यह है कि पुलिस इस मामले में कितनी जल्दी दोषियों को सलाखों के पीछे भेजती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाती है।
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