कड़ाके की ठंड में 'संदेश फाउंडेशन' बना बेसहारा लोगों का सहारा
उन्नाव | प्रलभ शरण चौधरी Truth India Times
उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद में इन दिनों शीतलहर का प्रकोप चरम पर है। गिरते तापमान और ठिठुरती रातों ने गरीबों और बेसहारा लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऐसे कठिन समय में ‘संदेश फाउंडेशन’ ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए एक वृहद सेवा अभियान चलाया है। संस्था ने शहर के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले असहाय, वृद्ध और विशेष रूप से महिला सफाई कर्मचारियों के बीच जाकर एक हजार से अधिक कंबलों का वितरण किया। इस मानवीय पहल ने न केवल ठंड से जूझ रहे लोगों को राहत दी, बल्कि समाज के संपन्न वर्ग को सेवा का संदेश भी दिया।
संदीप पांडे की अध्यक्षता में सजी सेवा की महफिल
संदेश फाउंडेशन के अध्यक्ष संदीप पांडे के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के उस अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना था, जिसके पास ठंड से बचने के पर्याप्त साधन नहीं हैं। कार्यक्रम के दौरान भारी संख्या में जरूरतमंद एकत्रित हुए, जिन्हें संस्था के स्वयंसेवकों ने सम्मानपूर्वक कंबल भेंट किए। कंबल पाकर वृद्धों और असहाय महिलाओं के चेहरों पर जो संतोष और राहत दिखी, वह इस आयोजन की सफलता की कहानी खुद बयां कर रही थी।
नगर पालिका अध्यक्षा कौमुदी पांडे ने की जमकर प्रशंसा
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित नगर पालिका परिषद उन्नाव की अध्यक्षा कौमुदी पांडे ने इस नेक कार्य की सराहना करते हुए कहा, “जब सरकारी प्रयासों के साथ-साथ संदेश फाउंडेशन जैसे सामाजिक संगठन आगे आते हैं, तब समाज का कोई भी व्यक्ति खुद को अकेला महसूस नहीं करता। बिना किसी स्वार्थ और भेदभाव के एक हजार कंबल बांटना कोई छोटा कार्य नहीं है, यह संस्था की सेवा के प्रति अटूट निष्ठा को दर्शाता है।” उन्होंने अध्यक्ष संदीप पांडे और उनकी पूरी टीम को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई दी।
“संजीवनी से कम नहीं है यह मदद” – संदीप पांडे
संस्था के अध्यक्ष संदीप पांडे ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सर्दी के इस मौसम में एक कंबल किसी जरूरतमंद के लिए संजीवनी से कम नहीं होता। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य केवल वस्तु का वितरण करना नहीं है, बल्कि समाज के उस कमजोर वर्ग को यह एहसास कराना है कि हम उनके साथ खड़े हैं। इंसानियत का असली धर्म दूसरों के दुख में भागीदार बनना है।”
उन्होंने आगे की योजनाओं का खुलासा करते हुए बताया कि संदेश फाउंडेशन केवल कंबल वितरण तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में भी बड़े स्तर पर कार्य करने जा रही है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर और गरीब बच्चों के लिए निशुल्क शिक्षा सामग्री उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
महिला सफाई कर्मियों और बुजुर्गों को मिला विशेष सम्मान
इस वितरण कार्यक्रम में उन महिला सफाई कर्मचारियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था, जो कड़ाके की ठंड में तड़के सुबह उठकर शहर को साफ रखने का काम करती हैं। संस्था ने माना कि ये ‘स्वच्छता दूत’ समाज की रीढ़ हैं और इनका सम्मान व सुरक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके अलावा, सड़कों के किनारे रात गुजारने वाले बेसहारा बुजुर्गों को भी चिन्हित कर कंबल पहुंचाए गए।
समाज से ‘सहयोग’ की अपील
कार्यक्रम के समापन पर फाउंडेशन की टीम और उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने समाज के अन्य सक्षम और समर्थ लोगों से अपील की। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने जिसे भी सामर्थ्य दिया है, उसे आगे आकर अभावग्रस्त लोगों की मदद करनी चाहिए। यदि हर व्यक्ति एक जरूरतमंद की जिम्मेदारी उठा ले, तो कोई भी मासूम या बुजुर्ग ठंड के कारण दम नहीं तोड़ेगा।
व्यवस्थित रहा आयोजन
कंबल वितरण के दौरान किसी भी प्रकार की अफरा-तफरी न हो, इसके लिए संदेश फाउंडेशन के स्वयंसेवकों ने एक व्यवस्थित रूपरेखा तैयार की थी। कतारबद्ध तरीके से सभी को कंबल प्रदान किए गए। इस अवसर पर संस्था के कई पदाधिकारी, स्थानीय समाज सेवी और भारी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल को ‘मानवता का संदेश’ करार दिया।
प्रलभ शरण चौधरी की विशेष रिपोर्ट: उन्नाव की धरती हमेशा से ही सेवा और समर्पण की गवाह रही है। संदेश फाउंडेशन की इस पहल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि संवेदनाएं अभी जीवित हैं। एक हजार कंबलों का यह वितरण महज एक आंकड़ा नहीं, बल्कि एक हजार परिवारों को मिली गर्माहट और दुआएं हैं।
मानवता और सेवा की हर खबर – ट्रुथ इंडिया टाइम्स
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