बस्ती का नाम रखा 'योगी नगर'
उन्नाव। प्रलभ शरण चौधरी / ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक सकारात्मक और उत्साहपूर्ण खबर सामने आई है। यहाँ के बीघापुर तहसील अंतर्गत पाटन कस्बे में स्थित एक अनुसूचित जाति बहुल बस्ती के निवासियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों और विकास कार्यों से प्रभावित होकर अपनी बस्ती का नाम बदलकर ‘योगी नगर’ रख दिया है। नए साल के अवसर पर आयोजित इस नामकरण समारोह ने न केवल स्थानीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी हैं, बल्कि यह सामाजिक सम्मान और सरकारी योजनाओं के प्रभाव की एक नई मिसाल बनकर उभरा है।
श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक: ‘योगी नगर’
तकिया रेलवे स्टेशन के समीप स्थित इस बस्ती में लगभग 100 लोग निवास करते हैं। लंबे समय से यहाँ के निवासी प्रदेश की कानून-व्यवस्था और विशेष रूप से दलित व वंचित वर्गों के लिए चलाई जा रही योजनाओं से लाभान्वित महसूस कर रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में उन्हें जो सुरक्षा और सम्मान मिला है, वह पहले कभी महसूस नहीं हुआ। इसी कृतज्ञता को प्रकट करने के लिए पूरी बस्ती ने सर्वसम्मति से इसका नाम ‘योगी नगर’ रखने का निर्णय लिया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ लोकार्पण
नए साल के पहले दिन बस्ती में उत्सव जैसा माहौल था। ग्राम प्रधान श्वेता चौधरी ने इस ऐतिहासिक परिवर्तन का नेतृत्व किया। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ हुई, जिसके बाद ‘योगी नगर’ के नाम वाले शिलापट (पत्थर की पट्टिका) का विधिवत अनावरण किया गया। इस दौरान “योगी आदित्यनाथ जिंदाबाद” के नारों से पूरी बस्ती गूंज उठी।
ग्राम प्रधान ने कहा- “यह विकास और सुरक्षा की पहचान है”
शिलापट का लोकार्पण करते हुए ग्राम प्रधान श्वेता चौधरी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “यह नामकरण महज एक बोर्ड बदलना नहीं है, बल्कि यह उस भरोसे का प्रतीक है जो सरकार ने समाज के अंतिम व्यक्ति के मन में जगाया है। आज सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के सीधे लाभार्थियों के खातों तक पहुँच रहा है। ‘योगी नगर’ नाम यहाँ के युवाओं और बच्चों को अनुशासन और विकास की प्रेरणा देगा।”
ग्रामीणों में दिखा भारी उत्साह
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बच्चों में विशेष उमंग देखी गई। बुजुर्गों ने बताया कि पहले उनकी बस्ती की पहचान उपेक्षित थी, लेकिन अब मुख्यमंत्री के नाम से जुड़ने के बाद उन्हें एक नई पहचान और गौरव का अनुभव हो रहा है। कार्यक्रम में उन लोगों को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने इस पहल को सफल बनाने में अपना योगदान दिया। आयोजकों ने सहयोगियों को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट किए।
बुनियादी सुविधाओं पर रहेगा विशेष जोर
नामकरण के साथ-साथ ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने यह संकल्प भी लिया कि ‘योगी नगर’ को एक आदर्श बस्ती के रूप में विकसित किया जाएगा। ग्राम प्रधान ने आश्वासन दिया कि बस्ती में सड़क, बिजली, जल निकासी और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाएगा। सरकार की मंशा के अनुरूप इस बस्ती को ‘स्मार्ट बस्ती’ की तर्ज पर आगे बढ़ाया जाएगा।
सामाजिक समरसता का संदेश
पाटन कस्बे के प्रबुद्ध जनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि इस तरह के प्रयासों से सामाजिक एकता और आत्मसम्मान को बढ़ावा मिलता है। यह नामकरण दर्शाता है कि यदि प्रशासन और सरकार ईमानदारी से काम करे, तो जनता का जुड़ाव सीधे नेतृत्व से हो जाता है।
ट्रुथ इंडिया टाइम्स का दृष्टिकोण: यह खबर दर्शाती है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ‘जीरो टॉलरेंस’ मॉडल और ‘सबका साथ-सबका विकास’ का मंत्र धरातल पर प्रभाव डाल रहा है। जहाँ अन्य खबरों में हम अक्सर विवाद और शिकायतें देखते हैं, वहीं उन्नाव की यह तस्वीर उम्मीद जगाती है। शासन को चाहिए कि ऐसी बस्तियों के विकास के लिए विशेष अनुदान जारी करे ताकि ‘योगी नगर’ केवल नाम में ही नहीं, बल्कि आधुनिक सुविधाओं में भी एक उदाहरण बन सके।
इस कार्यक्रम में पाटन कस्बे के गणमान्य नागरिक, भारी संख्या में महिलाएं और स्थानीय युवा शक्ति मौजूद रही। नए साल की यह शुरुआत पूरे उन्नाव जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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