उन्नाव: शक की आग में उजड़ा संसार, शिक्षामित्र पत्नी का हत्यारा पति गिरफ्तार; प्रेम प्रसंग के संदेह में सिर में मारी थी गोली
(प्रलभ शरण चौधरी | Truth India Times)
उन्नाव: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में एक सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने सफल अनावरण कर दिया है। अपनी ही जीवनसंगिनी की जान लेने वाले कलियुगी पति ओमकार को पुलिस ने सलाखों के पीछे भेज दिया है। आरोपी ने अपनी शिक्षामित्र पत्नी की हत्या को ‘लूट’ का रंग देने की शातिर कोशिश की थी, लेकिन पुलिस की पैनी नजरों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के सामने उसकी मनगढ़ंत कहानी ताश के पत्तों की तरह ढह गई। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त 315 बोर का अवैध तमंचा और खोखा भी बरामद कर लिया है।
शक का खूनी खेल
उन्नाव पुलिस के अनुसार, मृतका जिले के एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र के पद पर तैनात थी। आरोपी पति ओमकार को काफी समय से अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह था। उसे शक था कि उसकी पत्नी का किसी अन्य व्यक्ति के साथ प्रेम प्रसंग (Affair) चल रहा है। इसी ‘शक के बीज’ ने उसके भीतर नफरत का पेड़ लगा दिया और उसने अपनी पत्नी को रास्ते से हटाने की एक खौफनाक साजिश रच डाली।
घटना वाले दिन, आरोपी ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। उसने पत्नी के सिर से सटाकर अवैध तमंचे से फायर किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
लूट की झूठी कहानी का पर्दाफाश
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ओमकार ने खुद को बचाने के लिए एक ‘मास्टर प्लान’ तैयार किया था। उसने पुलिस को सूचना दी कि अज्ञात बदमाशों ने उसकी पत्नी के साथ लूटपाट की कोशिश की और विरोध करने पर उसे गोली मार दी। शुरुआती जांच में पुलिस को भी यह मामला डकैती या लूट का लगा, लेकिन घटनास्थल के निरीक्षण (Crime Scene Investigation) के दौरान पुलिस को कई विसंगतियां मिलीं।
पुलिस को संदेह क्यों हुआ?
- गोली लगने का कोण: गोली बिल्कुल करीब से (Point Blank Range) सिर में मारी गई थी, जो आमतौर पर लूट के मामलों में कम देखा जाता है।
- सामान की सलामती: घर या घटनास्थल से कोई कीमती सामान गायब नहीं था।
- बयानों में विरोधाभास: पूछताछ के दौरान आरोपी पति बार-बार अपने बयान बदल रहा था और उसकी आंखों में पत्नी को खोने का गम कम और पकड़े जाने का डर ज्यादा दिख रहा था।
पुलिस की कड़ी पूछताछ और कबूलनामा
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने विशेष टीम का गठन किया था। जब पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में लेकर मनोवैज्ञानिक तरीके से कड़ी पूछताछ की, तो वह टूट गया। उसने अपना जुर्म कुबूल करते हुए बताया कि वह अपनी पत्नी के फोन कॉल और व्यवहार से परेशान रहता था। उसे लगता था कि शिक्षामित्र होने के नाते उसका बाहर आना-जाना और लोगों से मिलना उसके प्रति बेवफाई है। इसी सनक में उसने अवैध असलहे का इंतजाम किया और वारदात कर डाली।
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने झाड़ियों में छिपाकर रखा गया 315 बोर का अवैध तमंचा बरामद किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या (धारा 302) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। इस खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि एक शिक्षित परिवार का इस तरह खूनी अंत होना समाज के लिए चिंता का विषय है।
समाज के लिए सबक
यह घटना दर्शाती है कि कैसे बिना किसी ठोस आधार के किया गया ‘संदेह’ हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर सकता है। शिक्षामित्र पत्नी, जो बच्चों का भविष्य संवार रही थी, खुद अपने ही घर में सुरक्षित नहीं रही। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले में जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल करेंगे ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और दोषी को सख्त से सख्त सजा हो।
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