24 घंटे में गिरफ्तार आरोपी बोला- 'मां को नहीं मारना चाहिए था'
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव (गंगाघाट): उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से रिश्तों को कलंकित करने वाली एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के कंजा खेड़ा गांव में एक कलयुगी बेटे ने महज कुछ पैसों के विवाद में अपनी सगी मां की लोहे की रॉड से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी। उन्नाव पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए आरोपी बेटे को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के चेहरे पर पछतावा तो दिखा, लेकिन तब तक एक मां की ममता का अंत हो चुका था।
मंजन कर रही मां पर मौत बनकर टूटा बेटा
दिल दहला देने वाली यह घटना बीते शुक्रवार दोपहर की है। गांव के निवासी रामकुमार की पत्नी शांति देवी (60 वर्ष) अपने घर के बाहर बैठी मंजन कर रही थीं। तभी उनका छोटा बेटा राजन वहां पहुंचा और मां से कुछ रुपयों की मांग करने लगा। चश्मदीदों के मुताबिक, शांति देवी ने पैसे देने से मना किया तो राजन आपा खो बैठा। मामूली सी कहासुनी देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई। आवेश में आकर राजन घर के अंदर से लोहे की एक भारी रॉड उठा लाया और अपनी वृद्ध मां के सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
तड़पती रही मां, वारदात के बाद भाग निकला आरोपी
रॉड के हमले से शांति देवी का सिर फट गया और वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ीं। शोर सुनकर जब तक आसपास के लोग और परिजन मौके पर पहुंचे, शांति देवी दम तोड़ चुकी थीं। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी राजन मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही गंगाघाट कोतवाली पुलिस और जिले के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आरोपी की तलाश में टीमें गठित कीं।
पुलिस की कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
- त्वरित गिरफ्तारी: पुलिस ने मुखबिर की सूचना और सर्विलांस की मदद से आरोपी राजन को शनिवार को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
- हत्या का हथियार बरामद: पुलिस ने वह लोहे की रॉड भी बरामद कर ली है, जिससे मां की हत्या की गई थी।
- आरोपी का इकबाल-ए-जर्म: पुलिस हिरासत में राजन ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
आरोपी का पश्चाताप: “मां को नहीं मारना चाहिए था”
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने राजन से पूछताछ की, तो वह रोने लगा। उसने पुलिस अधिकारियों के सामने कहा, “मुझे मां को नहीं मारना चाहिए था, गुस्से में मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई।” हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि राजन अक्सर पैसों के लिए घर में विवाद करता था और छोटी-छोटी बातों पर उग्र हो जाता था। पड़ोसियों के अनुसार, शांति देवी अपने बेटे की हरकतों से परेशान रहती थीं, लेकिन उन्हें क्या पता था कि जिस बेटे को उन्होंने पाल-पोसकर बड़ा किया, वही उनकी मौत का कारण बनेगा।
गांव में मातम और आक्रोश
प्रलभ शरण चौधरी की रिपोर्ट के अनुसार, कंजा खेड़ा गांव में इस घटना के बाद से ही सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों में आरोपी बेटे के प्रति भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि समाज में बढ़ती नशाखोरी और नैतिक मूल्यों की कमी युवाओं को इस कदर अंधा कर रही है कि वे खून के रिश्तों की गरिमा भी भूल रहे हैं। मृतक शांति देवी के पति रामकुमार और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्रशासनिक रुख
उन्नाव पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी को संबंधित धाराओं में जेल भेजा जा रहा है। मामले की चार्जशीट जल्द से जल्द दाखिल कर आरोपी को कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या वारदात के समय आरोपी किसी नशे की हालत में था।
यह घटना एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर हमारी नई पीढ़ी किस दिशा में जा रही है, जहाँ चंद रुपयों की खातिर एक बेटा अपनी मां का हत्यारा बन जाता है।
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