बोले- "सपा मेरी रगों में, विचारधारा से समझौता नहीं"
उन्नाव | प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times)
उत्तर प्रदेश की सियासत में दल-बदल के शोर के बीच उन्नाव से एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व विधायक उदयराज यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के तमाम कयासों पर विराम लगा दिया है। उदयराज यादव ने न केवल भाजपा के कथित ‘एमएलसी ऑफर’ को सिरे से खारिज किया, बल्कि पुरवा से भाजपा विधायक अनिल सिंह पर भी तीखा हमला बोला है।
“MLC बनाने का वादा महज छलावा”
पिछले कुछ दिनों से उन्नाव के राजनीतिक हलकों में यह चर्चा आम थी कि उदयराज यादव भाजपा का दामन थाम सकते हैं और इसके बदले उन्हें विधान परिषद (MLC) भेजा जा सकता है। इन चर्चाओं को हवा तब मिली जब भाजपा विधायक अनिल सिंह के साथ उनके संवाद की खबरें आईं।
सोमवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए उदयराज यादव ने स्पष्ट किया, “मुझे एमएलसी बनाने का जो आश्वासन दिया जा रहा है, वह पूरी तरह झूठा और भ्रामक है। भाजपा केवल जोड़-तोड़ की राजनीति करती है। मैं समाजवादी विचारधारा का सिपाही हूँ और अपनी अंतिम सांस तक अखिलेश यादव के साथ खड़ा रहूँगा।”
विधायक अनिल सिंह पर साधा निशाना
पूर्व विधायक ने भाजपा विधायक अनिल सिंह के दावों पर पलटवार करते हुए कहा कि कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए अफवाहें फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनिल सिंह द्वारा दिया गया ऑफर महज एक राजनीतिक स्टंट है। यादव ने तंज कसते हुए कहा, “जो अपनी पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं दे पा रहे, वे दूसरों को पद का लालच दे रहे हैं। मेरी विचारधारा भाजपा की नफरत वाली राजनीति से मेल नहीं खाती।”
निष्ठा बनाम सत्ता की राजनीति
उदयराज यादव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब यूपी में कई विपक्षी नेता पाला बदल रहे हैं। उन्नाव की राजनीति में उदयराज यादव की पकड़ पिछड़ों और यादव मतदाताओं के बीच काफी मजबूत मानी जाती है। जानकारों का मानना है कि भाजपा उन्हें साथ लाकर जिले में समाजवादी पार्टी के दुर्ग को कमजोर करना चाहती थी।
उदयराज ने दो टूक शब्दों में कहा, “राजनीति केवल पदों के लिए नहीं, बल्कि सिद्धांतों के लिए की जाती है। सपा ने मुझे पहचान दी, विधायक बनाया और जनता की सेवा का मौका दिया। सत्ता के लालच में अपनी जड़ें भूल जाना मेरी फितरत में नहीं है।”
जिले में बदली राजनीतिक सरगर्मी
उदयराज यादव के इस सख्त रुख के बाद उन्नाव सपा खेमे में उत्साह की लहर है। स्थानीय सपाइयों का कहना है कि पूर्व विधायक के इस फैसले ने कार्यकर्ताओं में यह संदेश दिया है कि निष्ठा बिकाऊ नहीं होती। वहीं, भाजपा खेमे में इस इनकार के बाद सन्नाटा पसरा है, हालांकि कुछ स्थानीय भाजपा नेताओं का कहना है कि पार्टी को किसी के आने या जाने से फर्क नहीं पड़ता।
उदयराज यादव का राजनीतिक रसूख
बता दें कि उदयराज यादव उन्नाव की पुरवा विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं। क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में उनकी सादगी और उपलब्धता की वजह से उनकी एक खास छवि है। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले इस तरह की बयानबाजी यह संकेत दे रही है कि जिले में चुनावी जंग अभी से तेज हो गई है।
निष्कर्ष: सपा के लिए बड़ी राहत
अगर उदयराज यादव भाजपा में चले जाते, तो यह उन्नाव में समाजवादी पार्टी के लिए एक बड़ा संगठनात्मक झटका होता। लेकिन उनके इस स्पष्ट इनकार ने फिलहाल सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के हाथ मजबूत किए हैं। अब देखना यह होगा कि भाजपा विधायक अनिल सिंह इस ‘पलटवार’ पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
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