हेलमेट और सीट बेल्ट न लगाने वाले पुलिसकर्मियों पर गिरेगी गाज
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव। अक्सर सड़कों पर आम जनता का चालान काटते दिखने वाले पुलिसकर्मी अब खुद रडार पर हैं। उन्नाव के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) जय प्रकाश सिंह ने पुलिस महकमे के भीतर अनुशासन का चाबुक चलाते हुए सभी पुलिसकर्मियों को सख्त हिदायत दी है। एसएसपी ने दोटूक शब्दों में कहा है कि वाहन चलाते समय सीट बेल्ट और हेलमेट का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा। यह आदेश न केवल ड्यूटी के दौरान, बल्कि निजी समय और निजी वाहनों पर भी समान रूप से लागू होगा।
“पहले खुद सुधरें, फिर जनता को सुधारें”
पुलिस कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान एसएसपी जय प्रकाश सिंह ने पुलिस बल को उनके नैतिक दायित्वों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग समाज का आईना होता है और लोग पुलिसकर्मियों के व्यवहार को देखकर कानून के प्रति अपनी धारणा बनाते हैं।
एसएसपी ने जोर देकर कहा, “यदि हम खुद कानून का उल्लंघन करेंगे, तो हमें आम जनता को टोकने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। पुलिसकर्मियों को समाज के लिए अनुशासन और कानून पालन का जीवंत उदाहरण पेश करना चाहिए।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का पालन करना केवल एक वैधानिक मजबूरी नहीं, बल्कि एक जीवन रक्षक आदत है।
चार पहिया और दो पहिया वाहनों के लिए कड़े नियम
एसएसपी ने निर्देश दिए कि चार पहिया सरकारी या निजी वाहन चलाते समय चालक और उसके बगल की सीट पर बैठे व्यक्ति के लिए सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य होगा। वहीं, दो पहिया वाहनों पर चालक के साथ-साथ पीछे बैठने वाले (Pillion Rider) व्यक्ति को भी मानक हेलमेट पहनना अनिवार्य है।
अक्सर देखा जाता है कि पुलिसकर्मी वर्दी के रौब में हेलमेट पहनने से परहेज करते हैं, लेकिन एसएसपी के इस नए फरमान ने ऐसे कर्मियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा कि सीट बेल्ट और हेलमेट केवल चालान से बचने के लिए नहीं हैं, बल्कि यह सड़क हादसों के दौरान सिर की गंभीर चोटों और जान जाने के खतरे को कम करते हैं।
छुट्टी पर भी लागू रहेंगे नियम: सख़्त कार्रवाई की चेतावनी
एसएसपी जय प्रकाश सिंह ने इस बात पर विशेष बल दिया कि नियम केवल वर्दी तक सीमित नहीं हैं। अगर कोई पुलिसकर्मी अवकाश पर है या अपने निजी काम से बाहर निकला है, तब भी उसे इन नियमों का अक्षरशः पालन करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई पुलिसकर्मी यातायात नियमों का मखौल उड़ाते हुए पाया गया, तो उसके विरुद्ध विभागीय जांच के साथ-साथ नियमानुसार कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य समाज में पुलिस की एक सकारात्मक और जिम्मेदार छवि स्थापित करना है। जब सड़क पर चलता हुआ सिपाही या दरोगा पूरी तरह सुरक्षित और नियमों के दायरे में दिखेगा, तभी आम जनता भी नियमों के प्रति जागरूक होगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में लिया गया संकल्प
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान एसएसपी के साथ जिले के तमाम बड़े अधिकारी मौजूद रहे। इनमें अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) अखिलेश सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) प्रेमचंद, सहायक पुलिस अधीक्षक (प्रशिक्षु) संचित शर्मा, क्षेत्राधिकारी कार्यालय संजय कुमार मिश्रा और क्षेत्राधिकारी यातायात अजय कुमार सिंह प्रमुख थे।
सभी अधिकारियों ने एसएसपी के इन निर्देशों का स्वागत किया और आश्वस्त किया कि वे स्वयं और उनके अधीन कार्य करने वाले सभी कर्मचारी इन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेंगे। यातायात पुलिस को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना किसी भेदभाव के नियमों का उल्लंघन करने वालों की मॉनिटरिंग करें।
ट्रुथ इंडिया टाइम्स की अपील: सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हम सबकी सुरक्षा से जुड़ा मामला है। एसएसपी उन्नाव की इस पहल का हम स्वागत करते हैं और उम्मीद करते हैं कि इससे जिले की सड़कों पर अनुशासन की एक नई लहर दिखाई देगी।
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