ट्रेन से उतरते समय पैर फिसलने से युवक की मौत
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव (अजगैन): उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में एक बार फिर रेलवे ट्रैक पर जिंदगी की रफ्तार थम गई। अजगैन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली अजगैन रेलवे क्रॉसिंग के पास रविवार को एक भीषण हादसे में 35 वर्षीय युवक की जान चली गई। कानपुर से लौटते समय चलती ट्रेन से उतरने के प्रयास में पैर फिसलने के कारण युवक सीधे ट्रेन की चपेट में आ गया। इस हृदयविदारक घटना के बाद मृतक के गांव बहुद्दीन में मातम छा गया है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
कैसे हुआ यह हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, अजगैन थाना क्षेत्र के बहुद्दीन गांव के निवासी जय शंकर (35) पुत्र स्वर्गीय राम प्रसाद, रविवार को किसी कार्यवश कानपुर गए थे। वापसी में वे कासगंज-कानपुर पैसेंजर ट्रेन (कासगंज एक्सप्रेस) से घर लौट रहे थे। चश्मदीदों और पुलिस की प्राथमिक जांच के अनुसार, जैसे ही ट्रेन अजगैन क्रॉसिंग के पास पहुँची और गति धीमी हुई, जय शंकर ने संभवतः स्टेशन आने से पहले ही उतरने का प्रयास किया।
दुर्भाग्यवश, उतरते समय उनका पैर अचानक पायदान से फिसल गया और वे सीधे पटरी और ट्रेन के बीच के गैप में जा गिरे। ट्रेन की चपेट में आने से जय शंकर को गंभीर चोटें आईं और अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण मौके पर ही उनकी दर्दनाक मृत्यु हो गई।
स्टेशन पर मची अफरा-तफरी, पुलिस ने संभाला मोर्चा
हादसे के बाद ट्रेन में सवार यात्रियों और क्रॉसिंग पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद लोको पायलट ने ट्रेन रोकी। तत्काल सूचना रेलवे पुलिस (GRP) और स्थानीय अजगैन थाना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुँचे थाना प्रभारी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को पटरियों से हटवाकर कब्जे में लिया।
पुलिस ने मृतक की जेब से मिले दस्तावेजों के आधार पर उसकी पहचान जय शंकर के रूप में की और तत्काल उनके परिजनों को सूचित किया। सूचना मिलते ही जय शंकर के परिजन बदहवास हालत में मौके पर पहुँचे। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव का पंचनामा भरा और उसे पोस्टमॉर्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है।
उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार
जय शंकर की मौत ने एक हंसते-खेलते परिवार को गहरे जख्म दे दिए हैं। वे अपने पीछे पत्नी और दो मासूम बच्चों—एक बेटा और एक बेटी—को छोड़ गए हैं। जय शंकर ही अपने परिवार के मुख्य भरण-पोषण करने वाले थे। अचानक हुई इस अनहोनी ने बच्चों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए छीन लिया है। पति की मौत की खबर सुनते ही पत्नी बेसुध हो गई है, वहीं मासूम बच्चे इस बात से अनजान हैं कि अब उनके पिता कभी घर वापस नहीं लौटेंगे।
ग्रामीणों ने की आर्थिक सहायता की मांग
इस घटना से पूरे बहुद्दीन गांव में शोक की लहर है। ग्रामीणों ने जय शंकर को एक मिलनसार और मेहनती व्यक्ति बताया। गांव के प्रधान और अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और रेलवे विभाग से पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जय शंकर का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है, ऐसे में सरकार को बच्चों की पढ़ाई और परिवार के गुजर-बसर के लिए सहायता प्रदान करनी चाहिए।
पुलिस और रेलवे की अपील: ‘जल्दबाजी न करें’
अजगैन पुलिस के अधिकारियों ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए यात्रियों से अपील की है कि वे चलती ट्रेन से उतरने या चढ़ने का जोखिम कभी न उठाएं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, “अक्सर यात्री समय बचाने के चक्कर में स्टेशन आने से पहले ही आउटर या क्रॉसिंग पर उतरने की कोशिश करते हैं, जो जानलेवा साबित होता है। एक छोटी सी लापरवाही पूरे परिवार को तबाह कर देती है।”
अंतिम शब्द: पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। फिलहाल, पुलिस मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है। यह हादसा एक बार फिर हमें याद दिलाता है कि सफर में सतर्कता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है।
About The Author
Discover more from Truth India Times
Subscribe to get the latest posts sent to your email.