डीएम गौरांग राठी की नकल माफियाओं को सीधी चेतावनी
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं आगामी 18 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। शिक्षा के इस सबसे बड़े कुंभ को शुचितापूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए उन्नाव जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले में ‘नकल माफिया’ के लिए कोई जगह नहीं है और यदि कहीं भी ढिलाई पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों और केंद्र व्यवस्थापकों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
122 केंद्रों पर सजेगी परीक्षा की चौखट
सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के सभागार में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिले की तैयारियों का खाका खींचा। इस वर्ष जनपद में कुल 122 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ हजारों छात्र-छात्राएं अपने भविष्य की आधारशिला रखेंगे। जिलाधिकारी ने जोनल, सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेटों के साथ संवाद करते हुए निर्देश दिया कि सभी केंद्रों पर बुनियादी सुविधाएं जैसे—सीसीटीवी कैमरे, वॉयस रिकॉर्डर, बिजली, स्वच्छ पेयजल और शौचालय की व्यवस्था शत-प्रतिशत पूर्ण होनी चाहिए।
‘अभेद’ सुरक्षा घेरा: मजिस्ट्रेटों की तैनाती
परीक्षा को नकलविहीन बनाने के लिए प्रशासन ने बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है। डीएम ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों का बोध कराते हुए कहा कि:
- जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट: लगातार भ्रमणशील रहेंगे और केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे।
- स्टेटिक मजिस्ट्रेट: परीक्षा शुरू होने से लेकर कॉपियों के सील होने तक केंद्र पर ही मौजूद रहेंगे।
- सचल दल (Flying Squad): जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रहेंगे ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत लगाम लगाई जा सके।
जिलाधिकारी ने केंद्र व्यवस्थापकों को सख्त हिदायत दी है कि प्रश्नपत्रों के रखरखाव में किसी भी स्तर पर गोपनीयता भंग नहीं होनी चाहिए। प्रश्नपत्रों को डबल लॉक वाली अलमारी में रखा जाएगा और सीसीटीवी की निगरानी 24 घंटे सुनिश्चित की जाएगी।
तकनीक की निगरानी में परीक्षार्थी
उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों के क्रम में, इस बार भी ‘कंट्रोल रूम’ के जरिए हर केंद्र की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि यदि किसी केंद्र पर सीसीटीवी बंद पाया जाता है या कैमरे का एंगल बदला हुआ मिलता है, तो इसे गंभीर अपराध माना जाएगा। वॉयस रिकॉर्डर के माध्यम से कमरों के अंदर होने वाली हर सरसराहट पर नजर रखी जाएगी।
बैठक में उपस्थित पुलिस अधीक्षक ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों का आश्वासन दिया। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती रहेगी, जो यह सुनिश्चित करेगा कि केंद्र के 200 मीटर के दायरे में कोई भी बाहरी व्यक्ति या भीड़ एकत्र न हो। धारा 144 का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
नकल विहीन परीक्षा: एक सामूहिक जिम्मेदारी
डीएम गौरांग राठी ने सरस्वती विद्या मंदिर के सभागार में शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा, “परीक्षा केवल छात्रों का मूल्यांकन नहीं है, बल्कि यह प्रशासन की साख का भी परीक्षण है।” उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से भी अपील की कि वे बच्चों को मेहनत और ईमानदारी से परीक्षा देने के लिए प्रेरित करें। अनुचित साधनों का प्रयोग करने वाले छात्रों को न केवल परीक्षा से वंचित किया जाएगा, बल्कि उन पर कानूनी गाज भी गिरेगी।
परीक्षा केंद्रों पर तैनात कक्ष निरीक्षकों के लिए भी सख्त नियम बनाए गए हैं। परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन या किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षार्थियों की सघन तलाशी ली जाएगी, लेकिन डीएम ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि तलाशी के दौरान छात्रों के साथ शालीनता बरती जाए ताकि वे मानसिक दबाव में न आएं।
अंतिम तैयारियों का जायजा
आगामी 18 फरवरी को होने वाले पहले पेपर से पूर्व, सभी 122 केंद्रों के व्यवस्थापकों को ‘फिटनेस सर्टिफिकेट’ जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग की टीमें लगातार केंद्रों का दौरा कर डेस्क-बेंच की व्यवस्था और प्रकाश व्यवस्था की जांच कर रही हैं। उन्नाव प्रशासन की इस सख्ती ने साफ कर दिया है कि जिले में ‘नकल’ के भरोसे पास होने का सपना देखने वालों के मंसूबे इस बार कामयाब नहीं होंगे।
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