उन्नाव में धूमधाम से मनाया गया 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जनपद उन्नाव में 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। शहर के राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) मैदान में आयोजित भव्य कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों, विशेषकर युवाओं को मतदान के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने इस अवसर पर लोकतंत्र को और अधिक समावेशी और सशक्त बनाने का आह्वान किया।
जीआईसी ग्राउंड में उमड़ा जनसैलाब
शनिवार सुबह जीआईसी ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में भारी संख्या में छात्र-छात्राएं, एनसीसी कैडेट्स, शिक्षक और विभिन्न विभागों के कर्मचारी एकत्रित हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने और बिना किसी लालच या भय के मतदान करने के प्रति लोगों को जागरूक करना था। मैदान में “वोट जैसा कुछ नहीं, वोट जरूर डालेंगे हम” जैसे नारों की गूंज सुनाई दी, जिसने पूरे वातावरण को लोकतांत्रिक उत्सव के रंग में रंग दिया।
मतदाता शपथ और सामूहिक संकल्प
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों को लोकतंत्र की मर्यादा बनाए रखने की शपथ दिलाई गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने उपस्थित जनसमूह को हाथ आगे बढ़ाकर यह संकल्प दिलाया कि वे अपने देश की लोकतांत्रिक परंपराओं की मर्यादा को बनाए रखेंगे तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए, निर्भीक होकर धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, भाषा अथवा अन्य किसी भी प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना सभी निर्वाचनों में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
नए मतदाताओं का सम्मान
16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर उन युवाओं पर विशेष ध्यान दिया गया जिन्होंने पहली बार 18 वर्ष की आयु पूरी की है। जिला प्रशासन द्वारा नए पंजीकृत मतदाताओं को ‘फोटो पहचान पत्र’ (EPIC) वितरित किए गए। नए मतदाताओं के चेहरों पर पहली बार लोकतंत्र का हिस्सा बनने की खुशी साफ झलक रही थी। अधिकारियों ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और उनका एक वोट राष्ट्र की दिशा और दशा तय करने की शक्ति रखता है।
जागरूकता रैली और सांस्कृतिक कार्यक्रम
समारोह के बाद एक विशाल मतदाता जागरूकता रैली निकाली गई, जिसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह रैली शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों से होकर गुजरी, जहाँ पोस्टरों और बैनरों के माध्यम से आम जनता को मतदान के प्रति प्रेरित किया गया। जीआईसी ग्राउंड में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्कूली बच्चों ने नुक्कड़ नाटक और गीतों के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया और ईवीएम (EVM) की कार्यप्रणाली के बारे में रोचक जानकारी दी।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मी सम्मानित
निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले बीएलओ (BLO) और अन्य चुनाव कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मतदाता पुनरीक्षण अभियान में जिन कर्मचारियों ने घर-घर जाकर त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार की है, वे लोकतंत्र के असली प्रहरी हैं। दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए मतदान केंद्रों पर दी जाने वाली विशेष सुविधाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
लोकतंत्र में एक-एक वोट की कीमत
प्रशासनिक संबोधन के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि अक्सर लोग छुट्टी समझकर मतदान के दिन घरों में बैठ जाते हैं, जो लोकतंत्र के लिए घातक है। “कोई भी मतदाता न छूटे” के संकल्प को दोहराते हुए वक्ताओं ने कहा कि मतदान केवल एक अधिकार नहीं बल्कि एक बड़ा उत्तरदायित्व है। भारत जैसे विशाल विविधता वाले देश में संविधान ने हर व्यक्ति को बराबरी का अधिकार दिया है, जिसका उपयोग केवल वोट के माध्यम से ही सुनिश्चित किया जा सकता है।
डिजिटल माध्यमों का उपयोग
इस बार मतदाता दिवस पर ऑनलाइन सेवाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। युवाओं को बताया गया कि वे वोटर हेल्पलाइन ऐप के जरिए घर बैठे अपना नाम जांच सकते हैं और आवश्यक सुधार कर सकते हैं। तकनीकी रूप से सशक्त मतदाता ही पारदर्शी व्यवस्था का आधार है।
शाम तक चले इन कार्यक्रमों ने उन्नाव जनपद में एक सकारात्मक माहौल तैयार किया। 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस ने न केवल नए मतदाताओं को जोड़ा, बल्कि पुराने मतदाताओं को भी अपनी जिम्मेदारी का पुनः अहसास कराया।
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