पति की मौत का गम नहीं झेल सकी पत्नी, फंदे से लटक कर दी जान
उन्नाव | उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। सोहरामऊ थाना क्षेत्र में एक महिला ने पति के वियोग और मानसिक तनाव के चलते मौत को गले लगा लिया। 8 महीने पहले जीवनसाथी को खोने वाली गुड्डी (45) अपने पीछे तीन बच्चों और बिखरा हुआ परिवार छोड़ गई हैं। इस आत्मघाती कदम के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर है और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
दिल दहला देने वाली सुबह: बेटे ने देखा मां का शव
घटना शुक्रवार सुबह की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोहरामऊ निवासी स्वर्गीय रामबाबू की पत्नी गुड्डी अपने दो बेटों के साथ घर पर रहती थीं। गुरुवार रात को उनका छोटा बेटा ऋतिक किसी काम से घर से बाहर गया हुआ था। शुक्रवार सुबह जब वह घर वापस लौटा, तो उसने मुख्य दरवाजा खटखटाया।
काफी देर तक दस्तक देने और आवाज लगाने के बाद भी जब अंदर से कोई जवाब नहीं मिला, तो ऋतिक घबरा गया। उसे किसी अनहोनी की आशंका हुई। वह तुरंत पास में ही रहने वाली अपनी दादी के घर गया और उन्हें जानकारी दी। जब परिजन किसी तरह घर के भीतर दाखिल हुए, तो वहां का नजारा देखकर सबकी चीख निकल गई। गुड्डी का शव फंदे से लटका हुआ था।
8 महीने पहले उजड़ा था सुहाग, तब से थीं परेशान
परिजनों ने रुंधे गले से बताया कि गुड्डी की खुशहाल दुनिया 8 महीने पहले तब उजड़ गई थी, जब उनके पति रामबाबू का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। रामबाबू की मौत के बाद से ही गुड्डी पूरी तरह टूट चुकी थीं।
उन पर न केवल पति को खोने का भावनात्मक बोझ था, बल्कि तीन बच्चों के भविष्य और परिवार की जिम्मेदारियों का भारी तनाव भी था। हालांकि उनकी बेटी शालनी की शादी हो चुकी है, लेकिन दोनों बेटों—अजित और ऋतिक—की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। परिजनों के अनुसार, पिछले कई महीनों से उन्होंने लोगों से बातचीत करना कम कर दिया था और अक्सर गुमसुम रहती थीं।
मानसिक तनाव और अकेलेपन ने ली जान
ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने बताया कि गुड्डी को समझाने और इस दुख से बाहर निकालने की कई बार कोशिशें की गईं, लेकिन वह गहरे अवसाद (Depression) की गिरफ्त में थीं। पति की मौत के बाद बढ़ा आर्थिक और सामाजिक दबाव उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भारी पड़ा। शुक्रवार को जब घर में कोई नहीं था, तब अकेलेपन और भारी मन के साथ उन्होंने यह खौफनाक कदम उठा लिया।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही सोहरामऊ थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और शव को फंदे से नीचे उतरवाया। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का ही लग रहा है। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए उन्नाव भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
समाज के लिए एक चेतावनी
यह घटना हमें याद दिलाती है कि किसी प्रियजन को खोने के बाद व्यक्ति को केवल आर्थिक मदद ही नहीं, बल्कि भारी भावनात्मक सहारे की जरूरत होती है। ‘Truth India Times’ अपने पाठकों से अपील करता है कि यदि आपके आसपास कोई व्यक्ति लंबे समय से गुमसुम है या तनाव में है, तो उससे बात करें और उसे पेशेवर मदद दिलाने का प्रयास करें।
प्रकाशित: प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times)
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