जश्न के नाम पर हुड़दंग बर्दाश्त नहीं
प्रलभ शरण चौधरी, ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव: वर्ष 2025 की विदाई और नव वर्ष 2026 के स्वागत की तैयारियों के बीच उन्नाव पुलिस पूरी तरह से ‘एक्शन मोड’ में आ गई है। जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने और हुड़दंगियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह के नेतृत्व में ‘ऑपरेशन ऑल आउट’ का आगाज किया गया है। मंगलवार शाम से ही जिले की सीमाओं से लेकर शहर के मुख्य चौराहों तक खाकी का सख्त पहरा दिखाई दिया। लेकिन सवाल यह है कि क्या हर साल होने वाली यह कवायद केवल एक रस्म अदायगी है या इस बार आम नागरिक सुरक्षित महसूस कर पाएगा?
सड़कों पर उतरा भारी पुलिस बल, एसपी ने खुद संभाली कमान
नव वर्ष की पूर्व संध्या पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस अधीक्षक ने खुद कमान संभालते हुए अधीनस्थ अधिकारियों के साथ सड़कों पर गश्त की। उनके साथ अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर (IPS) दीपक यादव और ट्रेनी IPS संचित शर्मा भी मौजूद रहे। अधिकारियों के भारी काफिले ने शहर के प्रमुख बाजारों, सराफा मार्केट और रेलवे स्टेशनों का जायजा लिया।
अभियान के दौरान पुलिस ने ‘संदिग्धों’ पर पैनी नजर रखी। बसों और निजी वाहनों की सघन तलाशी ली गई। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में शांति व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
‘ड्रिंक एंड ड्राइव’ और स्टंटबाजी पर कड़ा प्रहार
अक्सर देखा जाता है कि नए साल के जश्न में युवा वर्ग शराब पीकर तेज रफ्तार वाहन चलाते हैं, जो जानलेवा दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। ‘ऑपरेशन ऑल आउट’ के तहत पुलिस ने ब्रेथ एनालाइजर के साथ चेकिंग अभियान चलाया।
- चेतावनी: पुलिस ने साफ कर दिया है कि यदि कोई भी व्यक्ति शराब पीकर वाहन चलाता पाया गया, तो उसका वाहन सीज करने के साथ-साथ जेल भेजने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
- स्टंटबाजी: बाइक पर स्टंट करने वाले युवाओं और साइलेंसर बदलकर धमाका करने वाली बुलेट्स पर विशेष नजर रखी जा रही है।
शराब की दुकानों पर छापेमारी: ओवररेटिंग पर लगाम
नए साल के मौके पर शराब की दुकानों पर भीड़ और ओवररेटिंग की शिकायतें आम होती हैं। इसे देखते हुए पुलिस की टीमों ने शराब के ठेकों का औचक निरीक्षण किया। पुलिस ने दुकानदारों को सख्त हिदायत दी कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर ही दुकान खोलें और ओवररेटिंग बिल्कुल न करें। ऐसा पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की जाएगी।
‘ट्रुथ इंडिया टाइम्स’ के जरिए सरकार और प्रशासन से तीखे सवाल
पुलिस का यह अभियान काबिले तारीफ है, लेकिन जनता की ओर से कुछ गंभीर सवाल भी उठ रहे हैं जिनकी जवाबदेही सरकार को तय करनी होगी:
- क्या यह सुरक्षा केवल एक दिन के लिए है? अक्सर देखा जाता है कि त्योहारों पर पुलिस अति-सक्रिय रहती है, लेकिन आम दिनों में चोरी, राहजनी और साइबर अपराधों का ग्राफ क्यों बढ़ जाता है? क्या पुलिसिंग का यह स्तर साल के 365 दिन नहीं रह सकता?
- सीसीटीवी सर्विलांस की हकीकत: सरकार ‘स्मार्ट सिटी’ और ‘सेफ सिटी’ की बात करती है, लेकिन उन्नाव के कई महत्वपूर्ण चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे धूल फांक रहे हैं। ऑपरेशन ऑल आउट की सफलता तकनीकी सहयोग के बिना कितनी टिकाऊ है?
- महिला सुरक्षा की जमीनी हकीकत: जश्न के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों में महिलाओं के साथ होने वाली छींटाकशी को रोकने के लिए एंटी-रोमियो स्क्वाड की कितनी टीमें तैनात हैं? क्या केवल गश्त से महिलाएं सुरक्षित महसूस करेंगी या इसके लिए कोई ठोस मैकेनिज्म बनाया गया है?
जनता से अपील और पुलिस का दावा
पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे नए साल का जश्न शालीनता के साथ मनाएं। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य किसी की खुशी में खलल डालना नहीं, बल्कि हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ हम ‘ऑल आउट’ की नीति अपनाएंगे।”
निष्कर्ष: जवाबदेही की दरकार
प्रशासन का ‘ऑपरेशन ऑल आउट’ एक सकारात्मक कदम है, बशर्ते यह केवल दिखावे तक सीमित न रहे। उन्नाव की जनता चाहती है कि सुरक्षा का यह घेरा केवल नए साल की पूर्व संध्या तक सीमित न रहकर जिले की कानून व्यवस्था का स्थायी हिस्सा बने। अब देखना यह है कि नए साल की पहली सुबह बिना किसी बड़ी वारदात के शांतिपूर्वक होती है या नहीं।
ट्रुथ इंडिया टाइम्स के लिए प्रलभ शरण चौधरी की रिपोर्ट।
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