50 घंटे से छापेमारी जारी, 2.5 करोड़ कैश बरामद
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
बांदा/महोबा: उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में अवैध संपत्ति और काले धन के खिलाफ आयकर विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू की है। बांदा और महोबा जिलों में बुधवार सुबह से शुरू हुई आयकर विभाग की छापेमारी शुक्रवार को भी अनवरत जारी रही। लगभग 50 घंटों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी विभाग की टीमें कारोबारियों के ठिकानों पर डटी हुई हैं। इस मैराथन जांच में अब तक 2.5 करोड़ रुपये की नकदी बरामद होने की सूचना है, जबकि बड़ी मात्रा में बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज और वित्तीय अनियमितताओं के सबूत हाथ लगे हैं।
200 अधिकारियों की फौज और 26 ठिकाने
आयकर विभाग की यह कार्रवाई किसी बड़े सिंडिकेट के भंडाफोड़ की ओर इशारा कर रही है। उप आयकर निदेशक ऋषिराज के नेतृत्व में दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर, मेरठ और आगरा जैसे शहरों से बुलाई गई लगभग 20 से 26 टीमों ने एक साथ मोर्चा संभाला हुआ है। इस ऑपरेशन में 200 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच पीएसी (PAC) के जवानों ने सभी संबंधित आवासों और कार्यालयों को घेर रखा है ताकि जांच प्रक्रिया में कोई बाहरी बाधा न आए।
जांच के रडार पर दिग्गज खनन कारोबारी और नेता
इस छापेमारी का मुख्य केंद्र बुंदेलखंड के रसूखदार खनन कारोबारी और राजनीति से जुड़े चेहरे हैं। जांच के दायरे में आने वाले प्रमुख नामों में शामिल हैं:
- सोमेश भारद्वाज: खनन जगत के बड़े खिलाड़ी सोमेश भारद्वाज के बांदा स्थित गूलरनाका आवास और कार्यालय पर टीमों ने डेरा डाल रखा है। उनके घर पर मौजूद न होने के कारण उनके मुनीम शारदा साहू से घंटों पूछताछ की गई है। इतना ही नहीं, विभाग की एक टीम ने उनके लखनऊ के पार्क रोड स्थित आवास पर भी दबिश दी है।
- युवराज सिंह और सीरजध्वज सिंह: हमीरपुर सदर के पूर्व विधायक और चौधरी ऑटोमोबाइल के मालिक युवराज सिंह और उनके भाई भी इस जांच की जद में हैं। इनके ठिकानों पर दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल की जा रही है।
- दिलीप सिंह: बसपा के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी और पेट्रोल पंप व खनन के बड़े कारोबारी दिलीप सिंह के ठिकानों पर भी आयकर विभाग की पैनी नजर है।
- अन्य कारोबारी: बिजली विभाग के ठेकेदार शशांक शेखर, अवनि परिधि अस्पताल के संचालक अज्ञात गुप्ता, और व्यवसायी शिवशरण सिंह व राहुल सिंह के परिसरों पर भी जांच टीमें मौजूद हैं।
करोड़ों का कैश और दस्तावेजों में हेराफेरी
सूत्रों के अनुसार, अब तक की छानबीन में करीब 2.5 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की जा चुकी है। हालांकि, विभाग की ओर से आधिकारिक पुष्टि होना अभी शेष है। नकदी के अलावा, टीमों को आय-व्यय के रजिस्टर और डिजिटल डेटा में भारी विसंगतियां मिली हैं। कई ऐसे निवेश के दस्तावेज मिले हैं जिनका जिक्र आयकर रिटर्न (ITR) में नहीं किया गया था। मनी लॉन्ड्रिंग और शेल कंपनियों के जरिए पैसे को घुमाने की आशंका पर भी टीम बारीकी से काम कर रही है।
दिन-रात चल रही ‘शिफ्ट’ में जांच
छापेमारी की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अधिकारियों ने पिछले 50 घंटों से बाहर कदम नहीं रखा है। अधिकारी शिफ्ट बदल-बदल कर काम कर रहे हैं। खाने-पीने की व्यवस्था भी संबंधित कारोबारियों के घरों के अंदर ही की गई है ताकि समय की बचत हो सके और गोपनीयता बनी रहे। विभाग की इस कार्यशैली से स्थानीय कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
बुंदेलखंड में खलबली
बुंदेलखंड हमेशा से खनन और ठेकेदारी के लिए चर्चित रहा है। इतनी बड़ी संख्या में एक साथ कई दिग्गज हस्तियों पर छापा पड़ना यह संकेत देता है कि आयकर विभाग के पास पुख्ता खुफिया जानकारी थी। विभाग के उच्चाधिकारियों ने फिलहाल मीडिया से दूरी बना रखी है और उनका कहना है कि जब तक जब्ती की सूची (Seizure Memo) पूरी नहीं हो जाती, तब तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया जाएगा।
आने वाले घंटों में बरामदगी का यह आंकड़ा और बढ़ सकता है, क्योंकि अभी कई लॉकरों को खोला जाना बाकी है और डिजिटल डिवाइसों का क्लोन बनाकर डेटा रिकवर किया जा रहा है।
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