10 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच 3840 अभ्यर्थी
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
बांदा। उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक (नागरिक पुलिस) और समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की बहुप्रतीक्षित लिखित परीक्षा आज से बांदा जनपद में पूरी शुचिता और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच शुरू हो गई है। जिले के प्रशासनिक और पुलिस अमले ने परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए कमर कस ली है। दो दिनों तक चलने वाली इस परीक्षा के लिए जनपद में कुल 10 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ हजारों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है।
दो पालियों में आयोजित हो रही है परीक्षा
प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह परीक्षा 14 और 15 मार्च को आयोजित की जा रही है। प्रत्येक दिन परीक्षा दो पालियों में संपन्न होगी। पहली पाली का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया गया है, जबकि दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। बांदा के कुल 10 केंद्रों पर 3840 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। सुबह से ही केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखी गईं, जहाँ सघन तलाशी के बाद ही उन्हें भीतर प्रवेश दिया गया।
सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम: धारा 144 और पांच जोन में बँटा जिला
जिला प्रशासन ने परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सुरक्षा का एक मज़बूत चक्र तैयार किया है। पूरे जिले को प्रशासनिक दृष्टिकोण से पांच जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी अनुभवी अधिकारियों को सौंपी गई है।
परीक्षा केंद्रों की संवेदनशीलता को देखते हुए, प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि प्रत्येक केंद्र के 100 मीटर के दायरे में स्थित सभी दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहेंगे। इसका उद्देश्य केंद्रों के आसपास अवांछित तत्वों की भीड़ को रोकना और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना को समाप्त करना है।
प्रमुख संस्थानों को बनाया गया केंद्र
बांदा के कई प्रतिष्ठित शैक्षणिक और तकनीकी संस्थानों को परीक्षा केंद्र के रूप में चयनित किया गया है। इनमें शामिल हैं:
- राजकीय बालिका पीजी कॉलेज और जीजीआईसी बांदा।
- रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज।
- कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, बांदा।
- पं. जेएन डिग्री कॉलेज।
- नगर पालिका बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय।
- डीएवी इंटर कॉलेज, खानकाह इंटर कॉलेज, आदर्श बजरंग इंटर कॉलेज और इंटरमीडिएट कॉलेज तिंदवारा।
मजिस्ट्रेटों की तैनाती और सख्त निगरानी
परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने दस सेक्टर मजिस्ट्रेट और दस स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए हैं। स्टैटिक मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए गए हैं कि वे परीक्षा शुरू होने से कम से कम तीन घंटे पहले अपने आवंटित केंद्र पर पहुँचें।
इन अधिकारियों की मुख्य जिम्मेदारी अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति और फ्रिस्किंग (तलाशी) की निगरानी करना है। साथ ही, वे सीसीटीवी कंट्रोल रूम से प्रत्येक गतिविधि पर पैनी नज़र रख रहे हैं। सेक्टर मजिस्ट्रेटों को अपने आवंटित क्षेत्रों में निरंतर भ्रमण करने और यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अभ्यर्थियों को आवागमन में किसी भी वैकल्पिक मार्ग की समस्या न हो।
बोर्ड के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लखनऊ द्वारा जारी गाइडलाइंस को लेकर प्रशासन बेहद गंभीर है। केंद्र व्यवस्थापकों, सहायक केंद्र व्यवस्थापकों और अन्य प्रतिनिधियों को चेतावनी दी गई है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी केंद्रों पर जैमर और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है।
जिला प्रशासन का कहना है कि उनकी प्राथमिकता एक पारदर्शी वातावरण प्रदान करना है ताकि योग्य उम्मीदवारों का चयन सुनिश्चित हो सके। कल यानी 15 मार्च को भी इसी तरह के कड़े इंतजामों के बीच परीक्षा का दूसरा और अंतिम दिन संपन्न होगा।
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