अतर्रा का 'नरक' बना चौक बाजार!
बांदा/अतर्रा: जनपद का प्रमुख व्यापारिक केंद्र अतर्रा कस्बा इन दिनों बदहाल यातायात व्यवस्था का दंश झेल रहा है। कस्बे का हृदय स्थल कहा जाने वाला ‘चौक बाजार’ अब आम जनता के लिए जी का जंजाल बन चुका है। आलम यह है कि दिन भर यहाँ वाहनों की ऐसी रेलमपेल रहती है कि पैदल चलना भी दूभर है। पुलिस प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद धरातल पर ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
बाजार में लगा ‘महाजाम’, बेबस दिखे राहगीर
बीते कुछ दिनों से चौक बाजार में जाम की स्थिति विकराल होती जा रही है। हाल ही में बाजार क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। संकरी गलियों में चारपहिया वाहनों के घुसने और बेतरतीब पार्किंग के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया। इस दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इतनी व्यस्त जगह पर एक भी पुलिसकर्मी या ट्रैफिक होमगार्ड मौजूद नहीं था।
जाम में फंसे लोग करीब आधे से एक घंटे तक भीषण शोर और प्रदूषण के बीच अपनी बारी का इंतजार करते रहे। आवश्यक कार्यों से निकले लोगों की ट्रेनें और जरूरी मुलाकातें इस अव्यवस्था की भेंट चढ़ गईं।
अधिकारियों के दावे और हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर
जब इस समस्या को लेकर अतर्रा थाना प्रभारी ऋषिदेव सिंह से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि चौक बाजार में पुलिसकर्मियों की नियमित तैनाती कर दी गई है। लेकिन स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का आरोप है कि पुलिस का यह दावा केवल कागजी है। वाहन चालक अरविंद, पप्पू और राजकुमार ने Truth India Times को बताया कि मौके पर पुलिसकर्मी कभी-कभार ही नजर आते हैं। जब जाम लगता है, तब ड्यूटी पर तैनात जवान या तो नदारद होते हैं या फिर किनारे खड़े होकर तमाशा देखते हैं।
क्यों लग रहा है रोजाना जाम? मुख्य कारण:
- अव्यवस्थित पार्किंग: दुकानों के सामने बेतरतीब ढंग से खड़ी मोटरसाइकिलें और ई-रिक्शा सड़क का बड़ा हिस्सा घेर लेते हैं।
- अतिक्रमण: दुकानदारों द्वारा फुटपाथ और सड़क पर सामान फैला लेना।
- पुलिस की लापरवाही: नियमित गश्त और यातायात नियंत्रण के लिए समर्पित बल की कमी।
- चारपहिया वाहनों का प्रवेश: पीक ऑवर्स (व्यस्त समय) में भी भारी या बड़े वाहनों का बाजार के बीच से गुजरना।
जनता की मांग: अब ठोस कार्रवाई चाहिए
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि चौक बाजार में केवल नाम के लिए नहीं, बल्कि काम के लिए पुलिस बल तैनात किया जाए। लोगों का सुझाव है कि:
- चौक बाजार को ‘नो पार्किंग जोन’ घोषित कर अवैध पार्किंग पर जुर्माना लगाया जाए।
- ई-रिक्शा और ठेलों के लिए अलग स्टैंड या समय निर्धारित हो।
- जाम लगाने वाले बड़े वाहनों के प्रवेश पर दिन के समय रोक लगाई जाए।
Truth India Times की ग्राउंड रिपोर्ट: एक नज़र में
| विवरण | जमीनी हकीकत |
| प्रभावित क्षेत्र | चौक बाजार, अतर्रा कस्बा (बांदा) |
| प्रमुख समस्या | रोजाना लगने वाला भीषण जाम और पुलिस की अनुपस्थिति। |
| जनता की परेशानी | 30-45 मिनट तक जाम में फंसे रहना, व्यापार प्रभावित होना। |
| प्रशासन का पक्ष | तैनाती का दावा, लेकिन धरातल पर असर शून्य। |
| प्रमुख मांग | नियमित ट्रैफिक पुलिस की तैनाती और अतिक्रमण हटाओ अभियान। |
Truth India Times की खास टिप्पणी:
अतर्रा की यह समस्या नई नहीं है, लेकिन प्रशासन की अनदेखी ने इसे ‘क्रोनिक’ बना दिया है। थाना प्रभारी का दावा है कि फोर्स तैनात है, लेकिन अगर जाम में जनता पिस रही है, तो उस तैनाती का क्या लाभ? Truth India Times प्रशासन से सवाल करता है कि क्या वह किसी बड़े हादसे या जनता के गुस्से के फूटने का इंतजार कर रहा है? चौक बाजार को सुचारु बनाना कोई रॉकेट साइंस नहीं है, बस जरूरत है एक ईमानदार प्रशासनिक इच्छाशक्ति की।
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