CM दरबार में लगाई न्याय की गुहार
Kanpur/Truth India Times Digital Desk
कानपुर | उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था और ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर कानपुर पुलिस के एक दरोगा ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री के जनता दरबार में न्याय की आस लेकर पहुंची एक बेसहारा युवती ने जो आपबीती सुनाई, उसने खाकी को फिर से दागदार कर दिया है। पीड़िता का आरोप है कि उसके फुफेरे भाई ने न केवल उसका रेप किया और संपत्ति हड़पी, बल्कि जांच कर रहे दरोगा ने भी आरोपी से एक लाख रुपये की रिश्वत लेकर उसे थाने से भगा दिया।
अनाथ होने का फायदा उठाकर फुफेरे भाई ने किया विश्वासघात
कानपुर के कल्याणपुर, बारा सिरोही की रहने वाली रुचि (परिवर्तित नाम) की कहानी किसी फिल्म के दुखांत मोड़ जैसी है। रुचि ने बताया कि साल 2020 में उसके पिता और 2023 में उसकी माता का देहांत हो गया था। माता-पिता के साये से महरूम होने के बाद वह अपने नाबालिग भाई के साथ घर में अकेली रह गई। इस कठिन समय में उसका फुफेरा भाई, अनिरुद्ध सिंह उर्फ अतुल, मदद का भरोसा देकर घर आने-जाने लगा।
पीड़िता के अनुसार, अतुल ने शुरू में सहारा देने का नाटक किया, लेकिन जल्द ही उसकी नीयत डोल गई। उसने युवती के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। एक बार जब युवती ने विरोध स्वरूप आत्महत्या की कोशिश की, तो आरोपी ने माफी मांगकर मामले को रफा-दफा कर दिया। लेकिन यह तो बस एक भयानक साजिश की शुरुआत थी।
संपत्ति हड़पी और भाई की जान की दी धमकी
आरोपी अतुल की नजर युवती की संपत्ति पर थी। उसने झांसा दिया कि वह बारासिरोही वाला मकान बिकवा कर उसे दूसरी जगह अच्छा मकान दिलवा देगा। विश्वास में आकर युवती ने मकान बेच दिया। आरोप है कि मकान बिक्री के ₹18 लाख में से अतुल ने ₹10 लाख अपने खाते में डाल लिए और मात्र ₹8 लाख युवती को दिए। बाकी पैसों के बदले उसने 50 वर्ग गज का प्लॉट दिलवाने का वादा किया।
करीब एक महीने पहले, दरिंदगी की सारी हदें पार हो गईं। पीड़िता ने बताया कि अतुल रात के अंधेरे में उसके घर पहुंचा और उसके सो रहे नाबालिग भाई का तकिए से मुंह दबा दिया। उसने युवती को डराते हुए कहा, “पैसे चाहिए या भाई की जान? अगर पैसे मांगे तो इसे मार डालूंगा।” इसी खौफ के साये में उसने युवती के साथ बलात्कार किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
खाकी पर दाग: ‘एक लाख में बिका दरोगा’
न्याय की तलाश में जब पीड़िता कल्याणपुर थाने और स्थानीय चौकी पहुंची, तो उसे वहां से दुत्कार कर भगा दिया गया। हार मानकर वह कानपुर पुलिस आयुक्त (CP) के पास पहुंची। सीपी के आदेश पर मामले की जांच कल्याणपुर थाने के दरोगा राजवीर सिंह को सौंपी गई।
पीड़िता का सबसे संगीन आरोप इसी दरोगा पर है। युवती ने मुख्यमंत्री को बताया कि दरोगा राजवीर सिंह ने आरोपी अतुल को पनकी रोड चौकी बुलाया। वहां दरोगा ने आरोपी से ₹1 लाख की रिश्वत ली और पीड़िता को चुप रहने को कहा। जब युवती ने अपने बाकी पैसों और न्याय की मांग की, तो दरोगा ने उसे डांटकर भगा दिया। आरोपी अतुल अब खुलेआम युवती को चुनौती दे रहा है कि “मैंने दरोगा को एक लाख दे दिए हैं, अब तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगी।”
मुख्यमंत्री कार्यालय ने मांगा जवाब
जनता दरबार में इस दर्दनाक दास्तां को सुनने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय सख्त रुख अपना रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कानपुर पुलिस आयुक्त से तत्काल रिपोर्ट तलब की गई है। अनाथ युवती और उसके नाबालिग भाई की सुरक्षा और दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच अब शासन की प्राथमिकता में है।
यह मामला न केवल महिला सुरक्षा पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे निचले स्तर पर पुलिसकर्मी अपराधियों के साथ साठगांठ कर पीड़ितों का मनोबल तोड़ रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या कानपुर पुलिस अपने ही महकमे के इस ‘दाग’ को धो पाती है और पीड़िता को उसका हक और न्याय मिलता है या नहीं।
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