कानपुर: 'साहब! पुलिस नहीं सुनती, आज जान दे दूंगा'
Kanpur/Truth India Times Digital Desk
प्रलभ शरण चौधरी/कानपुर।
उत्तर प्रदेश के कानपुर में न्याय न मिलने से परेशान एक युवक के आत्मघाती कदम ने प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए। शनिवार को नरवल तहसील में आयोजित ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक ने जिलाधिकारी (DM) जितेंद्र प्रताप सिंह के सामने ही खुद पर पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह का प्रयास किया। युवक का आरोप है कि दबंग पड़ोसियों ने उसके घर की नाली बंद कर दी है, जिससे उसका आशियाना गिरने की कगार पर है, लेकिन पुलिस और तहसील प्रशासन उसकी गुहार अनसुनी कर रहे हैं।
“फिल्मों में देखा था कि ऐसे ही सुनवाई होती है”
आत्मदाह की कोशिश करने वाले युवक बउवन सिंह ने पकड़े जाने के बाद अपना दर्द बयां करते हुए कहा, “मैंने फिल्मों में देखा था कि जब तक कुछ बड़ा न करो, प्रशासन नहीं सुनता। मैं अपनी मां के साथ दर-दर भटक चुका हूं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। इसलिए आज पेट्रोल डालकर आया था।” घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने युवक को घेरा बनाकर पकड़ा और उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर उसके कपड़े बदलवाए। DM ने युवक को सांत्वना दी और तत्काल मामले के निस्तारण का आश्वासन दिया।
नाली विवाद: “घर गिर जाएगा, कहां जाएंगे हम?”
पीड़ित बउवन सिंह नरवल थाने के करबिगवां साढ़ गांव का निवासी है। उसने बताया कि उसके परिवार के ही सत्येंद्र, अभय और अखिलेश सिंह ने मिलकर उसके घर की नाली तोड़ दी और उसे बंद कर दिया। इस वजह से उसके कच्चे मकान की नींव में पानी भर रहा है। बउवन को डर है कि किसी भी दिन उसका मकान ढह जाएगा।
उसने आरोप लगाया कि विपक्षी उसे धमकाते हैं और कहते हैं कि “मेरा बेटा फौज में है, कहीं भी शिकायत कर लो, कोई हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा।”
मां का छलका दर्द: “सीने पर चढ़कर मारा, पुलिस ने भगाया”
बउवन की मां रानी सिंह ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि विपक्षी महिलाओं ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। रानी सिंह के मुताबिक, “पड़ोसी महिलाओं ने मेरे सीने पर चढ़कर मुझे पीटा। जब मैं न्याय के लिए थाने गई, तो SO साहब ने सुनने के बजाय मुझे वहां से भगा दिया।” पीड़ित परिवार का सीधा आरोप है कि विपक्षी पार्टी ने पुलिस को प्रभाव में ले रखा है, जिसके कारण शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। बउवन ने बताया कि वह अपनी मां के साथ न्याय की गुहार लेकर लखनऊ तक के चक्कर लगा चुका है, लेकिन हर जगह से उसे कोरा आश्वासन ही मिला।
तहसील परिसर में मची भगदड़
जिस समय यह घटना हुई, उस समय तहसील सभागार फरियादियों से भरा हुआ था। जैसे ही बउवन ने पेट्रोल की बोतल निकाली और खुद पर तेल छिड़का, वहां चीख-पुकार मच गई। सुरक्षाकर्मी तुरंत हरकत में आए और माचिस जलाने से पहले ही उसे दबोच लिया। इस घटना ने ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ की सार्थकता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर एक फरियादी को न्याय पाने के लिए अपनी जान जोखिम में क्यों डालनी पड़ रही है?
प्रशासन का रुख और आश्वासन
युवक के आत्मघाती कदम के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। DM जितेंद्र प्रताप सिंह ने पीड़ित की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तुरंत मौके पर जाकर पैमाइश करने और नाली विवाद को सुलझाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस को भी निर्देशित किया गया है कि वे दोनों पक्षों को बुलाकर कानून व्यवस्था बनाए रखें और पीड़ित की मां के साथ हुई मारपीट के मामले की निष्पक्ष जांच करें।
फिलहाल, प्रशासन के आश्वासन के बाद युवक और उसकी मां शांत हुए हैं, लेकिन इस घटना ने कानपुर पुलिस और तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
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