बांदा में आज से गूंजा 'सिमौनी धाम
Banda/Truth India Times Digital Desk
बुंदेलखंड की आस्था और संस्कृति का प्रतीक तीन दिवसीय सिमौनी धाम मेला आज, 15 दिसंबर 2025 से बांदा में पूरी भव्यता के साथ शुरू हो गया है। अनुमान है कि यह ऐतिहासिक आयोजन अगले तीन दिनों तक चलेगा, जिसमें देश भर से लगभग 5 लाख श्रद्धालु हिस्सा लेंगे। मेले के आरंभ होते ही सिमौनी धाम के मधुबन क्षेत्र में साधु-संतों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है और चिमटों की आवाज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है।
प्रशासन ने इतनी बड़ी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। वहीं, श्रमदानियों और कारीगरों की टोलियां सेवा भाव में जुट गई हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: हनुमान जी का स्वप्न और भंडारे की शुरुआत
सिमौनी धाम मेले का आयोजन हर वर्ष 15 से 17 दिसंबर तक किया जाता है। श्रमदानी कार्यकर्ताओं के अनुसार, इस विशाल भंडारे की शुरुआत वर्ष 1967 में हुई थी। प्रचलित कथा के अनुसार, स्वामी अवधूत महाराज को हनुमान जी ने स्वप्न में भंडारा करने का आदेश दिया था। इसके बाद उसी वर्ष मौनी बाबा की समाधि स्थल पर पहला भंडारा आयोजित किया गया था, जो तब से लगातार हर साल आयोजित होता आ रहा है। यह मेला सेवा, आस्था और सामूहिक श्रमदान का अद्भुत उदाहरण है।
सेवा भाव में जुटे श्रमदानी और कारीगर
मेले की शुरुआत से हफ्तेभर पहले से ही गैर-जनपद और अन्य प्रांतों के श्रमदानी कार्यकर्ता यहां डेरा डालकर सेवा कार्यों में लगे हुए हैं। ये कार्यकर्ता अपनी स्वयं की इच्छा से आकर भंडारे और व्यवस्था को संभालते हैं।
भंडारे के लिए प्रसाद बनाने का काम दिल्ली, आगरा और राजस्थान से आए कारीगरों ने संभाल लिया है। आज सुबह से ही मालपुआ, गर्मागर्म जलेबी, पूड़ी और सब्जी जैसे प्रसाद तैयार करने का काम जोर-शोर से चल रहा है।
भंडारे की व्यवस्था:
- आज (सोमवार) से शुरू हुए भंडारे में कुल 11 पंडाल लगाए गए हैं।
- सबसे पहले साधु-संत पंडालों में प्रसाद ग्रहण करेंगे।
- इसके बाद सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण शुरू किया जाएगा।
- श्रमदानी कार्यकर्ता अपने-अपने काउंटरों की व्यवस्था संभाल चुके हैं।
तीन दिन चलेगा सांस्कृतिक मंचन
सिमौनी धाम मेले का एक प्रमुख आकर्षण यहां का रंगमंच है। तीन दिनों तक चलने वाले इस मेले में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी। कलाकारों का जमावड़ा हो गया है, जो यहां अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। मंच पर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं, रामलीला और अन्य भक्तिपूर्ण नाटकों का मंचन किया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि रंगमंच के कार्यक्रम सुबह से ही शुरू हो जाएंगे।
इसके अलावा, श्रीगणेश, नंदी, शंकर और पवनसुत हनुमान की विशाल और भव्य मूर्तियां भी यहां स्थापित हैं, जो दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इतनी विशाल जनसभा को देखते हुए, बांदा पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने स्वयं सभी पुलिसकर्मियों को ब्रीफ किया है। भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
मेला क्षेत्र को विभिन्न सेक्टरों में बांटा गया है। इसके अलावा, लोगों की सुविधा और जागरूकता के लिए विभिन्न विभागों के स्टॉल भी लगाए गए हैं, जहाँ सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी दी जा रही है।
सिमौनी धाम मेला सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की सदियों पुरानी परंपरा और सामूहिक सद्भाव का प्रतीक है।
मेला विवरण (Mela Details):
- अवधि: 15 दिसंबर से 17 दिसंबर 2025 (तीन दिन)।
- श्रद्धालु अनुमान: 5 लाख।
- मुख्य आकर्षण: श्रीकृष्ण/रामलीला मंचन, विशाल मूर्तियां, श्रमदान आधारित भंडारा।
- सुरक्षा: एसपी के निर्देश पर पुलिसकर्मियों की तैनाती और सभी विभागों के स्टॉल।
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