बांदा में बालू माफिया का कहर! ओवरलोड ट्रैक्टर ने बाइक को रौंदा, मां की मौत
Banda/Truth India Times Digital Desk
बांदा/तिंदवारी: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में अवैध बालू खनन और ओवरलोडिंग का खूनी खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार दोपहर तिंदवारी थाना क्षेत्र में बालू से लदे एक बेकाबू और ओवरलोड ट्रैक्टर ने मोटरसाइकिल सवार भाई-बहन को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण हादसे में एक महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका महज 15 दिन का नवजात बच्चा और भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। मासूम की हालत नाजुक बनी हुई है और वह अस्पताल में अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहा है।
भांजे के इलाज के लिए जा रहे थे, काल बनकर आया ट्रैक्टर
पूरी घटना सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे की है। ग्राम बेंदा निवासी गोविंद अपनी बहन पूनम और उसके 15 दिन के नवजात बेटे को लेकर मोटरसाइकिल से तिंदवारी जा रहे थे। पूनम का नवजात बच्चा बीमार था और वे उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे थे। पूनम ने अपने कलेजे के टुकड़े को गोद में कसकर पकड़ा हुआ था, उन्हें क्या पता था कि गांव की सीमा पार करते ही मौत उनका इंतजार कर रही है।
जैसे ही वे बेंदा गांव के पास पहुँचे, सामने से आ रहे अवैध बालू से लदे एक ओवरलोड ट्रैक्टर ने उन्हें सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों सड़क पर दूर जा गिरे।
मां की ममता ने बचाई मासूम की जान, खुद तोड़ दिया दम
चश्मदीदों के अनुसार, हादसे के समय पूनम ने अपने 15 दिन के बच्चे को सीने से लगाकर बचाने की कोशिश की। इस टक्कर में पूनम के सिर में गंभीर चोट आई और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, गोविंद और मासूम बच्चा सड़क पर गिरकर लहूलुहान हो गए। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और एम्बुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल पहुँचाया।
अवैध बालू और ओवरलोडिंग: बांदा की सड़कों पर ‘यमराज’
तिंदवारी और आसपास के क्षेत्रों में अवैध बालू खनन का काला कारोबार चरम पर है। ग्रामीण बताते हैं कि ट्रैक्टर-ट्रॉली में क्षमता से दोगुना बालू भरकर उन्हें सड़कों पर रेस की तरह दौड़ाया जाता है। ये ‘यमराज’ रूपी ट्रैक्टर न तो ट्रैफिक नियमों का पालन करते हैं और न ही इनमें बैठने वाले चालकों के पास अक्सर वैध लाइसेंस होता है।
अवैध बालू लदे इन ट्रैक्टरों की वजह से बांदा की सड़कें आए दिन बेगुनाह लोगों के खून से लाल हो रही हैं। प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे इस खेल ने आज एक और सुहागिन की जान ले ली और एक 15 दिन के बच्चे के सिर से मां का साया छीन लिया।
गुस्साए ग्रामीणों का प्रदर्शन, पुलिस ने संभाली स्थिति
हादसे के बाद बेंदा गांव के ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस और खनन विभाग की मिलीभगत के बिना ये ओवरलोड ट्रैक्टर सड़कों पर नहीं दौड़ सकते। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Truth India Times की रिपोर्ट: मुख्य जानकारी
| विवरण | घटना का विवरण |
| हादसे का समय | सोमवार दोपहर, करीब 1:30 बजे |
| स्थान | ग्राम बेंदा के पास, तिंदवारी (बांदा) |
| मृतक | पूनम (निवासी ग्राम बेंदा) |
| घायल | गोविंद (भाई) और 15 दिन का नवजात बच्चा |
| हादसे का कारण | अवैध बालू से लदा ओवरलोड ट्रैक्टर |
| वर्तमान स्थिति | घायलों का इलाज जारी, पुलिस जांच में जुटी |
Truth India Times का तीखा सवाल:
आखिर कब तक अवैध बालू लदे ट्रैक्टर बेगुनाहों को रौंदते रहेंगे? 15 दिन का मासूम, जो अब अपनी मां को कभी नहीं देख पाएगा, उसकी चीखों का हिसाब कौन देगा? क्या प्रशासन इन बालू माफियाओं पर नकेल कसेगा या एक और हादसे का इंतज़ार करेगा? बांदा की जनता अब ठोस कार्रवाई चाहती है, कागजी खानापूर्ति नहीं।
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