नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास
Banda/Truth India Times Digital Desk
उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हो रहे अपराधों पर त्वरित कार्रवाई और सख्त सजा दिलाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ (Operation Conviction) अभियान के तहत बांदा में एक महत्वपूर्ण फैसला आया है। बांदा की सत्र न्यायालय ने एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में पड़ोसी दोषी हुकुमचंद को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 5 हजार रुपये का अर्थदंड (जुर्माना) भी लगाया है।
महज दो साल के भीतर इस मामले में फैसला आ जाना, पुलिस की प्रभावी विवेचना और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी का परिणाम माना जा रहा है।
क्या थी दो साल पुरानी घटना?
यह जघन्य घटना 13 मई 2023 को बबेरू थाना क्षेत्र के निबिहापुरवा मजरा अहार गांव में हुई थी। पीड़िता के पिता कालीचरन ने उसी दिन शाम को बबेरू थाने में एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि गांव के ही पड़ोसी व्यक्ति हुकुमचंद ने उनकी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म किया है।
पिता की शिकायत पर बबेरू पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। बबेरू थाने में सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक पंकज कुमार सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन विवेचना शुरू की।
पुलिस की तेज विवेचना और प्रभावी चार्जशीट
पुलिस ने इस संवेदनशील मामले की विवेचना में कोई देरी नहीं की। प्रभारी निरीक्षक पंकज कुमार सिंह ने सभी साक्ष्यों को मजबूती से एकत्रित किया और प्रभावी जांच पूरी की। जांच के बाद, 9 अगस्त 2023 को (घटना के लगभग तीन महीने के भीतर) पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मजबूत चार्जशीट (आरोप पत्र) न्यायालय में दाखिल कर दिया था।
पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करती है कि मामले की सुनवाई जल्द से जल्द शुरू हो सके और पीड़िता को न्याय मिल सके।
‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के तहत त्वरित पैरवी
पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर राज्य भर में गंभीर अपराधों में त्वरित सजा दिलाने के लिए “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान चलाया जा रहा है। बांदा का यह मामला भी इसी अभियान का हिस्सा था।
न्यायालय में लोक अभियोजक शिवपूजन सिंह ने पूरे मामले की मजबूती से और प्रभावी ढंग से पैरवी की। पुलिस विभाग की तरफ से कोर्ट मोहर्रिर आरक्षी जितेंद्र और अमित, तथा पैरोकार आरक्षी चक्रधारी ने भी साक्ष्यों और गवाहों को सही समय पर न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए अथक प्रयास किए।
लोक अभियोजक की सशक्त दलीलें और पुलिस द्वारा प्रस्तुत ठोस सबूतों के आधार पर, माननीय सत्र न्यायालय बांदा ने आरोपी हुकुमचंद पुत्र मोहन निवासी निबिहापुरवा मजरा अहार को दोषी पाया।
न्यायालय का सख्त फैसला
सभी पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद, माननीय सत्र न्यायालय बांदा ने आरोपी हुकुमचंद को नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी मानते हुए उसे 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही, अदालत ने दोषी पर 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
यह फैसला समाज में एक कड़ा संदेश देता है कि महिलाओं और बच्चों के प्रति ऐसे जघन्य अपराध करने वालों को कानून किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेगा। इस फैसले से पीड़ित परिवार ने न्याय मिलने पर संतोष व्यक्त किया है।
मामले की समयरेखा (Case Timeline):
| तारीख | घटना |
| 13 मई 2023 | बबेरू थाने में घटना की शिकायत दर्ज। |
| 9 अगस्त 2023 | पुलिस द्वारा प्रभावी विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल। |
| दिसंबर 2025 | माननीय सत्र न्यायालय बांदा द्वारा दोषी को 20 साल की सजा सुनाई गई। |
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