एशिया में रिकॉर्ड फंडरेज़िंग, भारत बना निवेशकों की पहली पसंद
Truth India Times Digital Desk
वर्ष 2025 में एशियाई बाजारों में फंडरेज़िंग ने नया रिकॉर्ड बनाया है। इस तेजी में भारत की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है।
देश में मजबूत आर्थिक बुनियाद और स्थिर नीतियों के कारण विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। कई बड़ी कंपनियों ने पूंजी जुटाने के लिए भारतीय बाजार का रुख किया।
स्टार्टअप से लेकर बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों तक, सभी को निवेश का लाभ मिला है। इससे रोजगार और आर्थिक विकास को भी गति मिली है।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत का डिजिटल इकोसिस्टम निवेशकों के लिए बड़ा आकर्षण बना हुआ है।
बैंकिंग, टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में सबसे ज्यादा निवेश देखा गया है।
हांगकांग के साथ-साथ भारत एशिया का सबसे सक्रिय फंडरेज़िंग हब बनकर उभरा है।
सरकार की ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ नीतियों ने भी निवेश को बढ़ावा दिया है।
आने वाले वर्षों में भारत के लिए यह ट्रेंड और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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