कानपुर में ट्यूशन टीचर की डांट से आहत छात्र ने 9वीं मंजिल से लगाई छलांग
Kanpur/Truth India Times Digital Desk
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 14 वर्षीय छात्र ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। शहर के एक पॉश अपार्टमेंट में रहने वाले 8वीं कक्षा के छात्र ने कथित तौर पर 9वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। घटना के पीछे शुरुआती वजह ट्यूशन टीचर द्वारा होमवर्क न करने पर दी गई डांट बताई जा रही है, हालांकि मृतक की मां के बयानों ने मामले में एक नया मोड़ दे दिया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र की उम्र 14 वर्ष थी और वह शहर के एक प्रतिष्ठित स्कूल में 8वीं कक्षा में पढ़ता था। बताया जा रहा है कि बुधवार को छात्र घर पर अपनी ट्यूशन टीचर से पढ़ रहा था। टीचर ने उसे कुछ होमवर्क दिया था, जिसे छात्र पूरा नहीं कर पाया था। इसी बात को लेकर ट्यूशन टीचर ने छात्र को फटकार लगाई।
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जानकारी के मुताबिक, टीचर की डांट से छात्र इतना आहत हुआ कि वह अचानक उठकर अपने कमरे में गया और गुस्से में बालकनी की तरफ भागा। इससे पहले कि घर में मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उसने 9वीं मंजिल से नीचे छलांग लगा दी।
अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
भारी शोर और चीख-पुकार सुनकर अपार्टमेंट के सुरक्षा गार्ड और अन्य लोग मौके पर पहुंचे। छात्र खून से लथपथ जमीन पर पड़ा था। आनन-फानन में परिवार वाले उसे लेकर पास के निजी अस्पताल भागे, लेकिन ऊंचाई से गिरने के कारण छात्र को गंभीर अंदरूनी चोटें आईं थीं। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मां के आरोपों ने उलझाई गुत्थी
जहां एक तरफ पुलिस और आसपास के लोग इसे टीचर की डांट से जुड़ा सुसाइड मान रहे हैं, वहीं मृतक की मां ने सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। मां का कहना है कि उसका बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके ससुराल वालों के साथ पारिवारिक विवाद चल रहा था और उन्होंने ही साजिश के तहत उनके बेटे को बालकनी से नीचे फेंका है।
मां के इन आरोपों के बाद पुलिस अब मामले की जांच दो पहलुओं पर कर रही है:
- क्या छात्र ने वाकई मानसिक दबाव या गुस्से में आकर आत्महत्या की?
- क्या इस घटना के पीछे कोई पारिवारिक रंजिश या साजिश है जैसा कि मां दावा कर रही हैं?
पुलिस की कार्रवाई और जांच
पुलिस ने ट्यूशन टीचर से भी पूछताछ शुरू कर दी है। अपार्टमेंट में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि घटना के समय की परिस्थितियों का सटीक पता लगाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नोट: इस दुखद घटना ने एक बार फिर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और उन पर बढ़ते पढ़ाई के दबाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को छोटी उम्र में डांट या दबाव के बजाय संवेदनशीलता के साथ संभालने की जरूरत है।
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