कालेश्वर विद्युत सब स्टेशन पर संविदा कर्मियों का हल्लाबोल, दो साथियों की बर्खास्तगी और वेतन रोकने पर भड़के कर्मचारी; जेई-एसडीओ पर तानाशाही का आरोप

बांदा/पैलानी। जनपद के पैलानी तहसील क्षेत्र अंतर्गत कालेश्वर विद्युत सब स्टेशन पर बुधवार को संविदा बिजली कर्मियों का गुस्सा फूट पड़ा। दर्जनों कर्मचारियों ने सब स्टेशन परिसर में धरना प्रदर्शन कर विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से पलरा सब स्टेशन के दो संविदा कर्मियों को सेवा से हटाए जाने और कई कर्मचारियों का वेतन रोके जाने के विरोध में किया गया। कर्मचारियों ने अधिकारियों पर तानाशाही और पारदर्शिता के अभाव का गंभीर आरोप लगाया है।

क्या है पूरा विवाद?

विद्युत विभाग के संविदा कर्मियों का आरोप है कि पलरा सब स्टेशन पर तैनात उनके दो साथियों को बिना किसी ठोस कारण के अचानक सेवा से मुक्त कर दिया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि यह कार्रवाई द्वेषपूर्ण है और इसके पीछे अधिकारियों की मनमानी काम कर रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि संविदा कर्मियों के हितों की रक्षा करने के बजाय अधिकारी उन्हें नौकरी से निकालने की धमकियां देते हैं और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।

वेतन रोकने और पारदर्शिता के अभाव का आरोप

धरना स्थल पर मौजूद संविदा कर्मियों ने क्षेत्रीय कनिष्ठ अभियंता (जेई) और उपखंड अधिकारी (एसडीओ) पर गंभीर आरोप लगाए। कर्मचारियों ने बताया कि:

  • वेतन में कटौती: बिना किसी पूर्व सूचना या स्पष्टीकरण के अक्सर उनका वेतन रोक दिया जाता है या उसमें कटौती की जाती है।
  • उपस्थिति रजिस्टर का विवाद: कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें उपस्थिति रजिस्टर (Attendance Register) की प्रति उपलब्ध नहीं कराई जाती है। इससे उन्हें यह पता नहीं चल पाता कि उनकी उपस्थिति सही दर्ज हो रही है या नहीं, जिससे वेतन भुगतान में धांधली की गुंजाइश बनी रहती है।
  • तानाशाही का व्यवहार: कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि अधिकारी अपनी बात मनवाने के लिए दबाव बनाते हैं और विरोध करने पर निष्कासन की धमकी दी जाती है।

15 दिसंबर के ज्ञापन पर नहीं हुई सुनवाई

प्रदर्शनकारियों ने खुलासा किया कि वे अपनी मांगों को लेकर पहले भी आवाज उठा चुके हैं। इस संबंध में 15 दिसंबर को भी संबंधित उच्चाधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा गया था, जिसमें वेतन विसंगतियों और बहाली की मांग की गई थी। लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी जब अधिकारियों की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो विवश होकर कर्मचारियों को काम रोककर धरने पर बैठना पड़ा।

एसडीओ की सफाई: अनुपस्थिति बनी वजह

विवाद बढ़ता देख विद्युत उपखंड अधिकारी (SDO) ज्ञानेश कुमार ने विभाग का पक्ष रखते हुए कहा कि हटाए गए कर्मचारी अपने काम के प्रति गंभीर नहीं थे। उन्होंने बताया कि संबंधित कर्मचारी लंबे समय से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित चल रहे थे, जिसके कारण ठेकेदार द्वारा नियमानुसार उन्हें हटाया गया है। एसडीओ ने आश्वासन दिया कि कर्मचारियों की अन्य मांगों की जांच की जा रही है और जो भी उचित विधिक कार्रवाई होगी, वह की जाएगी।

बिजली आपूर्ति पर संकट की आशंका

संविदा कर्मियों के इस प्रदर्शन के कारण क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर भी संकट मंडराने लगा है। यदि यह गतिरोध लंबा खिंचता है, तो पैलानी तहसील के दर्जनों गांवों की बिजली गुल हो सकती है। कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक उनके साथियों की बहाली नहीं होती और वेतन संबंधी समस्याओं का निस्तारण नहीं किया जाता, उनका विरोध जारी रहेगा।


निष्कर्ष और स्थानीय मांग

पैलानी क्षेत्र के नागरिकों की मांग है कि बिजली विभाग और संविदा कर्मियों के बीच का यह विवाद जल्द सुलझाया जाए ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिल सके। फिलहाल, कालेश्वर सब स्टेशन पर भारी संख्या में संविदा कर्मी डटे हुए हैं और प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

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