बड़ा खुलासा: कानपुर में 5 एकड़ जमीन और कार मालिक ले रहे थे कोटे का राशन, 32941 अपात्र लाभार्थियों के राशन कार्ड होंगे निरस्त

जिले में गरीबों के लिए आवंटित सरकारी राशन पर बड़े पैमाने पर हो रहे दुरुपयोग का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। कानपुर के पूर्ति विभाग (Supply Department) द्वारा किए गए गहन सत्यापन अभियान में यह बात सामने आई है कि 32,941 लाभार्थी ऐसे हैं जो आर्थिक रूप से संपन्न होने के बावजूद गरीबों को मिलने वाले कोटे के राशन का लाभ उठा रहे थे।

प्रशासन अब इन सभी अपात्र लाभार्थियों के राशन कार्ड निरस्त (रद्द) करने की तैयारी कर रहा है।

कौन हैं ये अपात्र लाभार्थी?

पूर्ति विभाग द्वारा किए गए सत्यापन में ऐसे लोगों की पहचान की गई है, जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के मानकों का उल्लंघन कर रहे थे। सत्यापन में सामने आए प्रमुख अपात्रता के आधार ये हैं:

  • जमीन मालिक: ऐसे लोग जिनके पास 5 एकड़ या उससे अधिक की सिंचित जमीन है।
  • कार मालिक: जिनके परिवार के पास चार पहिया वाहन (कार) है।
  • बिजनेस टर्नओवर: ऐसे व्यक्ति जो $25$ लाख रुपये या उससे अधिक का वार्षिक बिजनेस टर्नओवर फाइल करते हैं।
  • कंपनी डायरेक्टर: जांच में कई ऐसे लोग भी पाए गए जो निजी कंपनियों के डायरेक्टर या उच्च पदों पर कार्यरत हैं।

यह वह लोग हैं, जिन्होंने जानबूझकर या धोखे से गरीबों के हक का राशन सालों से लिया है।

कैसे हुआ खुलासा?

पूर्ति विभाग ने यह सत्यापन कार्य अन्य सरकारी विभागों, जैसे आयकर विभाग, परिवहन विभाग और राजस्व विभाग के डेटाबेस के साथ राशन कार्ड डेटा का मिलान (Cross-Verification) करके किया। इस डेटा मिलान में पता चला कि हजारों की संख्या में ऐसे लोग हैं जो आर्थिक रूप से मजबूत हैं और राशन कार्ड के लिए निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं, लेकिन फिर भी सब्सिडी वाला राशन उठा रहे थे।

पूर्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सत्यापन की प्रक्रिया अभी भी जारी है, और यह संख्या और भी बढ़ सकती है। यह कार्रवाई पूरी तरह से पारदर्शिता लाने और वास्तविक जरूरतमंदों को ही सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है।

होगी वसूली और कानूनी कार्रवाई

अधिकारियों ने बताया कि इन 32,941 अपात्र लाभार्थियों को जल्द ही नोटिस जारी किए जाएंगे। न केवल उनके राशन कार्ड निरस्त किए जाएंगे, बल्कि नियमानुसार, इन अपात्र लोगों ने अब तक जितना भी राशन लिया है, उसकी बाजार मूल्य के आधार पर वसूली भी की जाएगी।

कानपुर प्रशासन की इस कार्रवाई को राशन वितरण प्रणाली में बड़ा सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसका उद्देश्य सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को रोकना और वास्तविक गरीबों तक राहत पहुँचाना है।

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