सनकी पिता ने 7 साल के मासूम को भी नहीं बख्शा
Truth India Times Digital Desk
कानपुर/उन्नाव। “अगर हमने दो साल पहले समझौता न किया होता, तो आज मेरा भांजा जिंदा होता। हमने सोचा था कि बच्चों के भविष्य के लिए उसे (अजय) माफ कर देना चाहिए, लेकिन वह दरिंदा निकला। उसने मेरी बहन को मारा और अब मासूम बच्चे को भी मौत के घाट उतार दिया।” यह रुंधा हुआ गला उस बदकिस्मत भाई का है, जिसने पहले अपनी बहन को खोया और अब अपने 7 साल के मासूम भांजे की बर्बर हत्या की खबर सुनी है।
दो साल पहले पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी अजय ने अब अपने ही कलेजे के टुकड़े पर कुल्हाड़ी से वार कर उसे हमेशा के लिए खामोश कर दिया। वारदात इतनी जघन्य थी कि मासूम के शव को उसके पिता (आरोपी के पिता) की कब्र के बगल में ही दफना दिया गया।
19 दिसंबर 2022: जब पहली बार उजड़ा था घर
इस खौफनाक दास्तान की शुरुआत ठीक दो साल पहले 19 दिसंबर 2022 को हुई थी। आरोपी अजय को अपनी पत्नी अलका के चरित्र पर शक था। ‘अवैध संबंधों’ के इसी पागलपन भरे शक में अजय ने अलका के सिर पर ईंट से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी थी। उस वक्त घर में कोहराम मच गया था, लेकिन बच्चों के मासूम चेहरों को देखकर अलका के मायके वालों ने एक ऐसा फैसला लिया, जिसे वे आज अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल मान रहे हैं।
‘प्रॉपर्टी के नाम पर समझौता करना पड़ा भारी’
मृतक अलका के भाई ने बताया कि बहन की हत्या के बाद परिवार और समाज के दबाव में एक समझौता हुआ था। समझौते की शर्त यह थी कि अजय अपनी सारी प्रॉपर्टी बच्चों के नाम कर देगा और बदले में मायके पक्ष ने पुलिसिया कार्रवाई में नरमी बरती। भाई ने रोते हुए कहा, “हमें लगा कि पिता जेल चला गया तो बच्चों का क्या होगा? हमने उनकी परवरिश और प्रॉपर्टी के लिए उसे माफ कर दिया, लेकिन वह तो अपनी ही संतान का काल बन गया।”
मासूम बेटे पर कुल्हाड़ी से तीन वार
समझौते के बाद अजय बाहर तो आ गया, लेकिन उसके भीतर का वहशीपन खत्म नहीं हुआ था। शुक्रवार को उसने अपने 7 साल के बेटे पर हमला बोल दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने मासूम के सिर और गर्दन पर कुल्हाड़ी से तीन बार वार किए। बच्चा अपनी जान बचाने के लिए चिल्ला भी नहीं सका और मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया। आरोपी का क्रूर चेहरा तब और साफ हुआ जब उसने मासूम के शव को कहीं दूर फेंकने के बजाय अपने पिता की कब्र के पास गड्ढा खोदकर दफना दिया।
‘दादा की बगल में पोते को दफनाया’
पुलिस ने जब मुखबिर और शक के आधार पर आरोपी को पकड़ा और सख्ती से पूछताछ की, तो उसने सब उगल दिया। पुलिस उसे उस स्थान पर ले गई जहां उसने शव को छिपाया था। जमीन खोदने पर जब 7 साल के बच्चे का क्षत-विक्षत शव बाहर आया, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। आरोपी ने अपने ही पिता की कब्र के बगल में बेटे को दफनाकर अपराध को छिपाने की कोशिश की थी।
कानून के हाथ और समाज के सवाल
इस घटना ने समाज और न्याय व्यवस्था के बीच होने वाले ‘निजी समझौतों’ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- क्या जघन्य अपराधों (जैसे पत्नी की हत्या) में समझौता करना सही है?
- क्या एक अपराधी को केवल इसलिए मौका देना चाहिए कि वह पिता है?
- क्या प्रशासन ऐसे मामलों में समझौता होने के बाद भी आरोपी पर नजर रखता है?
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी अजय को गिरफ्तार कर लिया गया है। हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार (कुल्हाड़ी) बरामद कर ली गई है। पुलिस अब इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाने की तैयारी कर रही है ताकि इस बार अपराधी को किसी भी कीमत पर बख्शा न जा सके।
मृतक के मामा (अलका के भाई) का बयान अब इस केस की सबसे बड़ी कड़ी है, जो यह साबित करता है कि आरोपी एक आदतन अपराधी और मानसिक रूप से विक्षिप्त हत्यारा है।
घटना का सारांश:
- दिनांक: 19 दिसंबर 2024 (2022 की घटना की बरसी पर)।
- आरोपी: अजय (पिता)।
- शिकार: पत्नी अलका (2022 में), बेटा (7 वर्ष, 2024 में)।
- वजह: शक और हिंसक प्रवृत्ति।
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