शहर कांग्रेस अध्यक्ष पवन गुप्ता से 10 लाख की ठगी, 25 हजार के ‘मुनाफे’ के चक्कर में गंवाई बड़ी रकम; मेडिकल स्टोर संचालक पर FIR

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में जालसाजों ने इस बार एक रसूखदार राजनेता को अपना निशाना बनाया है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष (उत्तर) पवन गुप्ता के साथ व्यापार में निवेश के नाम पर 10 लाख रुपए की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि महज 25 हजार रुपए के मासिक मुनाफे के लालच में ‘नेताजी’ ठगी का शिकार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (DCP) आशुतोष कुमार के आदेश पर फीलखाना पुलिस ने मेडिकल स्टोर संचालक सहित तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।


दोस्ती और मुनाफे का बुना गया जाल

कांग्रेस शहर अध्यक्ष पवन गुप्ता ने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी पहचान जनरलगंज निवासी और मेडिकल स्टोर संचालक अंकित अग्रवाल से थी। अंकित ने पवन गुप्ता को अपने व्यापार में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। जालसाज अंकित ने उन्हें झांसा दिया कि यदि वे 10 लाख रुपए उसके व्यापार में लगाते हैं, तो वह उन्हें हर महीने 25 हजार रुपए का तय मुनाफा (Profit) देगा।

शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए आरोपी ने कुछ समय तक मुनाफे की बात की और पवन गुप्ता को अपने झांसे में ले लिया। भरोसे में आकर कांग्रेस अध्यक्ष ने आरटीजीएस (RTGS) और अन्य माध्यमों से कुल 10 लाख रुपए अंकित को ट्रांसफर कर दिए।

जब खुला धोखाधड़ी का खेल

पैसे लेने के कुछ समय बाद तक तो सब ठीक रहा, लेकिन जैसे ही मूल रकम वापस मांगने या मुनाफे की बात आई, अंकित अग्रवाल के तेवर बदल गए। पवन गुप्ता का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी टालमटोल करने लगा। काफी दबाव बनाने के बाद आरोपी ने उन्हें चेक दिए, लेकिन वे चेक बैंक में बाउंस हो गए।

पवन गुप्ता को जब अहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है, तो उन्होंने अंकित से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया और उन्हें धमकाना शुरू कर दिया।

DCP से गुहार के बाद फीलखाना पुलिस ने दर्ज किया केस

लंबे समय तक परेशान रहने के बाद पवन गुप्ता ने मामले की लिखित शिकायत पुलिस उपायुक्त (कानून और व्यवस्था) आशुतोष कुमार से की। उन्होंने पुलिस को बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराए। डीसीपी के निर्देश पर फीलखाना थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी अंकित अग्रवाल, उसकी पत्नी और एक अन्य सहयोगी के खिलाफ धोखाधड़ी (Section 420) और अमानत में खयानत (Section 406) सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

मेडिकल स्टोर संचालक की कार्यशैली पर सवाल

जांच में सामने आया है कि आरोपी अंकित अग्रवाल मेडिकल स्टोर की आड़ में लोगों को भारी मुनाफे का लालच देकर निवेश कराता था। पुलिस अब इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि क्या पवन गुप्ता के अलावा शहर के अन्य व्यापारी या लोग भी अंकित के इस ‘इन्वेस्टमेंट प्लान’ का शिकार हुए हैं।

“राजनीतिक रसूख भी नहीं आया काम”

शहर कांग्रेस अध्यक्ष जैसे पद पर होने के बावजूद पवन गुप्ता को इस ठगी के खिलाफ FIR दर्ज कराने के लिए उच्चाधिकारियों के चक्कर लगाने पड़े। शहर में यह चर्चा का विषय है कि जब सत्ता और विपक्ष के बड़े नेताओं के साथ ऐसी धोखाधड़ी हो सकती है, तो आम जनता जालसाजों से कितनी सुरक्षित है।

पुलिस का बयान

फीलखाना थाना प्रभारी ने बताया, “मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बैंक खातों की डिटेल निकाली जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही मामले का पूरा खुलासा किया जाएगा और पीड़ित की रकम वापस कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।”


खबर के मुख्य बिंदु:

  • पीड़ित: पवन गुप्ता (शहर कांग्रेस अध्यक्ष, कानपुर)।
  • मुख्य आरोपी: अंकित अग्रवाल (मेडिकल स्टोर संचालक)।
  • ठगी की राशि: 10 लाख रुपए।
  • लालच: 25 हजार रुपए प्रति माह का मुनाफा।
  • कार्रवाई: DCP के आदेश पर फीलखाना थाने में FIR दर्ज।

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