2000 करोड़ की ठगी: सोनू सूद ने कानपुर पुलिस को दिया जवाब, बोले- ‘मेरा ठगी से कोई लेना-देना नहीं, मैं सिर्फ प्रमोटर था’

देश की चर्चित 2000 करोड़ रुपये की ब्लूचिप ठगी के मामले में बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। कानपुर पुलिस द्वारा भेजे गए नोटिस का जवाब देते हुए अभिनेता ने स्पष्ट किया है कि उनका इस महाठगी या इसके मुख्य आरोपी रवींद्र नाथ सोनी से कोई व्यावसायिक संबंध नहीं है। सोनू सूद ने अपने जवाब में कहा कि उन्होंने केवल एक पेशेवर कलाकार के तौर पर कंपनी के कार्यक्रम में शिरकत की थी, वह कंपनी के पार्टनर नहीं हैं।

क्या है पूरा विवाद?

कानपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच करीब दो हजार करोड़ रुपये के निवेश घोटाले की जांच कर रही है। इस घोटाले का मास्टरमाइंड रवींद्र नाथ सोनी बताया जा रहा है, जिसने ‘ब्लूचिप’ नामक कंपनी के जरिए हजारों निवेशकों को अधिक मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये हड़प लिए। जांच के दौरान कुछ ऐसे वीडियो और पोस्टर सामने आए थे, जिनमें सोनू सूद कंपनी का प्रचार करते नजर आ रहे थे। इसी आधार पर पुलिस ने उन्हें नोटिस भेजकर जवाब मांगा था।

सोनू सूद का सफाईनामा

मंगलवार को कानपुर पुलिस को भेजे गए लिखित जवाब में सोनू सूद ने निम्नलिखित मुख्य बातें कहीं:

  • सिर्फ प्रमोशन तक सीमित: सोनू सूद ने कहा कि वह एक अभिनेता हैं और कई ब्रांड्स का प्रमोशन करते हैं। उन्हें एक इवेंट के लिए बुलाया गया था, जिसके लिए उन्होंने अपनी प्रोफेशनल फीस ली थी।
  • पार्टनरशिप से इनकार: अभिनेता ने साफ तौर पर कहा कि वह ब्लूचिप कंपनी में न तो शेयरहोल्डर हैं और न ही पार्टनर। कंपनी के वित्तीय फैसलों या निवेश योजनाओं से उनका कोई सरोकार नहीं है।
  • लेनदेन का विवरण: उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके और कंपनी के बीच जो भी वित्तीय लेनदेन हुआ, वह केवल उनके काम (विज्ञापन/इवेंट) के एवज में था, जो पूरी तरह पारदर्शी है।

कानपुर पुलिस की अगली तैयारी

कानपुर पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, सोनू सूद का जवाब मिल गया है और इसका कानूनी अध्ययन किया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या अभिनेता को कंपनी की संदिग्ध गतिविधियों के बारे में पहले से कोई जानकारी थी या क्या उनके नाम का इस्तेमाल निवेशकों को गुमराह करने के लिए जानबूझकर किया गया था।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि अगर जरूरत पड़ी तो सोनू सूद को व्यक्तिगत रूप से पूछताछ के लिए भी बुलाया जा सकता है, हालांकि अभी तक उन्हें केवल साक्ष्य पेश करने के लिए कहा गया है।

पीड़ितों की बढ़ी उम्मीदें

इस मामले में कानपुर और आसपास के जिलों के हजारों निवेशकों का पैसा डूबा हुआ है। महाठग रवींद्र नाथ सोनी फिलहाल पुलिस की रडार पर है और उसके कई ठिकानों पर छापेमारी की जा चुकी है। पीड़ितों का आरोप है कि उन्होंने सोनू सूद जैसे बड़े चेहरे को देखकर ही कंपनी पर भरोसा किया था और अपनी मेहनत की कमाई निवेश कर दी थी।


विशेष नोट: सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट (Celebrity Endorsement) को लेकर कानून अब सख्त हो गए हैं। यदि कोई सितारा किसी कंपनी का प्रचार करता है और वह कंपनी धोखाधड़ी में लिप्त पाई जाती है, तो प्रचार करने वाले की जवाबदेही भी तय की जा सकती है।

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