24 वर्षीय युवक ने घर के भीतर फांसी लगाकर की खुदकुशी
Unnao/Truth India Times Digital Desk
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां सोहरामऊ थाना क्षेत्र के जयतीपुर गांव में एक युवक ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। महज 24 साल के रोहित की मौत से पूरे परिवार में कोहराम मच गया है। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि आत्महत्या के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।
सूने घर में खौफनाक कदम
घटना मंगलवार रात की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, जयतीपुर गांव निवासी रोहित (24 वर्ष) पुत्र हरि शंकर पेशे से मजदूर था। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त परिवार के अन्य सदस्य किसी काम से घर से बाहर गए हुए थे। घर में अकेले पाकर रोहित ने कमरे के भीतर फांसी का फंदा लगाया और उस पर झूल गया।
देर रात जब परिजन घर लौटे और रोहित का कमरा बंद पाया, तो उन्होंने उसे आवाज दी। काफी देर तक कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। जब दरवाजा तोड़कर अंदर देखा गया, तो रोहित का शव फंदे से लटका हुआ था। यह मंजर देखते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
कई दिनों से परेशान था रोहित
गांव वालों और परिजनों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, रोहित पिछले कुछ दिनों से काफी गुमसुम और परेशान चल रहा था। हालांकि, उसने अपनी परेशानी का जिक्र किसी से खुलकर नहीं किया था। वह मजदूरी करके अपने परिवार की मदद करता था, लेकिन मानसिक तनाव ने उसे इस कदर जकड़ा कि उसने मौत को गले लगाना बेहतर समझा। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि रोहित की परेशानी की वजह आर्थिक तंगी थी, कोई पारिवारिक विवाद या फिर कोई अन्य निजी कारण।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
ग्रामीणों की सूचना पर सोहरामऊ थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
थाना प्रभारी ने बताया कि:
- मृतक के शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
- परिजनों और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।
गांव में शोक की लहर
24 साल के जवान बेटे की मौत से पिता हरि शंकर और पूरे परिवार का बुरा हाल है। गांव के लोगों का कहना है कि रोहित एक सीधा-साधा युवक था। उसकी मौत ने एक बार फिर युवाओं में बढ़ते मानसिक तनाव और अवसाद (Depression) जैसे गंभीर मुद्दों पर सोचने को मजबूर कर दिया है।
निष्कर्ष: मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता जरूरी
इस तरह की घटनाएं समाज के लिए एक चेतावनी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से परेशान या गुमसुम दिख रहा है, तो उससे बात करना और उसे मानसिक सहयोग देना अत्यंत आवश्यक है।
About The Author
Discover more from Truth India Times
Subscribe to get the latest posts sent to your email.