युवती ने रची सुसाइड की झूठी कहानी
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
आगरा | सोशल मीडिया पर रातों-रात मशहूर होने और फॉलोअर्स बढ़ाने की सनक युवाओं पर किस कदर हावी है, इसका एक हैरान करने वाला मामला ताजनगरी आगरा से सामने आया है। यहाँ फतेहपुर सीकरी क्षेत्र की एक युवती ने केवल ‘फेमस’ होने और अपने प्रेमी को डराने के लिए कीटनाशक (जहर) पीने का एक फर्जी वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। हालांकि, युवती की यह चालाकी उस पर तब भारी पड़ गई जब मेटा (Meta) के AI सिस्टम ने इसे गंभीर सुसाइड कंटेंट मानते हुए पुलिस को इमरजेंसी अलर्ट भेज दिया।
AI के अलर्ट से पुलिस महकमे में मची खलबली
गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे जैसे ही युवती ने अपनी आईडी से वीडियो पोस्ट किया, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम ने इसे सुसाइड अटेम्प्ट के रूप में डिटेक्ट किया। मेटा ने तुरंत आगरा पुलिस की सोशल मीडिया सेल को युवती की लोकेशन के साथ अलर्ट भेजा कि एक युवती आत्महत्या करने जा रही है।
सूचना मिलते ही आगरा पुलिस हरकत में आई और बिना समय गंवाए स्थानीय फतेहपुर सीकरी पुलिस को मौके पर भेजा गया। जब पुलिस की टीम बताए गए पते पर पहुंची, तो वहां का नजारा देख दंग रह गई। जिस युवती के मरने की खबर मिली थी, वह घर पर पूरी तरह सुरक्षित और भली-भांति मिली।
वीडियो में मौत की ‘एक्टिंग’ और इमोशनल ड्रामा
युवती द्वारा बनाए गए वीडियो में वह पूरी तरह फिल्मी अंदाज में नजर आ रही थी। वीडियो के बैकग्राउंड में पंजाबी गाना “तू मैनू खो बैठेगा, तू कल्ला हो बैठेगा…” बज रहा था। वीडियो में दिख रहा था कि युवती के हाथ में कीटनाशक की एक बोतल है। वह ढक्कन खोलती है और आंखों में आंसू भरकर दो-तीन बार उसे पीने का नाटक करती है। उसने वीडियो पर कैप्शन भी लिखा था— “अब करना ब्लॉक”। यह वीडियो संभवतः उसने अपने प्रेमी को डराने के लिए बनाया था ताकि वह उसे ब्लॉक न करे।
युवती का कबूलनामा: “फेमस होने के लिए किया यह सब”
पुलिस की पूछताछ में युवती ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। उसने बताया, “मेरी आईडी से ही पोस्ट हुई थी, लेकिन मेरा इरादा खुदकुशी करने का नहीं था। सोशल मीडिया पर मेरे फॉलोअर्स नहीं बढ़ रहे थे, इसलिए मैंने फेमस होने के लिए यह फर्जी वीडियो बनाया था। मुझे नहीं पता था कि यह इतना बड़ा मुद्दा बन जाएगा और पुलिस मेरे घर पहुंच जाएगी।”
युवती के पिता ने भी इस घटना पर अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें पता ही नहीं था कि उनकी बेटी मोबाइल पर इस तरह की जानलेवा एक्टिंग कर रही है। अगर उन्हें भनक लगती, तो वह ऐसा कभी नहीं करने देते।
पुलिस ने की काउंसलिंग और दी कड़ी चेतावनी
आगरा पुलिस की सोशल मीडिया सेल और स्थानीय टीम ने युवती की घंटों काउंसलिंग की। उसे समझाया गया कि इस तरह के भ्रामक वीडियो न केवल पुलिस का समय बर्बाद करते हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी देते हैं। पुलिस ने युवती को भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने की सख्त चेतावनी दी, जिसके बाद युवती ने लिखित आश्वासन दिया कि वह अब ऐसा कोई कृत्य नहीं करेगी।
आगरा पुलिस की नागरिकों से अपील
इस घटना के बाद आगरा पुलिस ने आधिकारिक तौर पर युवाओं और अभिभावकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने कहा:
“सोशल मीडिया पर लोकप्रियता और व्यूज पाने के लिए अपने जीवन को संकट में डालना या भ्रामक सूचनाएं फैलाना कानूनन दंडनीय अपराध है। युवा पीढ़ी को समझना चाहिए कि डिजिटल दुनिया की चमक-धमक असल जिंदगी से बढ़कर नहीं है। अभिभावक भी अपने बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखें।”
निष्कर्ष: मेटा AI और आगरा पुलिस की सजगता से एक संभावित हादसा टल गया, भले ही वह फर्जी था। लेकिन यह मामला उन लोगों के लिए एक बड़ी सीख है जो चंद लाइक्स और फॉलोअर्स के लिए सुरक्षा तंत्र का मजाक उड़ाते हैं।
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