विवाहिता को बेरहमी से पीटा
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
अतर्रा/बांदा: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के अतर्रा थाना क्षेत्र से दहेज उत्पीड़न का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक विवाहिता ने अपने ही ससुराल वालों पर लालच और हैवानियत के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि शादी के बाद से ही उसे कम दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था, और अब मांग पूरी न होने पर उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पुलिस ने इस मामले में पति, सास और ननद समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
अतर्रा थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता ने पुलिस को दी गई अपनी तहरीर में बताया कि उसकी शादी हिंदू रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई थी। शादी के समय उसके परिवार ने अपनी हैसियत के अनुसार दान-दहेज भी दिया था। लेकिन शादी के कुछ ही समय बाद ससुराल वालों की नीयत बदल गई।
पीड़िता का आरोप है कि उसके पति, सास, ननद और ननदोई उसे अतिरिक्त दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। छोटी-छोटी बातों पर उसे ताने दिए जाते थे और बात-बात पर मारपीट की जाती थी।
5 लाख रुपये और चार पहिया वाहन की मांग
विवाहिता के अनुसार, उसके ससुराल वालों की मांगें समय के साथ बढ़ती गईं। अब आरोपी उस पर मायके से 5 लाख रुपये नकद और एक चार पहिया वाहन (कार) लाने का दबाव बना रहे हैं। पीड़िता ने जब अपने पिता की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए असमर्थता जताई, तो प्रताड़ना का सिलसिला और भी उग्र हो गया।
पीड़िता ने तहरीर में निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए हैं:
- बेरहमी से मारपीट: मांग पूरी न होने पर पति और अन्य ससुराल वालों ने उसे कमरे में बंद कर बेरहमी से पीटा।
- जान से मारने की धमकी: आरोपियों ने स्पष्ट शब्दों में धमकी दी है कि यदि वह कार और पैसे लेकर नहीं आई, तो उसे जिंदा नहीं छोड़ा जाएगा।
- मानसिक शोषण: ननद और ननदोई पर भी साजिश रचने और प्रताड़ना के लिए उकसाने के आरोप हैं।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी स्थिति
अतर्रा थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस ने पति, सास, ननद और ननदोई को नामजद किया है। थाना प्रभारी का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इससे पहले भी इस परिवार के खिलाफ ऐसी कोई शिकायत आई थी। पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण (Medical Examination) भी कराया जा सकता है ताकि चोटों की गंभीरता का पता चल सके।
दहेज प्रथा: समाज के माथे पर कलंक
यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि कड़े कानूनों के बावजूद हमारे समाज में दहेज जैसी कुप्रथा की जड़ें कितनी गहरी हैं। बुंदेलखंड के इलाकों में शिक्षा के अभाव और रूढ़िवादी सोच के कारण अक्सर बेटियां इस लालच का शिकार बनती हैं। सरकार और प्रशासन लगातार ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा दे रहे हैं, लेकिन जब तक जमीनी स्तर पर दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलेगी, तब तक ऐसी घटनाएं रुकती नजर नहीं आतीं।
ट्रुथ इंडिया टाइम्स की अपील
‘ट्रुथ इंडिया टाइम्स’ समाज के सभी वर्गों से अपील करता है कि दहेज जैसी कुप्रथा के खिलाफ आवाज उठाएं। यदि आपके आसपास किसी बेटी के साथ ऐसा उत्पीड़न हो रहा है, तो तुरंत पुलिस या महिला हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें।
About The Author
Discover more from Truth India Times
Subscribe to get the latest posts sent to your email.