बांदा की सड़कों पर गूंजा ‘जय श्रीराम’: शस्त्रों के साथ उतरे 21 संन्यासी, तलवारबाजी और गदा के करतब देख दंग रह गए लोग; संतों ने दिया एकजुटता का संदेश

बांदा। बुंदेलखंड की ऐतिहासिक धरती बांदा में गुरुवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने सनातन संस्कृति के शौर्य और अध्यात्म के संगम को जीवंत कर दिया। शहर में निकाली गई ‘सशस्त्र संन्यासी पदयात्रा’ ने न केवल लोगों का ध्यान खींचा, बल्कि युवाओं में नई ऊर्जा का संचार कर दिया। जब भगवा चोला पहने संन्यासियों के हाथों में चमकती तलवारें, गदा और त्रिशूल दिखे, तो पूरा शहर ‘जय श्रीराम’ के नारों से गुंजायमान हो उठा।

शिवशक्ति अखाड़ा और पंचायती अखाड़ा श्रीनिरंजनी के सानिध्य में निकाली गई इस यात्रा ने स्पष्ट संदेश दिया कि संत समाज अब केवल शास्त्र ही नहीं, बल्कि धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र उठाने में भी पारंगत है।

रामलीला मैदान से बाबूलाल चौराहे तक शौर्य प्रदर्शन

पदयात्रा का आगाज़ शहर के ऐतिहासिक रामलीला मैदान (माहेश्वरी देवी चौक) से हुआ। यात्रा का नेतृत्व शिवशक्ति अखाड़ा प्रमुख और पंचायती अखाड़ा श्रीनिरंजनी के श्रद्धेय महंत मधुराम महाराज ने किया। उनके साथ काशी और प्रयागराज से आए 21 सिद्ध संन्यासी शामिल थे।

जैसे ही यात्रा बाबूलाल चौराहे की ओर बढ़ी, सड़कों के दोनों ओर भक्तों का तांता लग गया। शहरवासियों ने छतों और गलियों से संतों पर पुष्प वर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया। माहौल इतना भक्तिमय और जोशीला था कि छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई संन्यासियों के दर्शन के लिए आतुर दिखा।

शस्त्रों के करतब: जब हवा में लहराईं तलवारें

इस पदयात्रा का सबसे आकर्षण का केंद्र संन्यासियों और हिंदू युवाओं द्वारा दिखाए गए शस्त्रों के करतब रहे। अखाड़े के संन्यासियों ने तलवारबाजी, गदा संचालन, त्रिशूल प्रदर्शन, लाठी और फरसा चलाने की अपनी प्राचीन कला का प्रदर्शन किया।

देखने वाले तब दंग रह गए जब संन्यासियों ने अद्भुत फुर्ती के साथ तलवारें घुमाईं। युवाओं ने पहली बार अपनी आंखों के सामने संतों को इस रौद्र और शौर्यपूर्ण रूप में देखा। यह प्रदर्शन केवल कला का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि यह सनातन धर्म की रक्षा के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार रहने का एक जीवंत उदाहरण था।

महंत मधुराम महाराज का संदेश: ‘विभाजन मिटाओ, देश बढ़ाओ’

यात्रा के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए महंत मधुराम महाराज ने समाज में बढ़ती दूरियों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “आज समाज को जातियों और विचारधाराओं में बांटने की कोशिश की जा रही है। संन्यासी का धर्म केवल तपस्या करना नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करना भी है। जब हम एकजुट होंगे, तभी भारत विश्व गुरु बनेगा। शास्त्र हमारे ज्ञान का आधार हैं और शस्त्र हमारी सुरक्षा का कवच।”

उन्होंने युवाओं से अपनी संस्कृति से जुड़ने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। संतों ने संदेश दिया कि समाज में व्याप्त असहमति और विभाजन को समाप्त कर हमें एक अखंड और सशक्त राष्ट्र की कल्पना को साकार करना होगा।

VHP अध्यक्ष का हुंकार: ‘जाग चुका है हिंदू समाज’

यात्रा के समापन के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अध्यक्ष चंद्रमोहन बेदी ने कार्यकर्ताओं में जोश भरा। उन्होंने कहा, “आज बांदा की सड़कों पर जो शौर्य दिखा है, वह इस बात का प्रमाण है कि हिंदू समाज अब जाग चुका है। साधु-संतों द्वारा शस्त्र चलाने का यह प्रशिक्षण और प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि हम अपनी आस्था और सनातन धर्म की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम हैं।”

बेदी ने आगे कहा कि संतों के आशीर्वाद से समाज में नई चेतना आई है और अब कोई भी शक्ति हिंदू एकता को खंडित नहीं कर सकती।

बजरंग दल और भक्तों का अटूट सहयोग

इस पूरी पदयात्रा के दौरान विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता सुरक्षा और व्यवस्था की कमान संभाले रहे। सैकड़ों की संख्या में हिंदू भक्त हाथों में भगवा ध्वज लेकर यात्रा के साथ-साथ चल रहे थे। प्रशासन ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे, ताकि यातायात सुचारू रहे और यात्रा शांतिपूर्वक संपन्न हो सके।

बांदा की जनता में चर्चा का विषय

यह यात्रा शहर के जिस-जिस मार्ग से गुजरी, वहां लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बनी रही। स्थानीय व्यापारियों और युवाओं का कहना है कि ऐसी यात्राओं से गौरव की अनुभूति होती है। यह पदयात्रा न केवल एक धार्मिक आयोजन थी, बल्कि इसने बांदा के सामाजिक ताने-बाने को और मजबूत करने का काम किया।

निष्कर्ष: बांदा में निकाली गई यह सशस्त्र संन्यासी पदयात्रा आने वाले समय में एक बड़े सांस्कृतिक बदलाव की पदचाप है। संतों का शस्त्रों के साथ सड़कों पर उतरना समाज को आत्मरक्षा और स्वाभिमान के साथ जीने की प्रेरणा दे गया। ‘ट्रुथ इंडिया टाइम्स’ के लिए प्रलभ शरण चौधरी की यह रिपोर्ट बांदा के उसी अटूट विश्वास और शौर्य की कहानी बयां करती है।


About The Author


Discover more from Truth India Times

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Related Posts

उन्नाव: जमीन विवाद में बुजुर्ग महिला की संदिग्ध मौत, परिजनों ने बेटे पर लगाया हत्या और बंधक बनाने का गंभीर आरोप

प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times) उन्नाव। शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद सनसनी फैल गई है। मृतका…

उन्नाव में अवैध खनन माफियाओं पर प्रशासन का हंटर: गंगाघाट में पोकलैंड और जेसीबी सीज, एडीएम बोले- ‘बख्शे नहीं जाएंगे दोषी’

प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times) उन्नाव | उन्नाव जिले में अवैध खनन के काले कारोबार पर नकेल कसने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Discover more from Truth India Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading