बांदा में आस्था का सैलाब: बागेश्वर सरकार की कथा से पहले उमड़ा 50 हजार भक्तों का हुजूम, हाथों में गदा लेकर झूमे श्रद्धालु

बांदा : बुंदेलखंड की धरती और बांदा शहर आज पूरी तरह से ‘बागेश्वर मय’ नजर आया। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की आगामी ‘हनुमंत कथा’ के आगाज से पूर्व गुरुवार को शहर में एक ऐतिहासिक और भव्य कलश यात्रा निकाली गई। जय श्रीराम के जयघोष और गाजे-बाजे के साथ निकली इस यात्रा में आस्था का ऐसा ज्वार उमड़ा कि शहर की सड़कें छोटी पड़ गईं। हाथों में गदा लिए युवाओं और सिर पर मंगल कलश रखे हजारों महिलाओं ने बांदा को भक्ति के रंग में सरोबार कर दिया।

50 हजार श्रद्धालुओं के साथ निकली 1 किमी लंबी यात्रा

हनुमंत कथा के भव्य आयोजन की शुरुआत गुरुवार को रामलीला मैदान से हुई। यहाँ से शुरू हुई कलश यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए रायफल क्लब मैदान पर जाकर संपन्न हुई। अनुमान के मुताबिक, इस कलश यात्रा में करीब 50 हजार से अधिक महिला और पुरुष भक्तों ने शिरकत की। यात्रा की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी कतार लगभग 1 किलोमीटर से भी अधिक लंबी रही।

कलश यात्रा के दौरान बांदा सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था; कोई ढोल की थाप पर थिरक रहा था तो कोई हनुमान जी का स्वरूप धरकर गदा लहरा रहा था। पूरे मार्ग में पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया।


📊 आयोजन का मुख्य कार्यक्रम (Schedule)

दिनांककार्यक्रमविवरण
16 जनवरीकथा का शुभारंभदोपहर 1:00 बजे से ‘हरि इच्छा’ तक
18 जनवरीदिव्य दरबारश्रद्धालुओं की समस्याओं का समाधान/अर्जी
20 जनवरीकथा विश्रामपांच दिवसीय अनुष्ठान का समापन
स्थानमवई बाईपास मैदान125 बीघे में फैला विशाल परिसर

125 बीघे में बना आधुनिक ‘जर्मन हैंगर’ पंडाल

इस कथा के आयोजक भाजपा नेता और बुंदेलखंड यूथ फाउंडेशन के संस्थापक प्रवीण सिंह हैं। आयोजन को लेकर उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं।

  • खंभों से मुक्ति: इस बार 125 बीघे के विशाल क्षेत्र में ‘जर्मन हैंगर’ तकनीक से पंडाल तैयार किया गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इतने बड़े पंडाल के बीच में एक भी खंभा (Pillar) नहीं है। इससे हजारों श्रद्धालु बिना किसी बाधा के सीधे व्यासपीठ पर विराजमान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दर्शन कर सकेंगे।
  • सुरक्षा और सुविधा: यह ढांचा पूरी तरह से वॉटरप्रूफ और फायर-रेसिस्टेंट (अग्निरोधी) है। एल्युमिनियम और सिंथेटिक फैब्रिक से बना यह पंडाल किसी भी मौसम की मार झेलने में सक्षम है। इसकी ऊंचाई इतनी रखी गई है कि भारी भीड़ के बावजूद हवा का प्रवाह बना रहे और श्रद्धालुओं को घुटन न हो।

आज रात 12 बजे बांदा पहुँचेंगे धीरेंद्र शास्त्री

प्रसिद्ध कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री आज रात करीब 12 बजे बांदा पहुँच जाएंगे। उनका प्रवास कथा स्थल से महज 300 मीटर की दूरी पर स्थित ‘राम दा होटल’ में रहेगा। कल यानी 16 जनवरी से शुरू होने वाली यह कथा प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शुरू होकर प्रभु इच्छा तक चलेगी। 18 जनवरी को लगने वाले ‘दिव्य दरबार’ को लेकर प्रशासन ने विशेष चौकसी बरती है, क्योंकि इस दिन लाखों की भीड़ जुटने की संभावना है।

प्रशासनिक मुस्तैदी और जनसुविधाएं

लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन और बुंदेलखंड यूथ फाउंडेशन ने सुरक्षा, यातायात डायवर्जन, शुद्ध पेयजल और स्वच्छता की मुकम्मल तैयारियां की हैं। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठहरने और विशाल भंडारे (भोजन) की भी व्यवस्था की गई है।

प्रवीण सिंह ने बताया कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। मवई बाईपास पर बना यह अस्थायी आस्था का शहर अब पूरी तरह से सज-धज कर बागेश्वर सरकार के स्वागत के लिए तैयार है।


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