13 किलो गांजे के साथ तीन अंतरराज्यीय तस्कर दबोचे
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन ईगल’ को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने नरैनी-कालिंजर मार्ग पर घेराबंदी कर तीन शातिर गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 13 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाला सूखा गांजा बरामद हुआ है, जिसे अवैध रूप से मध्य प्रदेश (MP) की सीमाओं में सप्लाई करने की योजना थी। इस कार्रवाई से सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय नशा माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया है।
‘ऑपरेशन ईगल’ के तहत आधी रात को एक्शन
जनपद में अपराध नियंत्रण और ‘नशा मुक्त बांदा’ के संकल्प को पूरा करने के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) पलाश बंसल के कड़े निर्देशों पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 6 जनवरी 2026 की देर रात, अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज और क्षेत्राधिकारी नगर कृष्णकांत त्रिपाठी के कुशल नेतृत्व में नरैनी थाना पुलिस की टीम गश्त पर थी।
नरैनी-कालिंजर मार्ग पर संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग के दौरान पुलिस टीम को कुछ संदिग्ध लोग दिखाई दिए। पुलिस को पास आता देख आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी कर तीनों को धर दबोचा। तलाशी लेने पर उनके पास से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।
MP कनेक्शन: सीमा पार चल रहा था काला खेल
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बांदा और मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के निवासियों के रूप में हुई है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि यह एक अंतरराज्यीय गिरोह है। पकड़े गए अभियुक्तों का विवरण इस प्रकार है:
- रामदेव पुत्र घसीटा (निवासी कटरा कालिंजर, बांदा)
- देवीदीन पुत्र घसीटा (निवासी कटरा कालिंजर, बांदा)
- रामकिशोर पुत्र शिवपाल (निवासी मढ़ैता, थाना धरमपुर, पन्ना, मध्य प्रदेश)
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि ये तस्कर बांदा के सीमावर्ती इलाकों से गांजा इकट्ठा कर उसे छोटे-छोटे पैकेटों में मध्य प्रदेश के पन्ना और आसपास के जिलों में ऊंचे दामों पर सप्लाई करते थे। रामकिशोर की गिरफ़्तारी से पन्ना नेटवर्क के कई अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं।
पुलिस खंगाल रही है ‘सप्लाई चेन’
एसपी पलाश बंसल ने बताया कि यह केवल तीन व्यक्तियों की गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि एक बड़े नेटवर्क पर चोट है। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि इन तस्करों को गांजे की इतनी बड़ी खेप कहाँ से उपलब्ध कराई गई थी? इस धंधे में ‘बैकएंड’ पर कौन से बड़े खिलाड़ी काम कर रहे हैं और मुनाफे का हिस्सा कहाँ तक पहुँच रहा है, इसकी तफ्तीश जारी है।
गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है। पुलिस टीम अब उनके पिछले आपराधिक इतिहास और बैंक खातों की भी जांच कर रही है ताकि अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों का पता लगाया जा सके।
“नशा मुक्त बांदा” की ओर बढ़ते कदम
बांदा पुलिस की इस कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि कालिंजर मार्ग पर नशे की अवैध आवाजाही से युवा पीढ़ी पर बुरा असर पड़ रहा था। क्षेत्राधिकारी नगर कृष्णकांत त्रिपाठी ने चेतावनी दी है कि नशे का कारोबार करने वालों के लिए बांदा में कोई जगह नहीं है। ‘ऑपरेशन ईगल’ के तहत आने वाले दिनों में जिले के अन्य संवेदनशील रास्तों पर भी इसी तरह की आकस्मिक चेकिंग और छापेमारी जारी रहेगी।
ट्रुथ इंडिया टाइम्स की अपील: नशा एक सामाजिक अभिशाप है। यदि आपके आसपास कोई नशीले पदार्थों की बिक्री या तस्करी में लिप्त है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। आपकी एक गुप्त सूचना समाज को सुरक्षित बनाने में मदद कर सकती है।
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