बांदा में अवैध प्लाटिंग पर गरजा प्रशासन: जिला पंचायत ने 44 भू-माफियाओं को थमाया नोटिस, 3 दिन का अल्टीमेटम

बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में अवैध कब्जों और बिना नक्शा पास कराए धड़ल्ले से की जा रही अवैध प्लाटिंग के खिलाफ जिला पंचायत प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला पंचायत विभाग ने अतर्रा क्षेत्र में सक्रिय भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारकों की कमर तोड़ने के लिए एक साथ 44 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के प्रॉपर्टी डीलरों और अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया है।

खास बात यह है कि इस सूची में न केवल स्थानीय रसूखदार शामिल हैं, बल्कि गुजरात के सूरत के दो बड़े नाम भी प्रशासन के रडार पर आए हैं। जिला पंचायत ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि 3 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला या अवैध कब्जा नहीं हटाया गया, तो प्रशासन बुलडोजर चलाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा।

अतर्रा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर चल रहा था खेल

जिला पंचायत को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि अतर्रा और उसके आसपास के इलाकों में कृषि भूमि पर बिना किसी ले-आउट प्लान और बिना कन्वर्जन (Land Use Change) कराए अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी के निर्देश पर गठित टीम ने जब धरातल पर जांच की, तो पाया कि दर्जनों स्थानों पर सरकारी नियमों को ताक पर रखकर प्लॉट बेचे जा रहे हैं और पक्के निर्माण कराए जा रहे हैं।

जांच के बाद प्रशासन ने 44 लोगों की सूची तैयार की है। इन सभी पर आरोप है कि इन्होंने जिला पंचायत से नक्शा पास कराए बिना न केवल सड़कें डाल दीं, बल्कि नालियां और बिजली के खंभे लगाकर लोगों को गुमराह कर रहे थे।

सूरत के दो निवासियों को भी नोटिस

इस पूरी कार्रवाई में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब नोटिस पाने वालों की सूची में गुजरात के सूरत शहर के दो निवासियों के नाम सामने आए। बताया जा रहा है कि इन लोगों ने अतर्रा क्षेत्र में निवेश के नाम पर बड़े भूखंड खरीदे थे और वहां बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के प्लाटिंग का कार्य शुरू कर दिया था। स्थानीय प्रशासन अब इनके स्थानीय संपर्कों और निवेश के स्रोतों की भी जांच कर रहा है।

तीन दिन की मोहलत: “जवाब दें या कब्जा छोड़ें”

जिला पंचायत द्वारा जारी किए गए नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि:

  1. संबंधित व्यक्ति 3 दिन के भीतर अपने निर्माण या प्लाटिंग के वैध दस्तावेज कार्यालय में प्रस्तुत करें।
  2. यदि निर्माण अवैध है, तो उसे स्वयं हटा लें।
  3. समय सीमा समाप्त होने के बाद, जिला पंचायत पुलिस बल के साथ मिलकर निर्माण को ढहा देगी, जिसका खर्च भी संबंधित व्यक्ति से ही वसूला जाएगा।

निवेशकों के लिए चेतावनी

प्रशासन ने आम जनता को भी आगाह किया है कि वे अपनी मेहनत की कमाई ऐसी अवैध कॉलोनियों में न फंसाएं। जिला पंचायत अधिकारियों का कहना है कि लोग प्लॉट खरीदने से पहले यह जरूर जांच लें कि उक्त कॉलोनी का ले-आउट जिला पंचायत या संबंधित विकास प्राधिकरण से स्वीकृत है या नहीं।

भू-माफियाओं में मची खलबली

नोटिस जारी होने के बाद से ही अतर्रा तहसील और जिला पंचायत कार्यालय के चक्कर काटने वालों की भीड़ बढ़ गई है। कई रसूखदार लोग इस कार्रवाई को रुकवाने के लिए राजनैतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार अवैध कब्जों और भू-माफियाओं के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी।

ट्रुथ इंडिया टाइम्स की टीम इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। देखना यह होगा कि 3 दिन की मोहलत बीतने के बाद प्रशासन का बुलडोजर किन-किन अवैध निर्माणों पर चलता है।

About The Author


Discover more from Truth India Times

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Related Posts

उन्नाव: जमीन विवाद में बुजुर्ग महिला की संदिग्ध मौत, परिजनों ने बेटे पर लगाया हत्या और बंधक बनाने का गंभीर आरोप

प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times) उन्नाव। शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद सनसनी फैल गई है। मृतका…

उन्नाव में अवैध खनन माफियाओं पर प्रशासन का हंटर: गंगाघाट में पोकलैंड और जेसीबी सीज, एडीएम बोले- ‘बख्शे नहीं जाएंगे दोषी’

प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times) उन्नाव | उन्नाव जिले में अवैध खनन के काले कारोबार पर नकेल कसने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Discover more from Truth India Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading