PWD में करोड़ों का ‘खेल’: सहायक अभियंता अजय कुमार पर गबन के संगीन आरोप, BSP ने राज्यपाल से की सतर्कता जांच की मांग

बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में लोक निर्माण विभाग (PWD) एक बार फिर भ्रष्टाचार के बड़े आरोपों के घेरे में है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने विभाग के सहायक अभियंता (सिविल) अजय कुमार पर करोड़ों रुपये के सरकारी धन के गबन और गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपकर आरोपी अभियंता के खिलाफ तत्काल ‘विजिलेंस’ (सतर्कता) जांच शुरू करने और उन्हें पद से निलंबित करने की मांग की है।

भ्रष्टाचार का ‘नेटवर्क’ और करोड़ों का गबन

ज्ञापन में लगाए गए आरोपों के अनुसार, सहायक अभियंता अजय कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सड़कों के निर्माण और मरम्मत के नाम पर आवंटित बजट में भारी हेराफेरी की है। बसपा नेताओं का दावा है कि बांदा में तैनात इस अधिकारी ने कागजों पर काम दिखाकर सरकारी खजाने को करोड़ों की चपत लगाई है। आरोप है कि घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग और बिना काम कराए फर्जी बिलों का भुगतान कराना इस पूरे खेल का मुख्य हिस्सा रहा है।

पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह केवल प्रशासनिक लापरवाही का मामला नहीं है, बल्कि एक सुव्यवस्थित संगठित भ्रष्टाचार है। विभागीय सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि पूर्व में हुई कुछ प्रारंभिक जांचों में भी अनियमितताओं के संकेत मिले थे, लेकिन राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख के चलते मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

विभागीय जांच में भी उठे सवाल

बसपा के जिला इकाई के पदाधिकारियों ने बताया कि अजय कुमार के विरुद्ध पूर्व में हुई विभागीय जांचों में कई तकनीकी खामियां और वित्तीय विसंगतियां पाई गई थीं। इसके बावजूद, ठोस कार्रवाई न होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा करता है। ज्ञापन में कहा गया है कि आरोपी इंजीनियर ने नियमों को ताक पर रखकर चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुँचाया और बदले में मोटी कमीशनखोरी की।

पार्टी का आरोप है कि सहायक अभियंता ने आय से अधिक संपत्ति भी अर्जित की है, जिसकी जांच होना अत्यंत आवश्यक है। बांदा की जनता के टैक्स का पैसा विकास कार्यों में लगने के बजाय भ्रष्ट अधिकारियों की तिजोरियों में जा रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

राज्यपाल से न्याय की गुहार

जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे बसपा नेताओं ने कहा कि स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष जांच की उम्मीद कम है, क्योंकि आरोपी अधिकारी के तार ऊपर तक जुड़े हो सकते हैं। इसीलिए, राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की गई है ताकि एक उच्च स्तरीय सतर्कता समिति (Vigilance Committee) इस पूरे प्रकरण की तह तक जा सके।

पार्टी की प्रमुख मांगें:

  1. सहायक अभियंता अजय कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।
  2. पिछले तीन वर्षों में उनके द्वारा स्वीकृत सभी टेंडरों और भुगतान की विशेष ऑडिट कराई जाए।
  3. गबन की गई राशि की वसूली उनकी निजी संपत्ति से की जाए।
  4. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई हो।

विकास कार्यों की खुली पोल

बांदा की सड़कों की बदहाली और निर्माणाधीन परियोजनाओं में हो रही देरी को इसी भ्रष्टाचार से जोड़कर देखा जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का भी कहना है कि शहर और ग्रामीण इलाकों की सड़कें बनने के कुछ ही महीनों बाद उखड़ने लगती हैं। बसपा ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपी इंजीनियर के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो पार्टी सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी।

इस ज्ञापन के दौरान बसपा के जिला अध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि ज्ञापन को उचित माध्यम से शासन तक भेज दिया जाएगा। अब देखना यह है कि योगी सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत इस भ्रष्ट तंत्र पर कब और कैसी गाज गिरती है।

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