बांदा: उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर प्रतिभाओं का सम्मान, कलेक्ट्रेट में विकास और संस्कृति की दिखी झलक
बांदा | प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times)
उत्तर प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समर्पित ‘उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस’ शनिवार को बांदा जनपद में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित मुख्य समारोह में प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जहां एक ओर जिले के विकास की तस्वीर प्रदर्शनी के माध्यम से दिखाई गई, वहीं दूसरी ओर उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरकारी सेवकों और विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
प्रशासनिक अमले और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
समारोह में मंडलायुक्त बालकृष्ण त्रिपाठी, डीआईजी अजय कुमार सिंह, जिलाधिकारी नागेंद्र प्रताप और पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में गौसेवा आयोग के सदस्य श्यामबिहारी गुप्ता ने भी शिरकत की। वक्ताओं ने उत्तर प्रदेश के गठन से लेकर अब तक की विकास यात्रा पर प्रकाश डाला और बांदा जनपद के योगदान की सराहना की।
उत्कृष्ट सेवा के लिए मिला सम्मान
स्थापना दिवस का मुख्य आकर्षण सम्मान समारोह रहा। प्रशासन की ओर से उन अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया जिन्होंने पिछले एक वर्ष में जनसेवा, राजस्व संग्रहण, कानून व्यवस्था और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में अनुकरणीय प्रदर्शन किया है।
सम्मानित होने वालों में स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर, शिक्षा क्षेत्र के नवाचारी शिक्षक, पुलिस विभाग के सजग आरक्षी और कलेक्ट्रेट के कर्मचारी शामिल रहे। अधिकारियों ने कहा कि यह सम्मान केवल एक कागज का टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह शेष कर्मचारियों के लिए प्रेरणा है कि वे जनता की समस्याओं के समाधान के लिए और अधिक तत्परता से कार्य करें।
विकास योजनाओं की प्रदर्शनी: ‘एक जनपद एक उत्पाद’ का जलवा
कलेक्ट्रेट परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा विकास प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी स्टॉल्स के माध्यम से दी गई।
- सजर पत्थर: बांदा के प्रसिद्ध सजर पत्थर (ODOP) के उत्पादों का स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहा, जहां इसकी नक्काशी और वैश्विक मांग के बारे में बताया गया।
- कृषि विभाग: किसानों को नई तकनीक, जैविक खेती और मोटे अनाज (श्री अन्न) के प्रोत्साहन के बारे में जानकारी दी गई।
- समाज कल्याण: वृद्धावस्था पेंशन, कन्या सुमंगला योजना और आयुष्मान कार्ड के लाभार्थियों के पंजीकरण और लाभ की स्थिति प्रदर्शित की गई।
गौसेवा और ग्रामीण विकास पर चर्चा
गौसेवा आयोग के सदस्य श्यामबिहारी गुप्ता ने बुंदेलखंड की विशेष परिस्थितियों और गौवंश संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस का उद्देश्य तभी सार्थक होगा जब ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने अन्ना प्रथा की समस्या से निपटने और गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हो रहे प्रयासों की जानकारी साझा की।
मंडलायुक्त और जिलाधिकारी का संबोधन
मंडलायुक्त बालकृष्ण त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। बांदा जैसे बुंदेलखंडी जिलों में केन-बेतवा लिंक परियोजना और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स ने विकास के नए द्वार खोले हैं। जिलाधिकारी नागेंद्र प्रताप ने जनपदवासियों को स्थापना दिवस की बधाई देते हुए अपील की कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना ही प्रशासन का अंतिम लक्ष्य है।
पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने कहा कि एक सुरक्षित समाज ही प्रगति कर सकता है। स्थापना दिवस पर पुलिस बल ने संकल्प लिया कि वे अपराधियों पर नकेल कसने और आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
समारोह के दौरान स्थानीय कलाकारों और स्कूली बच्चों ने बुंदेली लोक संस्कृति पर आधारित गीत और नृत्य प्रस्तुत किए। ‘दीवारी नृत्य’ और बुंदेली लोक गीतों ने सभागार में मौजूद लोगों को भावविभोर कर दिया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तर प्रदेश की ‘विविधता में एकता’ का संदेश दिया गया।
उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के इस आयोजन ने बांदा की जनता और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का काम किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों को उत्तर प्रदेश को सर्वोत्तम प्रदेश बनाने की शपथ दिलाई गई।
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