विकास कार्यों में 'बंदरबांट' का आरोप
अतर्रा/बांदा | प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times)
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को ‘स्मार्ट’ बनाने और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए भेजे जा रहे बजट में धांधली की खबरें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला बांदा जनपद की अतर्रा तहसील अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत भदावल का है। यहाँ ग्रामीणों ने विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है।
गुरुवार को भदावल गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने तहसील मुख्यालय पहुंचकर उप जिलाधिकारी (SDM) राहुल द्विवेदी को एक शिकायती ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में जो विकास कार्य कागजों पर पूर्ण दिखाए गए हैं, धरातल पर उनकी स्थिति अत्यंत दयनीय है या वे कार्य सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं।
विकास की आड़ में धन के दुरुपयोग का आरोप
ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से एसडीएम को अवगत कराया कि ग्राम पंचायत भदावल में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कराए गए निर्माण कार्यों में मानक विहीन सामग्री का प्रयोग किया गया है। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि ग्राम प्रधान और संबंधित सचिव की मिलीभगत से सरकारी धन का बंदरबांट किया गया है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि गांव में खड़ंजा निर्माण, नाली निर्माण और इंटरलॉकिंग के नाम पर भारी धनराशि निकाली गई, लेकिन हकीकत में नालियां अधूरी पड़ी हैं और पहली ही बरसात में नवनिर्मित सड़कें उखड़ने लगी हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ ऐसे कार्यों का भी भुगतान करा लिया गया है जो धरातल पर हुए ही नहीं हैं।
एसडीएम ने दिए कड़े जांच के आदेश
ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए उप जिलाधिकारी अतर्रा, राहुल द्विवेदी ने तत्काल कार्रवाई का भरोसा दिया है। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाए।
एसडीएम ने मीडिया को बताया कि:
“ग्रामीणों ने विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत की है। भ्रष्टाचार के किसी भी मामले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए एक जांच टीम गठित की जा रही है, जो मौके पर जाकर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सरकारी रिकॉर्ड का मिलान करेगी। यदि धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई और रिकवरी की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।”
ग्रामीणों में आक्रोश: जांच न होने पर आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन सौंपने पहुंचे ग्रामीणों का कहना है कि वे काफी समय से ब्लॉक स्तर पर शिकायत कर रहे थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार की जड़ें काफी गहरी हैं और इसमें निचले स्तर के कर्मचारियों का भी संरक्षण प्राप्त है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जांच निष्पक्ष नहीं हुई और दोषियों को नहीं पकड़ा गया, तो वे जिला मुख्यालय पर विशाल धरना प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों की मांग है कि ग्राम पंचायत के पिछले दो वर्षों के बैंक खातों और कराए गए कार्यों का ऑडिट किसी स्वतंत्र एजेंसी या जनपद स्तरीय अधिकारी से कराया जाए।
ग्राम पंचायत में हड़कंप का माहौल
जैसे ही ग्रामीणों द्वारा एसडीएम को ज्ञापन सौंपने और जांच के आदेश की खबर गांव पहुंची, वैसे ही पंचायत प्रतिनिधियों और विभाग से जुड़े कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार की इस जांच में कई पुराने बिलों और मस्टर रोल की बारीकी से जांच हो सकती है, जिससे कई सफेदपोशों की मुश्किलें बढ़नी तय मानी जा रही हैं।
भदावल के ग्रामीणों का यह कदम अन्य पंचायतों के लिए भी एक नजीर है, जहाँ लोग अपने अधिकारों और सरकारी धन की पारदर्शिता के लिए जागरूक हो रहे हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या भदावल के ग्रामीणों को इंसाफ मिल पाता है।
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