गंगाघाट स्टेशन का बदलेगा स्वरूप
प्रलभ शरण चौधरी/उन्नाव/Truth India Times
उन्नाव (गंगाघाट): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के अंतर्गत उन्नाव के गंगाघाट रेलवे स्टेशन का कायाकल्प अब तेज गति से होगा। मंगलवार को गति शक्ति यूनिट लखनऊ के उच्चाधिकारियों की टीम ने स्टेशन परिसर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि निर्माण कार्यों की समय सीमा और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने निर्माण एजेंसी को निर्देश दिए हैं कि स्टेशन के आधुनिकीकरण का काम अब ‘डे-नाइट शिफ्ट’ (दिन-रात) में चलाया जाए।
गति शक्ति यूनिट का कड़ा रुख
निरीक्षण दल का नेतृत्व कर रहे डिप्टी चीफ इंजीनियर ऋषि यादव के साथ जेई वर्क्स (गति शक्ति यूनिट) अभिषेक मिश्रा और असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर मनीष हरित ने स्टेशन के हर कोने का बारीकी से जायजा लिया। टीम ने प्लेटफॉर्म नंबर एक से लेकर सर्कुलेटिंग एरिया तक चल रहे निर्माण कार्यों की फाइलें जांचीं। निरीक्षण के दौरान निर्माण की धीमी गति पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई और कार्यदाई संस्था ‘एके बिल्डर्स’ को फटकार लगाते हुए काम की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश दिए।
यात्री सुविधाओं पर सबसे ज्यादा जोर
अमृत भारत स्टेशन योजना का मुख्य लक्ष्य स्टेशन को एक एयरपोर्ट जैसी विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करना है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष निर्देश दिए:
- प्लेटफॉर्म और फुटओवर ब्रिज (FOB): प्लेटफॉर्म की सतह को ऊंचा और समतल करने के साथ-साथ फुटओवर ब्रिज के काम को जल्द पूरा करने को कहा गया है ताकि यात्रियों को एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने में दिक्कत न हो।
- प्रतीक्षालय और शौचालय: स्टेशन पर आधुनिक वेटिंग हॉल (प्रतीक्षालय) और साफ-सुथरे शौचालयों के निर्माण पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छता ही रेलवे की नई पहचान है।
- प्रकाश और सर्कुलेटिंग एरिया: स्टेशन के बाहर के हिस्से (सर्कुलेटिंग एरिया) को सुंदर बनाने और पूरे परिसर में हाई-मास्ट लाइटों के जरिए दूधिया रोशनी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
- सुरक्षा मानक: निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखने की हिदायत दी गई है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना न हो।
‘समय पर काम पूरा करें, वरना होगी कार्रवाई’
डिप्टी चीफ इंजीनियर ऋषि यादव ने एके बिल्डर्स के सुपरवाइजर मदन तिवारी को दो-टूक शब्दों में कहा कि बजट की कोई कमी नहीं है, लेकिन समय की कमी है। उन्होंने कहा, “परियोजना को निर्धारित डेडलाइन के भीतर पूरा करना विभाग की प्राथमिकता है। इसके लिए लेबर की संख्या बढ़ाएं और दिन-रात काम करें। यदि कार्य में अनावश्यक देरी पाई गई या गुणवत्ता मानकों के साथ खिलवाड़ हुआ, तो संबंधित एजेंसी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
तकनीकी बारीकियों का भी हुआ परीक्षण
असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर मनीष हरित और जेई अभिषेक मिश्रा ने निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री (ईंट, सीमेंट, सरिया) की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेलवे के मानकों (Railway Standards) के अनुरूप ही सामग्री का प्रयोग होना चाहिए। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद स्थानीय रेलवे कर्मचारियों से भी फीडबैक लिया कि निर्माण के कारण ट्रेन संचालन या यात्रियों के आवागमन में क्या बाधाएं आ रही हैं।
गंगाघाट को मिलेगा नया ‘लुक’
गंगाघाट स्टेशन कानपुर और लखनऊ के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यहां से रोजाना हजारों की संख्या में दैनिक यात्री सफर करते हैं। अमृत भारत योजना के तहत इस स्टेशन का ‘री-डेवलपमेंट’ होने के बाद न केवल यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि स्थानीय व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। स्टेशन की नई बिल्डिंग का डिजाइन क्षेत्रीय संस्कृति को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है, जो यात्रियों को आकर्षित करेगा।
निष्कर्ष: विकास को मिलेगी नई गति
निरीक्षण के अंत में अधिकारियों ने विश्वास जताया कि गंगाघाट स्टेशन का कायाकल्प समय रहते पूरा कर लिया जाएगा। इस निरीक्षण से स्थानीय प्रशासन और ठेकेदारों में हड़कंप की स्थिति रही, लेकिन यात्रियों के लिए यह एक सुखद खबर है कि जल्द ही उन्हें एक आधुनिक और सर्वसुविधाजनक स्टेशन मिलने वाला है।
खबर के मुख्य अंश (Highlights):
- योजना: अमृत भारत स्टेशन योजना।
- निरीक्षण टीम: डिप्टी सीइ ऋषि यादव, जेई अभिषेक मिश्रा, एई मनीष हरित।
- मुख्य निर्देश: दिन-रात काम कर समय पर प्रोजेक्ट पूरा करना।
- प्राथमिकता: यात्री सुरक्षा, स्वच्छता और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर।
About The Author
Discover more from Truth India Times
Subscribe to get the latest posts sent to your email.