कानपुर नगर निगम का 'घमासान' लखनऊ शिफ्ट: डिप्टी सीएम केशव ने पार्षदों को तलब किया, बोले- 'ये बंटी टैक्स क्या है?'
कानपुर| प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times):
कानपुर नगर निगम में ‘अपनों’ के बीच छिड़ी जंग अब लखनऊ के गलियारों तक जा पहुंची है। मेयर प्रमिला पांडेय और भाजपा पार्षदों के बीच महीनों से सुलग रही विवाद की चिंगारी मंगलवार को उस वक्त शोला बन गई, जब पार्षदों का एक बड़ा गुट अपनी ही सरकार के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के सामने खड़ा हो गया। कानपुर के सीएसए (CSA) में हुई इस मुलाकात ने शहर की सियासत में भूचाल ला दिया है।
डिप्टी सीएम का तीखा सवाल: ‘बंटी टैक्स’ की गूँज
मुलाकात के दौरान माहौल तब गरमा गया जब डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने पार्षदों से सीधा और चुभता हुआ सवाल किया। उन्होंने पूछा, “यह ‘बंटी टैक्स’ क्या है, जिसकी चर्चा बार-बार सुनाई दे रही है?” दरअसल, कानपुर नगर निगम के गलियारों में पिछले कुछ समय से ‘बंटी टैक्स’ का जिक्र रिश्वतखोरी और कमीशनखोरी के संदर्भ में दबी जुबान में किया जा रहा था। डिप्टी सीएम के इस सवाल ने यह साफ कर दिया है कि शासन तक भ्रष्टाचार की शिकायतें पहुँच चुकी हैं। पार्षदों ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के नाम पर अवैध वसूली और बंदरबांट हो रही है, जिससे भाजपा की छवि जनता के बीच धूमिल हो रही है।
पार्षदों की शिकायत: ‘मेयर की तानाशाही और उपेक्षा’
बीजेपी पार्षदों ने डिप्टी सीएम को बताया कि नगर निगम में उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। पार्षदों का आरोप है कि:
- नगर निगम में अधिकारियों और मेयर की मिलीभगत से पार्षदों के क्षेत्रों की उपेक्षा की जा रही है।
- विकास कार्यों की फाइलें महीनों तक अटकी रहती हैं।
- निगम के कामकाज में बाहरी लोगों का हस्तक्षेप बढ़ गया है।
पार्षदों ने एक सुर में कहा कि यदि समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया गया, तो आगामी चुनावों में जनता को जवाब देना मुश्किल हो जाएगा।
लखनऊ में होगी ‘अंतिम पंचायत’
पार्षदों की शिकायतों को सुनने के बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी नाराज पार्षदों को लखनऊ तलब किया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संगठन के भीतर चल रहे इस मनमुटाव को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।
माना जा रहा है कि लखनऊ में होने वाली इस बैठक में मेयर प्रमिला पांडेय, नगर आयुक्त और पार्षदों के प्रतिनिधियों को एक साथ बैठाकर मामले का निपटारा किया जाएगा। सूत्रों की मानें तो डिप्टी सीएम ने इस विवाद पर अपनी एक गोपनीय रिपोर्ट भी तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
कानपुर की साख पर लगा दाग
यह पहला मौका नहीं है जब कानपुर नगर निगम के भीतर इस तरह की गुटबाजी सामने आई हो, लेकिन इस बार मामला भ्रष्टाचार के आरोपों (‘बंटी टैक्स’) तक पहुँचने के कारण ज्यादा गंभीर हो गया है। विपक्षी दल भी अब इस ‘अंतर्कलह’ को मुद्दा बनाकर भाजपा पर हमलावर हैं। उनका कहना है कि जो सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन का दावा करती है, उसके अपने पार्षद ही वसूली के आरोप लगा रहे हैं।
क्या होगी कार्रवाई?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि डिप्टी सीएम द्वारा ‘बंटी टैक्स’ का जिक्र करना इस बात का संकेत है कि नगर निगम के कुछ अधिकारियों या बिचौलियों पर गाज गिर सकती है। लखनऊ में होने वाली बैठक में मेयर की कार्यशैली और पार्षदों के अधिकारों के बीच एक नई लक्ष्मण रेखा खींची जा सकती है।
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