कबाड़ गोदाम से उठी लपटों ने 30 झोपड़ियों को किया राख
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
कानपुर | उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगर कानपुर में शुक्रवार का दिन हादसों भरा रहा। शहर के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। पहली घटना बर्रा-7 इलाके की है, जहाँ एक कबाड़ गोदाम में लगी आग ने देखते ही देखते पूरी बस्ती को अपनी चपेट में ले लिया। वहीं, दूसरी घटना जूही थाना क्षेत्र की है, जहाँ एक फर्नीचर गोदाम शॉर्ट सर्किट की भेंट चढ़ गया। दमकल विभाग की मुस्तैदी से बड़ी जनहानि तो टल गई, लेकिन लाखों का माल जलकर खाक हो गया है।
बर्रा-7: 30 झोपड़ियां जलकर राख, 3 घंटे चला रेस्क्यू
बर्रा-7 स्थित एक अवैध झुग्गी-झोपड़ी बस्ती और कबाड़ गोदाम में शुक्रवार तड़के करीब 5 बजे संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। चूँकि गोदाम में प्लास्टिक और कबाड़ का भारी स्टॉक था, इसलिए आग ने पल भर में विकराल रूप धारण कर लिया। आसमान में धुएं का काला गुबार देख इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
गुजैनी थाना प्रभारी राजन शर्मा के मुताबिक, यह बस्ती करीब 500 मीटर के दायरे में अवैध रूप से बसी थी। आग लगने के समय अधिकतर लोग सो रहे थे, लेकिन लपटें उठती देख सभी ने भागकर अपनी जान बचाई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 7 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर पूरी तरह काबू पाया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई भी व्यक्ति हताहत नहीं हुआ, हालांकि 30 से अधिक परिवारों की झोपड़ियां और उनमें रखा सामान पूरी तरह जल गया।
जूही: फर्नीचर गोदाम में भड़की आग, 8 लाख का नुकसान
आग की दूसरी वारदात जूही थाना क्षेत्र के पॉपुलर धर्मकांटे के पास हुई। यहाँ नौबस्ता के खाड़ेपुर निवासी पप्पू शर्मा की ‘श्री सद्गुरु गद्दा और फर्नीचर’ के नाम से दुकान और गोदाम है। शुक्रवार देर रात अचानक गोदाम के पिछले हिस्से से धुआं और लपटें उठने लगीं।
स्थानीय लोगों की सजगता के कारण दुकानदार को तुरंत सूचना दी गई। दुकानदार पप्पू शर्मा ने मौके पर पहुंचकर पुलिस और दमकल विभाग को सूचित किया। फायर ब्रिगेड की 3 गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग को बुझाया। दुकानदार के अनुसार, अगर सूचना मिलने में थोड़ी भी देरी होती तो करोड़ों का नुकसान हो सकता था। फिलहाल, इस आगजनी में करीब 8 लाख रुपये का फर्नीचर और गद्दे जलकर राख हो गए हैं। स्थानीय लोगों की मदद से काफी सामान सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
जांच में जुटा दमकल विभाग
कानपुर के मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) दीपक शर्मा ने बताया कि दोनों ही घटनाओं में आग लगने के कारणों की गहनता से जांच की जा रही है। बर्रा की घटना में आग लगने का कारण संदिग्ध माना जा रहा है, जबकि जूही की घटना में प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट को वजह माना जा रहा है।
“शहर में गर्मी बढ़ने के साथ ही आगजनी की घटनाएं बढ़ रही हैं। हमने सभी महत्वपूर्ण व्यावसायिक क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। बर्रा में आग विकराल थी, लेकिन समय पर पहुंची 7 गाड़ियों ने उसे आबादी वाले अन्य हिस्सों में फैलने से रोक लिया।” — दीपक शर्मा, सीएफओ
अवैध बस्तियों पर उठे सवाल
बर्रा-7 की घटना ने एक बार फिर सरकारी जमीनों पर बसी अवैध बस्तियों और वहां चल रहे अवैध कबाड़ गोदामों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि 500 मीटर के दायरे में यह कब्जा अवैध था, जहाँ सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई थी।
इस अग्निकांड ने कई गरीब परिवारों के सिर से छत छीन ली है। प्रशासन अब नुकसान का आंकलन कर पीड़ितों की सहायता के प्रयास में जुटा है।
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